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Hisar News: महिलाओं के सुरक्षित सफर की अधूरी डगर
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रोडवेज डिपो में वर्कशॉप के बाहर खड़ी पिंक बस।
हिसार। महिलाओं और छात्राओं को सुरक्षित परिवहन व्यवस्था मुहैया कराने के उद्देश्य से वर्ष 2020 में शुरू की गई पिंक बस सेवा पटरी से उतर चुकी है। हिसार डिपो को मिलीं 9 पिंक मिनी बसें महिलाओं को कॉलेज या स्कूल पहुंचाने के बजाय रोडवेज कर्मचारियों की फ्लाइंग ड्यूटी, बैंक से कैश लाने-ले जाने और अन्य विभागीय कार्यों के लिए दौड़ रही हैं।
दो पिंक बसें हांसी सब-डिपो में जर्जर हालत में खड़ी हैं जबकि दो अन्य बसें रखरखाव नहीं होने से जवाब दे चुकी हैं। एक बस दुर्घटनाग्रस्त होने से हिसार रोडवेज डिपो में खड़ी है। दो बसें फ्लाइंग ड्यूटी पर तैनात हैं और एक का इस्तेमाल बैंक से कैश लाने-ले जाने के लिए किया जा रहा है। फिलहाल एकमात्र ठीक बस को यात्रियों के लिए एयरपोर्ट रूट पर चलाया जा रहा है। संवाद
कोविड के बाद से थमे पहिए
कोविड-19 के दौरान शहर में पिंक बसों का संचालन बंद कर दिया गया था। इसके बाद से महिलाओं के लिए इनका नियमित परिचालन लगभग ठप है। हिसार में तीन विश्वविद्यालय, पांच कॉलेज, दो आईटीआई, एक बहुतकनीकी संस्थान (पॉलीटेक्निक) सहित कई बड़े स्कूल व शिक्षण संस्थान हैं। रोजाना हजारों की संख्या में छात्राएं और महिलाएं शहर में गांवों से शहर के बीच आवागमन करती हैं। पिंक बसों के न चलने और कॉलेजों के लिए चलाई जाने वाली विशेष बसों के बंद होने के कारण छात्राओं को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है।
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पिंक बसों की वर्तमान स्थिति
कुल पिंक बसें : 09
फ्लाइंग ड्यूटी : 02
हांसी में खराब खड़ी : 02
खराब हो चुकी बसें: 02
एयरपोर्ट रूट : 01
बैंक ड्यूटी : 01
दुर्घटनाग्रस्त : 01
डिपो को मिलीं पिंक बसों में से अधिकतर खराब हो चुकी हैं। दो बसों को फिलहाल विभाग के अलग-अलग कार्यों के लिए चलाया जा रहा है। सभी बसों की मौजूदा स्थिति क्या है और इन्हें रूटों पर चलाने के लिए क्या करना पड़ेगा। इस संंबंध में शीघ्र ही बैठक बुलाकर आवश्यक कार्रवाई करेंगे। - प्रीतम सिंह, टीएम (यातायात प्रबंधक), रोडवेज डिपो, हिसार
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दो पिंक बसें हांसी सब-डिपो में जर्जर हालत में खड़ी हैं जबकि दो अन्य बसें रखरखाव नहीं होने से जवाब दे चुकी हैं। एक बस दुर्घटनाग्रस्त होने से हिसार रोडवेज डिपो में खड़ी है। दो बसें फ्लाइंग ड्यूटी पर तैनात हैं और एक का इस्तेमाल बैंक से कैश लाने-ले जाने के लिए किया जा रहा है। फिलहाल एकमात्र ठीक बस को यात्रियों के लिए एयरपोर्ट रूट पर चलाया जा रहा है। संवाद
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कोविड के बाद से थमे पहिए
कोविड-19 के दौरान शहर में पिंक बसों का संचालन बंद कर दिया गया था। इसके बाद से महिलाओं के लिए इनका नियमित परिचालन लगभग ठप है। हिसार में तीन विश्वविद्यालय, पांच कॉलेज, दो आईटीआई, एक बहुतकनीकी संस्थान (पॉलीटेक्निक) सहित कई बड़े स्कूल व शिक्षण संस्थान हैं। रोजाना हजारों की संख्या में छात्राएं और महिलाएं शहर में गांवों से शहर के बीच आवागमन करती हैं। पिंक बसों के न चलने और कॉलेजों के लिए चलाई जाने वाली विशेष बसों के बंद होने के कारण छात्राओं को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है।
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पिंक बसों की वर्तमान स्थिति
कुल पिंक बसें : 09
फ्लाइंग ड्यूटी : 02
हांसी में खराब खड़ी : 02
खराब हो चुकी बसें: 02
एयरपोर्ट रूट : 01
बैंक ड्यूटी : 01
दुर्घटनाग्रस्त : 01
डिपो को मिलीं पिंक बसों में से अधिकतर खराब हो चुकी हैं। दो बसों को फिलहाल विभाग के अलग-अलग कार्यों के लिए चलाया जा रहा है। सभी बसों की मौजूदा स्थिति क्या है और इन्हें रूटों पर चलाने के लिए क्या करना पड़ेगा। इस संंबंध में शीघ्र ही बैठक बुलाकर आवश्यक कार्रवाई करेंगे। - प्रीतम सिंह, टीएम (यातायात प्रबंधक), रोडवेज डिपो, हिसार