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धान्सू के ग्रामीणों ने खुद मिट्टी हटाकर खोला रास्ता
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धान्सू मार्ग बंद करने को लेकर डाली गई मिट्टी को हटाते ग्रामीण। संवाद
- फोटो : Hisar
हिसार। महाराजा अग्रसेन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के मेगा प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए प्रशासन ने धान्सू रोड को बंद कर दिया था। चौथे दिन ग्रामीणों ने खुद मिट्टी हटाकर रास्ता खोल दिया। रास्ते खुलने के साथ वाहनों का आवागमन सुचारु हो गया। वहीं, ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन पहले वैकल्पिक रास्ता दे फिर इस मार्ग को बंद करे। बता दें कि बुधवार को उपायुक्त की तरफ से ठोस आश्वासन न मिलने के बाद ग्रामीणों ने खुद ही रास्ता खोलने की घोषणा की थी।
वीरवार सुबह 10 बजे ग्रामीण धान्सू रोड पर एकत्रित हुए। इसके बाद उन्होंने कस्सी की मदद से मिट्टी के ढेर हो हटाना शुरू किया। दोपहर एक बजे तक ग्रामीणों ने मिट्टी के ढेर को हटाकर वाहनों के लिए रास्ता पूरी तरह से खोल दिया। उधर, संघर्ष समिति के अनुसार पहले वह उपमुख्यमंत्री व मुख्यमंत्री से मिलकर इस समस्या का हल करवाने का प्रयास करेंगे। इसके बाद अगर समस्या का समाधान नहीं होता है तो उन्हें मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
बरवाला से पूर्व विधायक रामनिवास घोड़ेला ने कहा कि इस मार्ग पर धान्सू के अलावा सुलखनी, घिराय सहित अन्य गांव पड़ते हैं। इन गांवों के हजारों ग्रामीण रोज इस रास्ते से हिसार आवागमन करते हैं, लेकिन रास्ता बंद होने से उन्हें असुविधा हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में सीधे तौर पर अफसरशाही हावी है और गलत नीतियों के कारण ग्रामीणों को बिना कोई विकल्प दिए रास्ता बंद कर दिया गया है।
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वीरवार सुबह 10 बजे ग्रामीण धान्सू रोड पर एकत्रित हुए। इसके बाद उन्होंने कस्सी की मदद से मिट्टी के ढेर हो हटाना शुरू किया। दोपहर एक बजे तक ग्रामीणों ने मिट्टी के ढेर को हटाकर वाहनों के लिए रास्ता पूरी तरह से खोल दिया। उधर, संघर्ष समिति के अनुसार पहले वह उपमुख्यमंत्री व मुख्यमंत्री से मिलकर इस समस्या का हल करवाने का प्रयास करेंगे। इसके बाद अगर समस्या का समाधान नहीं होता है तो उन्हें मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
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बरवाला से पूर्व विधायक रामनिवास घोड़ेला ने कहा कि इस मार्ग पर धान्सू के अलावा सुलखनी, घिराय सहित अन्य गांव पड़ते हैं। इन गांवों के हजारों ग्रामीण रोज इस रास्ते से हिसार आवागमन करते हैं, लेकिन रास्ता बंद होने से उन्हें असुविधा हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में सीधे तौर पर अफसरशाही हावी है और गलत नीतियों के कारण ग्रामीणों को बिना कोई विकल्प दिए रास्ता बंद कर दिया गया है।
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