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Hisar News: जनवरी में हुई तीसरी बारिश फसलों के लिए वरदान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 28 Jan 2026 01:37 AM IST
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The third rain in January is a boon for crops
अग्रोहा के गांव श्यामसुख में बारिश ओलावृ​ष्टि के बाद बिछी सरसों की फसल। 
हिसार। जनवरी माह में हुई तीसरी बारिश रबी फसलों के लिए वरदान साबित होगी। इससे गेहूं, सरसों और चना की फसल को सबसे अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि कुछ जिलों में हुई हल्की ओलावृष्टि से सरसों की फसल को नुकसान की आशंका जताई जा रही है। वहीं यदि बारिश और नमी वाला मौसम लंबे समय तक बना रहा, तो गेहूं में पीला रतुआ रोग का खतरा बढ़ सकता है।
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चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) के मौसम विभाग के वैज्ञानिक डॉ. चंद्रशेखर डागर ने बताया कि जनवरी माह में इससे पहले भी दो बार बारिश हो चुकी है। पहली बारिश माह की शुरुआत में और दूसरी 23 जनवरी को हुई थी, जिससे फसलों को लाभ मिला। जनवरी के पहले दो दिनों में 16.8 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। आगामी दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने और बारिश की संभावना फिलहाल बेहद कम है।
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एचएयू के गेहूं विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. ओपी बिश्नोई ने बताया कि इस समय गेहूं में बाली नहीं निकली है और लंबे समय तक ठंड का बना रहना उत्पादन के लिए लाभकारी होता है। जनवरी में हुई अच्छी बारिश का सकारात्मक असर गेहूं के उत्पादन पर दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि दिसंबर माह में बारिश नहीं होने के कारण गेहूं को नुकसान की आशंका बन रही थी, जिसे जनवरी की बारिश ने काफी हद तक पूरा कर दिया है। बारिश से गेहूं, चना और सरसों सहित सभी रबी फसलों को फायदा होगा।
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डॉ. बिश्नोई ने बताया कि कुछ क्षेत्रों से ओलावृष्टि की रिपोर्ट भी सामने आई है। वर्तमान अवस्था में ओलावृष्टि से गेहूं को नुकसान नहीं होता, लेकिन सरसों की फसल में इस समय फलियों में दाना बन चुका है। तेज ओलावृष्टि होने की स्थिति में सरसों को नुकसान हो सकता है।
ऐसा मौसम लंबा चला तो पीला रतुआ की आशंका
डॉ. ओपी बिश्नोई ने बताया कि यदि बारिश और नमी वाला मौसम लंबे समय तक बना रहा, तो गेहूं में पीला रतुआ रोग की आशंका बढ़ जाती है। इसका असर हिमाचल प्रदेश से सटे जिलों में अधिक देखने को मिलता है। उन्होंने बताया कि एचएयू द्वारा विकसित नई किस्मों में पीला रतुआ नहीं आता है, लेकिन जिन किसानों ने पुरानी किस्मों की बुवाई की है, उन्हें विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।

सब्जियों के नुकसान का असर दो-तीन दिन बाद दिखेगा
जिला उद्यान अधिकारी डॉ. कुलदीप श्योराण ने बताया कि बारिश से सामान्य तौर पर सब्जियों को नुकसान नहीं होता है। जिन क्षेत्रों में ओलावृष्टि हुई है, वहां कुछ नुकसान की संभावना है, लेकिन अभी फील्ड से पूरी रिपोर्ट नहीं मिली है। आमतौर पर नुकसान का असर दो से तीन दिन बाद दिखाई देता है। उन्होंने बताया कि गाजर, मूली और पालक जैसी सब्जियों पर असर कम रहेगा, जबकि टमाटर, मिर्च, बैंगन और गोभी की फसल को अधिक नुकसान हो सकता है।
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