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नगर निगम की टीम ने दो भवन किए सील
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
Updated Mon, 08 Sep 2014 11:59 PM IST
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लंबे इंतजार के बाद नगर निगम ने आखिरकार में सोमवार को शहर में बन रहे अवैध निर्माणों को सील करने की कार्रवाई शुरू की।
सोमवार को नगर निगम की टीम ने कार्रवाई करते हुए शहर में दो स्थानों पर बन रहीं कामर्शियल भवनों को सील किया। निगम की टीम ने सबसे पहले मंगलम लैब के पास वेदी गार्डन स्थित के पास बन रही एक कामर्शियल बिल्डिंग को सील किया।
इसके बाद निगम की टीम कैंप चौक पहुंची जहां स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के पास बन रही चार मंजिला इमारत को भी सील किया गया।
निगम की टीम जब भवनों को सील करने मौके पर पहुंची तो दोनों जगह निर्माण कार्य चल रहा था। निगम के अधिकारियों ने भवनों में काम करने वाले लेबर को बाहर निकालकर भवन को सील किया।
निगम की ओर से भवन के चारों नगर निगम हिसार का एक पट्टा लगाया और उस पर सील लगाई गई। सील करने पहुंची टीम में निगम के सचिव राजेश मेहता, गिरधर गोपाल, एसडीओ प्रवीन वर्मा, अमित कौशिक, आनंद अग्रवाल, बिल्डिंग इंस्पेक्टर संदीप, एलओ प्रवीन, सहित निगम के अन्य कर्मचारी मौजूद थे।
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शाम को शुरू हुआ निर्माण कार्य
निगम की ओर से मंगलम लैब के पास जो कामर्शियल बिल्डिंग सील की गई थी। उस बिल्डिंग में निगम की टीम जाने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू हो गया था।
निगम की टीम जब बिल्डिंग को सील कर रही थी। तब न तो बिल्डिंग मालिक मौके पर था और न ही निर्माण कार्य करने वाला ठेकेदार। निगम के अधिकारी जब मौके पर पहुंचे थे।
तब उस बिल्डिंग में सिर्फ मजदूर ही काम कर रहे थे। निगम ने सील करते समय सारे मजदूरों को बिल्डिंग से बार निकलवा दिया था, जैसे ही निगम की टीम कार्रवाई करके गई मजदूरों ने फिर से निर्माण कार्य शुरू कर दिया।
दो नक्शों को मिलाकर बनाई जा रही थी बिल्डिंग
मंगलम लैब से सटी हुई एवं वेदी गार्डन के पास बन रही कामर्शियल बिल्डिंग मैप के खिलाफ बन रही थी। इसलिए इस भवन को सील किया गया है।
निगम के बिल्डिंग इंस्पेक्टर संदीप ने बताया कि भवन का काम तीन भाइयों सुरेश वीरेंद्र और मदनलाल की ओर से कराया जा रहा है।
इन्होंने भवन को बनाने के लिए निगम की ओर से दो अलग-अलग मैप पास कराए थे। जब बिल्डिंग का निर्माण कराया गया तो दोनों को नक्शों को एक साथ मिलाकर काम शुरू करा दिया गया, जो कि हरियाणा बिल्डिंग बाय लॉज के नियमों के खिलाफ है। इसी को ध्यान में रखते हुए निगम की ओर से इस बिल्डिंग को सीज किया गया है।
नक्शे के खिलाफ हो रहा था निर्माण
कैंप चौक के पास बन रही दूसरी बिल्डिंग निगम की ओर से पास नक्शे को दरकिनार रखते हुए बनाई जा रही थी। निगम की ओर बिल्डिंग मालिक अशोक कुमार कामर्शियल नक्शा पास किया गया है, लेकिन निर्माण करते समय मालिक की ओर से नियमों की अनदेखी की गई है, जिसके लिए बिल्डिंग को सील किया गया है।
आज सिटी एरिया में कार्रवाई
निगम के सचिव राजेश मेहता ने बताया कि निगम की ओर से भवनों को सील करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। ये अभियान लगातार चलता रहेगा।
उन्होंने बताया कि सोमवार को दो कामर्शियल भवनों को सील किया गया है। मंगलवार को सिटी एरिया में कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि सोमवार को सिविल लाइन एरिया के पुलिस बल को साथ लेकर काम किया गया।
उन्होंने बताया कि शहर में जो भी भवन अवैध तरीके से और निगम के नक्शे के अनुसार नहीं बन रहे हैं या बन गए हैं। उन पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
सुबह से होती रही निगम में तैयारी
भवनों को सील करने के लिए निगम में सुबह से तैयारी होती रही। निगम अधिकारियों ने सील करने वाले भवन के सारे कागजों को तैयार किया।
भवनों को सील करने के चक्कर में निगम में होने वाली सब कमेटियों की बैठकों को स्थगित कर दिया गया है। निगम इन भवनों को सील करने के लिए काफी लंबे समय से तैयारी कर रहा था।
सील करने के लिए डीसी के आदेश भी हो गए थे, लेकिन कभी कर्मचारियों की कमी तो कभी पुलिस बल न मिलने के कारण कार्रवाई टल रही थी।
सील के बाद किया निर्माण तो होगी एफआईआर : मेहता
निगम के सचिव राजेश मेहता ने बताया कि सील की हुई बिल्डिंग में भवन मालिक निर्माण नहीं कर सकता है। निर्माण कार्य शुरू करने के लिए उसे पहले नक्शे के खिलाफ बनी हुई बिल्डिंग तोड़नी होगी।
उसके बाद ही निर्माण काय सकता है। बिल्डिंग तोड़ने के लिए नगर निगम आयुक्त से परमिशन लेनी होगी। अगर सील किए भवन पर निर्माण होता है तो निगम भवन मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएगा।
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सोमवार को नगर निगम की टीम ने कार्रवाई करते हुए शहर में दो स्थानों पर बन रहीं कामर्शियल भवनों को सील किया। निगम की टीम ने सबसे पहले मंगलम लैब के पास वेदी गार्डन स्थित के पास बन रही एक कामर्शियल बिल्डिंग को सील किया।
इसके बाद निगम की टीम कैंप चौक पहुंची जहां स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के पास बन रही चार मंजिला इमारत को भी सील किया गया।
निगम की टीम जब भवनों को सील करने मौके पर पहुंची तो दोनों जगह निर्माण कार्य चल रहा था। निगम के अधिकारियों ने भवनों में काम करने वाले लेबर को बाहर निकालकर भवन को सील किया।
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निगम की ओर से भवन के चारों नगर निगम हिसार का एक पट्टा लगाया और उस पर सील लगाई गई। सील करने पहुंची टीम में निगम के सचिव राजेश मेहता, गिरधर गोपाल, एसडीओ प्रवीन वर्मा, अमित कौशिक, आनंद अग्रवाल, बिल्डिंग इंस्पेक्टर संदीप, एलओ प्रवीन, सहित निगम के अन्य कर्मचारी मौजूद थे।
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शाम को शुरू हुआ निर्माण कार्य
निगम की ओर से मंगलम लैब के पास जो कामर्शियल बिल्डिंग सील की गई थी। उस बिल्डिंग में निगम की टीम जाने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू हो गया था।
निगम की टीम जब बिल्डिंग को सील कर रही थी। तब न तो बिल्डिंग मालिक मौके पर था और न ही निर्माण कार्य करने वाला ठेकेदार। निगम के अधिकारी जब मौके पर पहुंचे थे।
तब उस बिल्डिंग में सिर्फ मजदूर ही काम कर रहे थे। निगम ने सील करते समय सारे मजदूरों को बिल्डिंग से बार निकलवा दिया था, जैसे ही निगम की टीम कार्रवाई करके गई मजदूरों ने फिर से निर्माण कार्य शुरू कर दिया।
दो नक्शों को मिलाकर बनाई जा रही थी बिल्डिंग
मंगलम लैब से सटी हुई एवं वेदी गार्डन के पास बन रही कामर्शियल बिल्डिंग मैप के खिलाफ बन रही थी। इसलिए इस भवन को सील किया गया है।
निगम के बिल्डिंग इंस्पेक्टर संदीप ने बताया कि भवन का काम तीन भाइयों सुरेश वीरेंद्र और मदनलाल की ओर से कराया जा रहा है।
इन्होंने भवन को बनाने के लिए निगम की ओर से दो अलग-अलग मैप पास कराए थे। जब बिल्डिंग का निर्माण कराया गया तो दोनों को नक्शों को एक साथ मिलाकर काम शुरू करा दिया गया, जो कि हरियाणा बिल्डिंग बाय लॉज के नियमों के खिलाफ है। इसी को ध्यान में रखते हुए निगम की ओर से इस बिल्डिंग को सीज किया गया है।
नक्शे के खिलाफ हो रहा था निर्माण
कैंप चौक के पास बन रही दूसरी बिल्डिंग निगम की ओर से पास नक्शे को दरकिनार रखते हुए बनाई जा रही थी। निगम की ओर बिल्डिंग मालिक अशोक कुमार कामर्शियल नक्शा पास किया गया है, लेकिन निर्माण करते समय मालिक की ओर से नियमों की अनदेखी की गई है, जिसके लिए बिल्डिंग को सील किया गया है।
आज सिटी एरिया में कार्रवाई
निगम के सचिव राजेश मेहता ने बताया कि निगम की ओर से भवनों को सील करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। ये अभियान लगातार चलता रहेगा।
उन्होंने बताया कि सोमवार को दो कामर्शियल भवनों को सील किया गया है। मंगलवार को सिटी एरिया में कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि सोमवार को सिविल लाइन एरिया के पुलिस बल को साथ लेकर काम किया गया।
उन्होंने बताया कि शहर में जो भी भवन अवैध तरीके से और निगम के नक्शे के अनुसार नहीं बन रहे हैं या बन गए हैं। उन पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
सुबह से होती रही निगम में तैयारी
भवनों को सील करने के लिए निगम में सुबह से तैयारी होती रही। निगम अधिकारियों ने सील करने वाले भवन के सारे कागजों को तैयार किया।
भवनों को सील करने के चक्कर में निगम में होने वाली सब कमेटियों की बैठकों को स्थगित कर दिया गया है। निगम इन भवनों को सील करने के लिए काफी लंबे समय से तैयारी कर रहा था।
सील करने के लिए डीसी के आदेश भी हो गए थे, लेकिन कभी कर्मचारियों की कमी तो कभी पुलिस बल न मिलने के कारण कार्रवाई टल रही थी।
सील के बाद किया निर्माण तो होगी एफआईआर : मेहता
निगम के सचिव राजेश मेहता ने बताया कि सील की हुई बिल्डिंग में भवन मालिक निर्माण नहीं कर सकता है। निर्माण कार्य शुरू करने के लिए उसे पहले नक्शे के खिलाफ बनी हुई बिल्डिंग तोड़नी होगी।
उसके बाद ही निर्माण काय सकता है। बिल्डिंग तोड़ने के लिए नगर निगम आयुक्त से परमिशन लेनी होगी। अगर सील किए भवन पर निर्माण होता है तो निगम भवन मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएगा।