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गैंगरेप पीड़िता के परिवार ने छोड़ा गांव
hisar
Updated Wed, 26 Mar 2014 11:49 PM IST
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जिले के एक गांव में दलित युवती के साथ अगवा कर गैंगरेप के मामले में पीड़ित परिवार ने गांव छोड़ दिया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि जब तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा तब तक वे गांव नहीं लौटेंगे।
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वहीं, परिजनों ने अपनी बेटियों को भी रिश्तेदारी में भेज दिया है।
वहीं, पुलिस ने बुधवार देर रात दो आरोपियों ललित और संदीप को कैंट एरिया से गिरफ्तार कर लिया। दबंग युवकों ने दो सगी बहनों सहित चार लड़कियों को अगवा कर लिया था, इनमें से दो नाबालिग हैं।
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पीड़ित परिवार और दलित संगठन बुधवार सुबह से ही लघु सचिवालय में धरने पर बैठ गए। देर रात को पीड़ित परिवार शहर में मिलगेट एरिया और आजाद नगर एरिया में अपने रिश्तेदारों के यहां रहने के लिए चले गए।
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इस प्रकरण से जुडे़ सतीश कुमार ने बताया कि पीड़ित परिवार के पुरुष लघु सचिवालय स्थित धरने पर रहे। परिजनों ने कहा कि जब तक सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं होते वे गांव में नहीं जाएंगे।
पीड़ित परिवार कई जनसंगठनों और पंचायत के साथ पुलिस कप्तान शिबास कविराज से बुधवार को मिला। पीड़ित युवती की मां ने एसपी के सामने ही कहा कि हमारे परिवार को जान का खतरा है।
पहले लड़कियों का स्कूल दबंगों के डर से छुड़वा दिया। अब अत्याचार के बाद उन्हें रिश्तेदारियों में भेजा है। ग्रामीणों ने सरपंच पर भी आरोपियों से मिलीभगत के आरोप लगाए हैं।
परिवार ने महिला आईपीएस से मामले की जांच करवाने की गुहार लगाई। इस पर एसपी ने जांच का जिम्मा एएसपी मनीषा चौधरी को सौंपा है।
पुलिस पीआरओ हरीश भारद्वाज ने बताया कि गांव में पीड़ित परिवारों को सुरक्षा मुहैया करवाई गई है। परिजनों की मांग व एसपी के आदेश पर गांव में 24 घंटे लगातार एक पुलिस पीसीआर तैनात रहेगी।
इसके अलावा सदर थाना प्रभारी कपिल को भी निर्देश हैं कि वे इस मामले में पूरी तरह सतर्क रहें। समय-समय पर गश्त भी की जा रही है।
एसपी को पीड़ित परिवार ने कहा कि दबंगों के लड़के उनकी बेटियों को छेड़ने के लिए स्कूल के अंदर तक घुस जाते थे। इज्जत का डर था, इसलिए स्कूल जाने से भी बेटियों को रोका, लेकिन दबंगों ने अत्याचार कर ही दिया।
परिवार ने कहा कि गांव के दलित लोग खौफ में जी रहे हैं, कुछ ऐसा करो ताकि उनका खौफ खत्म हो। महिला ने कहा कि डर के मारे उन्होंने अपनी लड़कियों को तो रिश्तेदारियों में भेज दिया है, लेकिन हम कहां जाएं।
पहले भी कितने परिवार गांव से पलायन कर लघुसचिवालय में बैठे हैं। परिजनों ने मांग की कि इस मामले की जांच वे महिला आईपीएस से करवाना चाहते हैं, जिस पर उन्होंने एएसपी मनीषा चौधरी द्वारा जांच करवाए जाने की बात कही।
दलित युवती के साथ दुराचार और उसकी तीन सहेलियों से छेड़छाड़ की घटना के बाद जनवादी महिला समिति सदस्य सहित कई अन्य जनसंगठन भी पुलिस कप्तान शिबास कविराज से मिले।
उन्होंने मांग की है कि पीड़ित युवतियों को फ्री मेडिकल ट्रीटमेंट, काउंसिलिंग, पढ़ाई के लिए व्यवस्था और प्रशासन की तरफ से आर्थिक सहायता दी जाए। इस पर पुलिस कप्तान ने उन्हें हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
पीड़ित युवतियों के परिजनों और जनसंगठनों ने एसपी को कहा कि इस पूरे मामले में सरपंच और उसके परिवार के लोग शामिल रहे हैं।
परिजनों ने कहा कि सरपंच और उसके भाई ने लड़कियों पर मामला किसी को बताने पर जान से मारने तक की धमकी दी थी।
इस पर एसपी ने कहा कि अगर ऐसा है तो दोबारा से जांच करने पर इस मामले में शामिल दूसरे लोगों पर भी जल्द केस दर्ज किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अगर पांच आरोपियों के अलावा सरपंच या उसके परिवार के लोगों की अथवा किसी अन्य सदस्य की भूमिका होगी तो सरपंच पर भी कार्रवाई की जाएगी।
मंगलवार देर रात को मेडिकल करवाया गया है। मेडिकल रिपोर्ट अभी बाकी है। इसके लिए डॉक्टर की ओपिनियन भी ली जानी है। आरोपियों को भी जल्द ही काबू कर लिया जाएगा। - मनीषा चौधरी, एएसपी, हिसार
एसपी शिबास कविराज ने बताया कि पुलिस ने गैंगरेप मामले में दो आरोपियों को पकड़ लिया है लिया है। पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार स्पेशल टीमें गठित की गई है।
पुलिस पीआरओ हरीश भारद्वाज ने बताया कि युवतियों ने एफआईआर में बताया था कि आरोपी युवक उन्हें नशीला पदार्थ सुंघाकर एक गाड़ी में अगवा कर ले गए थे। अब उस बड़ी गाड़ी की तलाश की जा रही है।
गैंगरेप मामले में कई जनसंगठन और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता डीसी एमएल कौशिक और एसपी शिबास कविराज से मिले। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी और परिवार को सुरक्षा मुहैया करवाए जाने की मांग की है।
ह्यूमन राइट लॉ नेटवर्क और दलित विधि चेतना मंच के प्रदेश संयोजक अधिवक्ता रजत कलसन, बहुजन समाज पार्टी से जुड़े बजरंग इंदल, बहुजन आजाद मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष संजय चौहान, डॉ. अंबेडकर स्टूडेंट फ्र्रंट ऑफ इंडिया के प्रदीप अंबेडकर, ज्योति सावित्री बाई फूले अधिकार मंच की कमलेश राय, गुरु रविदास महासभा और डॉ. अंबेडकर महासभा सहित विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने एसपी और बाद में जिला उपायुक्त से मुलाकात की।
एसपी से मुलाकात के दौरान गांव के सरपंच सहित सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी तथा पीड़ितों की सुरक्षा की मांग की।
संगठन सदस्यों ने कहा कि पीड़ित परिवारों के मुखियाओं पर जबरदस्ती समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा है। उन पर गांव छोड़ने का दबाव भी बनाया जा रहा है, जिसके चलते वे सहमे हुए हैं।
उन्होंने मांग की है कि मामले की तफ्तीश एससी एसटी एक्ट के तहत करते हुए 30 दिन में पूरा करके चालान अदालत में पेश किया जाए। लड़कियों के एमएमएस बनाने की भी गंभीरता से जांच की जाए।
गैंगरेप मामले में पुलिस की मुसीबतें बढ़ गई हैं। लोकसभा चुनाव से पहले यह वारदात कोई सियासी मुद्दा न बन जाए, इसलिए पुलिस अधिकारियों को निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए गए हैं।
उधर, मामले में एससी आयोग ने कड़ा संज्ञान लेते हुए हिसार प्रशासन से दो दिन में रिपोर्ट मांगी है। डीजीपी एसएन वशिष्ठ ने इस मामले में पुलिस को पूरी तरह से निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने बताया कि फिलहाल पुलिस ने इस मामले में कुछ युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह ने हिसार के पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए हैं कि वे वीरवार शाम तक इस मामले में रिपोर्ट पेश करें।
आयोग ने पुलिस से पूछा है कि इस प्रकरण में आरोपियों पर किन धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पीड़ित लड़कियों का मेडिकल किस समय हुआ और आरोपियों की गिरफ्तारी का क्या स्टेटस है।
इस मामले में संज्ञान लेते हुए मैंने हिसार के पुलिस अधीक्षक से रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट आने के बाद ही आयोग की ओर से उचित कार्रवाई की जाएगी। - ईश्वर सिंह, सदस्य, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग
क्षेत्र के एक गांव मेें 23 मार्च रात करीब साढ़े 7-8 बजे चारों लड़कियां शौच के लिए जोहड़ की तरफ गई थी। वहां पर ललित, संदीप, सुमित और दो अन्य युवक गाड़ी लेकर आ गए।
इनमें से एक युवती के साथ पांचों युवकों ने छेड़छाड़ की और उसे गाड़ी में डालने लगे। साथ खड़ी तीन अन्य लड़कियों ने उनका विरोध किया तो उनके साथ भी छेड़छाड़ की गई और जातिसूचक गालियां दी गई। आरोपी युवकों ने उन्हें नशीला पदार्थ सुंघा दिया और वे बेहोश हो गई।
इनमें से एक लड़की के साथ दुराचार किया गया। आरोपी लड़कियों को बठिंडा ले गए। पीड़ितों का कहना है कि गांव के सरपंच ने उन्हें फोन कर लड़कियों के बठिंडा में होने की सूचना दी। इस पर परिजन लड़कियों को बठिंडा से लेकर आए।
डाबड़ा गैंग रेप पीड़िता भी जनवादी महिला समिति सदस्यों के साथ एसपी से मिली। डाबड़ा पीड़िता ने कहा कि वह इस मामले में पीड़ित लड़कियों को मानसिक रूप से सहारा देने के लिए उनसे बात करेगी।