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Hisar News: जानलेवा हुई कड़ाके की सर्दी, अभी राहत के आसार नहीं
Sun, 11 Jan 2026 12:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sun, 11 Jan 2026 12:19 AM IST
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हिसार सुबह 8:30 बजे धुंध में लाइट जलाकर गुजरते वाहन। संवाद
हिसार। कड़ाके की सर्दी ने एक बार फिर लोगों को कंपकंपाने पर मजबूर कर दिया है। शनिवार को न्यूनतम तापमान गिरकर 4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। पिछले करीब 10 दिनों से पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते रात का तापमान 6 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ था। कड़ाके की सर्दी में एक व्यक्ति की मौत भी हो गई है।
पूरे प्रदेश में भीषण ठंड का असर देखने को मिल रहा है। कई स्थानों पर शीतलहर से गंभीर शीतलहर और पाला जमने की स्थिति दर्ज की जा रही है। दिन के समय चमकदार धूप निकलने से कुछ देर के लिए राहत मिली, लेकिन शाम ढलते ही बर्फीली हवाओं के साथ ठिठुरन बढ़ गई। कोहरे के कारण दृश्यता घटकर शून्य से 50 मीटर तक रह गई, जिससे हाईवे पर वाहनों की गति बेहद धीमी हो गई। हालात ऐसे हैं कि आमजन घरों में दुबकने को मजबूर हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले एक सप्ताह तक ठंड से राहत के आसार नहीं हैं। हिसार सहित प्रदेश के कुछ जिलों में तापमान शून्य डिग्री तक पहुंच सकता है।
जानें क्या है कोल्ड वेव
मैदानी इलाकों में जब न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस या इससे नीचे पहुंच जाता है, तो उसे शीतलहर माना जाता है। यदि किसी स्थान पर न्यूनतम तापमान वहां के औसत तापमान से 4.5 से 6.4 डिग्री सेल्सियस कम हो जाए, तब भी शीतलहर की स्थिति मानी जाती है। कोल्ड वेव का संबंध रात की ठंड से होता है, जबकि कोल्ड डे दिन की ठंड को दर्शाता है। दिन के समय जब तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक कम हो और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहे, तो कोल्ड डे घोषित किया जाता है।
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कोहरे के कारण ट्रेन-बसें लेट
घने कोहरे के कारण शनिवार को गोरखधाम एक्सप्रेस सहित छह ट्रेनें अपने तय समय से देरी से चलीं। रोडवेज की बसें भी एक से सवा घंटे तक लेट रहीं। लंबे रूट पर चलने वाली बसें सबसे अधिक प्रभावित हुईं। कोहरे के चलते दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा।
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पूरे प्रदेश में भीषण ठंड का असर देखने को मिल रहा है। कई स्थानों पर शीतलहर से गंभीर शीतलहर और पाला जमने की स्थिति दर्ज की जा रही है। दिन के समय चमकदार धूप निकलने से कुछ देर के लिए राहत मिली, लेकिन शाम ढलते ही बर्फीली हवाओं के साथ ठिठुरन बढ़ गई। कोहरे के कारण दृश्यता घटकर शून्य से 50 मीटर तक रह गई, जिससे हाईवे पर वाहनों की गति बेहद धीमी हो गई। हालात ऐसे हैं कि आमजन घरों में दुबकने को मजबूर हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले एक सप्ताह तक ठंड से राहत के आसार नहीं हैं। हिसार सहित प्रदेश के कुछ जिलों में तापमान शून्य डिग्री तक पहुंच सकता है।
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जानें क्या है कोल्ड वेव
मैदानी इलाकों में जब न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस या इससे नीचे पहुंच जाता है, तो उसे शीतलहर माना जाता है। यदि किसी स्थान पर न्यूनतम तापमान वहां के औसत तापमान से 4.5 से 6.4 डिग्री सेल्सियस कम हो जाए, तब भी शीतलहर की स्थिति मानी जाती है। कोल्ड वेव का संबंध रात की ठंड से होता है, जबकि कोल्ड डे दिन की ठंड को दर्शाता है। दिन के समय जब तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक कम हो और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहे, तो कोल्ड डे घोषित किया जाता है।
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कोहरे के कारण ट्रेन-बसें लेट
घने कोहरे के कारण शनिवार को गोरखधाम एक्सप्रेस सहित छह ट्रेनें अपने तय समय से देरी से चलीं। रोडवेज की बसें भी एक से सवा घंटे तक लेट रहीं। लंबे रूट पर चलने वाली बसें सबसे अधिक प्रभावित हुईं। कोहरे के चलते दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा।