फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   There was no agreement between the agitators and the administrative officials, the cremation of the dead body did not happen even after three days

खेदड़ प्लांट की राख का विवाद: तीन घंटे चली वार्ता, केस दर्ज और युवकों को रिहा करने पर नहीं बनी सहमति

Tue, 12 Jul 2022 01:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा) Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 12 Jul 2022 01:58 AM IST
सार

तीन दिन बाद भी किसान के शव का अंतिम संस्कार नहीं किया। 13 जुलाई को महापंचायत बुलाई गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रो. संपत सिंह, कांग्रेस की पूर्व प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा और पूर्व विधायक प्रो. छतरपाल धरना स्थल पर पहुंचे।

विज्ञापन
There was no agreement between the agitators and the administrative officials, the cremation of the dead body did not happen even after three days
प्रशासन के साथ बैठक करते कमेटी के सदस्य। - फोटो : Hisar

विस्तार

हरियाणा के हिसार में राजीव गांधी खेदड़ पावर प्लांट की राख के लिए आंदोलनकारियों और पुलिस में हुए टकराव में किसान धर्मपाल सहारण की मौत के मामले में सोमवार को एक बार फिर कमेटी और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बैठक हुई। तीन घंटे में दो बार वार्ता हुई लेकिन पुलिस द्वारा पकड़े चार युवकों को रिहा करने और दर्ज केस रद्द करने पर सहमति नहीं बन सकी।

विज्ञापन


वहीं तीन दिन बाद भी किसान के शव का अंतिम संस्कार नहीं हो पाया है। सोमवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रो. संपत सिंह, कांग्रेस की पूर्व प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा और पूर्व विधायक प्रो.छतरपाल सिंह खेदड़ में धरने पर किसानों के बीच पहुंचे।
विज्ञापन


प्रशासन कर रहा टालमटोल
दो दौर की वार्ता विफल होने के बाद सोमवार को आंदोलकारियों द्वारा गठित की गई कमेटी और प्रशासन की कमेटी के बीच तीसरे दौर की वार्ता शाम चार बजे शुरू हुई। करीब तीन घंटे वार्ता चली। दो दौर की वार्ता हुई, लेकिन सोमवार को कोई नतीजा नहीं निकला। कमेटी के सदस्यों ने वार्ता के बाद मीडिया को बताया कि हमने अपनी सभी मांगें कमेटी के सामने रखीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


सरकार की कमेटी मांगों को लेकर टालमटोल का रवैया अपना रही है। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि 13 जुलाई को होने वाली महापंचायत में बड़ा फैसला लिया जाएगा। इस मौके पर किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी, शमशेर खेदड़, कलीराम, सतेंद्र सहारण, शमशेर नंबरदार, सरदानंद राजली, कुलदीप खरड़, सूबेसिंह आर्य, विकास सीसर, धर्मपाल बड़ाला, जोगिंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।

काला पटका बांध पहुंचे छत्रपाल, बोले-लठ लेकर आगे चलने से इस्तीफे को हैं तैयार
गांव खेदड़ की गोशाला संघर्ष समिति के सदस्य, ग्रामीण, आस पास के क्षेत्र से खाप प्रतिनिधि, किसान नेता लगातार 88वें दिन भी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ धरने पर बैठे। सोमवार को पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता प्रो. छत्रपाल सिंह सिर पर काले रंग का पटका बांधकर धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि 8 जुलाई की इस घटना से वे काफी आहत हैं। खेदड़ गांव के लोग उन्हें जो आदेश देंगे वह उसकी हर हाल में पालना करेंगे। चाहे वह इस्तीफा देने की बात हो या लठ लेकर आगे चलने की। मेरा एक भी कदम पीछे नहीं हटेगा।


कांग्रेस की पूर्व प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा ने कहा कि भाजपा सरकार वादे तो कर लेती है लेकिन उन्हें पूरा नहीं करती। ऐसी सरकार पर विश्वास कैसे करें। किसी भी परिवार के लिए यह कितनी दुख की बात होती है कि वह अपने परिवार के सदस्य का अंतिम संस्कार न कर सकें। मौजूदा सरकार मामले में पूरी तरह से कसूरवार है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed