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बदइंतजामी : चौराहों पर लगता है जाम, कहीं सिग्नल में टाइमर नहीं तो कहीं सड़कों पर नहीं कैट आई
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मुनीष कुमार
हिसार। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह अस्त-व्यस्त है। ट्रैफिक की बदहाली का एक प्रमुख कारण ट्रैफिक सिग्नल में गड़बड़ी भी है। शहर के प्रमुख चौराहों पर सिग्नल में टाइमर नहीं होने से लोग बिना रोकटोक आगे बढ़ जाते हैं। इसके अलावा जेब्रा कॉसिंग का अनदेखा कर वाहन चालक आगे बढ़ जाते हैं। इस कारण अव्यवस्था फैल रही है। कई जगहों पर सड़कों पर कैट आई नहीं है, जिस कारण रात के समय हादसों का डर बना रहता है। इस बदइंतजामी के कारण शहर में दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है।
ट्रैफिक नियमों की पालना करवाने वाली पुलिस स्वयं ही नियमों की धज्जियां उड़ाने व उड़वाने का काम कर रही है। किसी जगह ट्रैफिक लाइट खराब पड़ी है तो किसी जगह ट्रैफिक कर्मी न होने के कारण ट्रैफिक सिग्नल को लोग फॉलो नहीं कर रहे हैं। बीकानेर चौक के पास हर रोज सुबह से शाम तक जाम लगा रहता है। इसका एक कारण यहां लगी ट्रैफिक लाइट खराब पड़ी है। राजगढ़ नाके पर ट्रैफिक कर्मी की तैनाती नहीं है, सिर्फ एक सिपाही या होमगार्ड व्यवस्था के लिए लगा नजर आता है।
संकेतक, कैट आई नहीं होने से धुंध बन सकती है आफत
मौसम का मिजाज बदने से सुबह और रात के समय धुंध छाने लगी है। ऐसे में सड़कों पर संकेतक या कैट आई नहीं होने से धुंध में हादसों का डर सता रहा है। कई जगह सफेद पट्टी गायब है तो कहीं बिना सफेद पट्टी लगे स्पीड ब्रेकर बन हैं। कहने को जेब्रा कॉसिंग पैदल चलने वालों के लिए बनाई गई है लेकिन रुकने का सिग्नल आने पर इससे आगे तो वाहन चालक खुद निकल जाते हैं।
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महिलाएं भी बसों की खिड़की पर खड़े होकर सफर करने को मजबूर
बसों में निर्धारित सीट से ज्यादा सवारियों को बिठाया जाता है। ऐसे में कई लोग बसों की खिड़की पर खड़े होकर सफर करने को मजबूर होते हैं। हालत है कि छात्राएं को घर समय पर पहुंचने के लिए जान जोखिम में डाल सफर करना पड़ता है। बसों में महिलाओं के लिए स्पेशल सीट होती हैं, जिसके बावजूद वह खड़े होकर गंतव्य तक पहुंचती हैं।
इसमें फोटो नंबर - 101 का इस्तेमाल करें।
मास्क से लेकर हेलमेट तक का नियम टूट रहा
कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के खतरे को भांपते हुए मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है। बुधवार को डीआईजी बलवान सिंह राणा ने आदेश जारी कर कहा कि पिछले 6 दिन में बिना मास्क के घूमने वालों के 1019 चालान किए गए हैं। कभी आदेश दिए जाते हैं कि हेलमेट पहनना अनिवार्य है। ये आदेश शायद आमजन के लिए ही हैं। शहर की सड़कों पर बिना मास्क और हेलमेट के कई पुलिस वाले नजर आते हैं, इन्हें कोई नहीं रोकता-टोकता।
वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाने का काम शुरू किया गया है, लेकिन अभी उसे गति नहीं दी गई है। ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर लोगों को जागरूक किया जाता है। लापरवाह वाहन चालकों के चालान किए जाते हैं। - इंस्पेक्टर जसवंत, ट्रैफिक थाना प्रभारी, हिसार
