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Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   The wonderful episodes of Ravana's penance and the divine play of Lord Ram's birth, showcased in Katla Ramlila.

Hisar News: रावण तपस्या और राम जन्म की लीला, कटला रामलीला में दिखाए गए अद्भुत प्रसंग

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 23 Sep 2025 11:46 PM IST
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The wonderful episodes of Ravana's penance and the divine play of Lord Ram's birth, showcased in Katla Ramlila.
पुराने राजकीय महाविद्यालय के मैदान में रामलीला का मंचन करते कलाकार।
हिसार। पुराना गवर्नमेंट कॉलेज मैदान में श्रीरामलीला कमेटी कटला की ओर से मंगलवार रात रावण तपस्या, पृथ्वी पुकार और राम जन्म बधाई प्रसंग का मंचन हुआ। लीलाओं का जीवंत प्रदर्शन देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो उठे और पूरा पंडाल ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से गूंज उठा।
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मंचन में दिखाया गया कि रावण ने कठोर तपस्या कर भगवान ब्रह्मा और शिव को प्रसन्न किया। तपस्या के फलस्वरूप उसे अपार ज्ञान और शक्ति प्राप्त हुई। इसी दौरान उसे दस सिर का वरदान मिला, जो शास्त्रों और वेदों की निपुणता का प्रतीक था।
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इसी प्रसंग में दिखाया गया कि किस प्रकार मेघनाद ने अपनी मायावी शक्तियों और अस्त्र-शस्त्रों से देवताओं को परास्त कर ‘इंद्रजीत’ की उपाधि पाई। ब्रह्मा ने उसे वरदान दिया कि निकुंभला यज्ञ के बीच में जो विघ्न डालेगा वही उसकी मृत्यु का कारण बनेगा। बाद में यही प्रसंग लक्ष्मण द्वारा यज्ञ विध्वंस और मेघनाद वध के रूप में प्रकट हुआ।
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रामलीला में मुख्य अतिथि के रूप में एक्सप्रेस रोडवेज हिसार से महेंद्र कुमार गुप्ता उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के तौर पर राजेश गुप्ता और राजकुमार गुप्ता ने शिरकत की। इस अवसर पर वीरभान बंसल, सज्जन गुप्ता, सुरेंद्र लाहौरिया, विनोद गुप्ता, ऋषि राज बुडाकिया, विनोद कंसल, जनकराज, राजेंद्र बंसल, राहुल गर्ग, राजेश शर्मा, चंद्रभान सोनी, राधेश्याम और प्रेम कश्यप सहित अनेक गणमान्य मौजूद रहे।

राम जन्म पर उमड़ी खुशी
भावेश कृष्ण भारद्वाज ने राम जन्म कथा का वर्णन करते हुए बताया कि भगवान विष्णु ने त्रेतायुग में अयोध्या के राजा दशरथ और रानी कौशल्या के घर पुत्र रूप में जन्म लिया। पुत्रेष्टि यज्ञ के प्रसाद से कौशल्या गर्भवती हुईं और चैत्र शुक्ल नवमी को भगवान राम का जन्म हुआ। जन्म के साथ ही देवताओं ने पुष्प वर्षा की और अप्सराओं ने नृत्य कर उल्लास मनाया।
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