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हिसार। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह अस्त-व्यस्त है। ट्रैफिक की बदहाली का एक प्रमुख कारण ट्रैफिक सिग्नल में गड़बड़ी भी है। शहर के प्रमुख चौराहों पर सिग्नल में टाइमर नहीं होने से लोग बिना रोकटोक आगे बढ़ जाते हैं। इसके अलावा जेब्रा कॉसिंग का अनदेखा कर वाहन चालक आगे बढ़ जाते हैं। इस कारण अव्यवस्था फैल रही है। कई जगहों पर सड़कों पर कैट आई नहीं है, जिस कारण रात के समय हादसों का डर बना रहता है। इस बदइंतजामी के कारण शहर में दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है।
ट्रैफिक नियमों की पालना करवाने वाली पुलिस स्वयं ही नियमों की धज्जियां उड़ाने व उड़वाने का काम कर रही है। किसी जगह ट्रैफिक लाइट खराब पड़ी है तो किसी जगह ट्रैफिक कर्मी न होने के कारण ट्रैफिक सिग्नल को लोग फॉलो नहीं कर रहे हैं। बीकानेर चौक के पास हर रोज सुबह से शाम तक जाम लगा रहता है। इसका एक कारण यहां लगी ट्रैफिक लाइट खराब पड़ी है। राजगढ़ नाके पर ट्रैफिक कर्मी की तैनाती नहीं है, सिर्फ एक सिपाही या होमगार्ड व्यवस्था के लिए लगा नजर आता है।
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संकेतक, कैट आई नहीं होने से धुंध बन सकती है आफत
मौसम का मिजाज बदने से सुबह और रात के समय धुंध छाने लगी है। ऐसे में सड़कों पर संकेतक या कैट आई नहीं होने से धुंध में हादसों का डर सता रहा है। कई जगह सफेद पट्टी गायब है तो कहीं बिना सफेद पट्टी लगे स्पीड ब्रेकर बन हैं। कहने को जेब्रा कॉसिंग पैदल चलने वालों के लिए बनाई गई है लेकिन रुकने का सिग्नल आने पर इससे आगे तो वाहन चालक खुद निकल जाते हैं।
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महिलाएं भी बसों की खिड़की पर खड़े होकर सफर करने को मजबूर
बसों में निर्धारित सीट से ज्यादा सवारियों को बिठाया जाता है। ऐसे में कई लोग बसों की खिड़की पर खड़े होकर सफर करने को मजबूर होते हैं। हालत है कि छात्राएं को घर समय पर पहुंचने के लिए जान जोखिम में डाल सफर करना पड़ता है। बसों में महिलाओं के लिए स्पेशल सीट होती हैं, जिसके बावजूद वह खड़े होकर गंतव्य तक पहुंचती हैं।
इसमें फोटो नंबर - 101 का इस्तेमाल करें।
मास्क से लेकर हेलमेट तक का नियम टूट रहा
कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के खतरे को भांपते हुए मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है। बुधवार को डीआईजी बलवान सिंह राणा ने आदेश जारी कर कहा कि पिछले 6 दिन में बिना मास्क के घूमने वालों के 1019 चालान किए गए हैं। कभी आदेश दिए जाते हैं कि हेलमेट पहनना अनिवार्य है। ये आदेश शायद आमजन के लिए ही हैं। शहर की सड़कों पर बिना मास्क और हेलमेट के कई पुलिस वाले नजर आते हैं, इन्हें कोई नहीं रोकता-टोकता।
वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाने का काम शुरू किया गया है, लेकिन अभी उसे गति नहीं दी गई है। ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर लोगों को जागरूक किया जाता है। लापरवाह वाहन चालकों के चालान किए जाते हैं। - इंस्पेक्टर जसवंत, ट्रैफिक थाना प्रभारी, हिसार

बीकानेर चौक पर खराब पड़ी ट्रैफिक लाइट। संवाद- फोटो : Hisar

यातायात नियमों का उल्लंघन कर जेब्रा क्रॉसिंग से आगे खड़े वाहन चालक । संवाद- फोटो : Hisar