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Hisar News: नाटक तोत्तो चान से शिक्षक-छात्र के संबंध को दर्शाया
Sun, 11 Feb 2024 10:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sun, 11 Feb 2024 10:37 PM IST
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हिसार में नाटक तोतो चान का मंचन करते कलाकार।
हिसार। अभिनय रंगमंच की तरफ से आयोजित रंग आंगन कार्यक्रम में रविवार को तीसरे दिन नाटक तोत्तो चान का मंचन किया गया। इस नाटक के माध्यम से शिक्षक-छात्र के संबंधों को दर्शाया गया। नाटक की शुरुआत तोत्तो चान की मां को अपनी बेटी के पब्लिक स्कूल से निष्कासन के बारे में पता चलने से होती है। उसकी मां को अहसास हुआ कि तोत्तो चान को एक ऐसे स्कूल की जरूरत है, जहां अभिव्यक्ति की अधिक स्वतंत्रता हो। वह ताेतो चान के साथ नए स्कूल के प्रधान अध्यापक कोबायाशी से मिलने जाती हैं। यहां दोनों एक दोस्ताना शिक्षक-छात्र संबंध स्थापित करते हैं।
कोबायाशी विद्यार्थियों की रुचि के लिए नई गतिविधियां पेश करते हैं। कोबायाशी बच्चों को समझते हैं और उनके दिमाग व शरीर को विकसित करने का प्रयास करते हैं। वह शारीरिक रूप से अक्षम लोगों के लिए चिंतित हैं और इस बात पर जोर देते हैं कि कैसे सभी बच्चे उल्लेखनीय हैं। तोत्तो चान पोलियोग्रस्त एक ईसाई लड़के का सबसे अच्छा दोस्त बन जाता है। एक अन्य सहपाठी का पालन-पोषण अमेरिका में हुआ और जो जापानी नहीं बोल सकता। दुश्मन की भाषा का उपयोग करने पर सरकारी रोक के बावजूद प्रधानाध्यापक बच्चों से कहते हैं कि वे उनसे अंग्रेजी सीखें।
उधर द्वितीय विश्व युद्ध शुरू हो चुका है, लेकिन अभी तक इसके कोई संकेत नजर नहीं आ रहे हैं। कुछ गड़बड़ होने के संकेत तब मिलते हैं जब तोत्तो चान स्कूल जाते समय वेंडिंग मशीन से कारमेल कैंडी नहीं खरीद पाती और उसकी मां के लिए संतुलित दोपहर के भोजन की आवश्यकताओं को पूरा करना कठिन हो जाता है। एक अन्य दृश्य में, एक लड़का अपने माता-पिता द्वारा स्कूल से निकाले जाने पर अपनी आंखें सिकोड़ रहा है। एक दिन स्कूल पर बमबारी की जाती है, और इसका पुनर्निर्माण कभी नहीं किया जाता है। इससे टोमो गाकुएन में एक छात्र के रूप में तोतो चान के वर्षों का अंत हो गया। इस नाटक का निर्देशन सौरभ अनंत, प्रकाश परिकल्पना अंकित, संगीत निर्देशन हेमंत देवलकर और वस्त्र सज्जा श्वेता केतकर ने की।
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कोबायाशी विद्यार्थियों की रुचि के लिए नई गतिविधियां पेश करते हैं। कोबायाशी बच्चों को समझते हैं और उनके दिमाग व शरीर को विकसित करने का प्रयास करते हैं। वह शारीरिक रूप से अक्षम लोगों के लिए चिंतित हैं और इस बात पर जोर देते हैं कि कैसे सभी बच्चे उल्लेखनीय हैं। तोत्तो चान पोलियोग्रस्त एक ईसाई लड़के का सबसे अच्छा दोस्त बन जाता है। एक अन्य सहपाठी का पालन-पोषण अमेरिका में हुआ और जो जापानी नहीं बोल सकता। दुश्मन की भाषा का उपयोग करने पर सरकारी रोक के बावजूद प्रधानाध्यापक बच्चों से कहते हैं कि वे उनसे अंग्रेजी सीखें।
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उधर द्वितीय विश्व युद्ध शुरू हो चुका है, लेकिन अभी तक इसके कोई संकेत नजर नहीं आ रहे हैं। कुछ गड़बड़ होने के संकेत तब मिलते हैं जब तोत्तो चान स्कूल जाते समय वेंडिंग मशीन से कारमेल कैंडी नहीं खरीद पाती और उसकी मां के लिए संतुलित दोपहर के भोजन की आवश्यकताओं को पूरा करना कठिन हो जाता है। एक अन्य दृश्य में, एक लड़का अपने माता-पिता द्वारा स्कूल से निकाले जाने पर अपनी आंखें सिकोड़ रहा है। एक दिन स्कूल पर बमबारी की जाती है, और इसका पुनर्निर्माण कभी नहीं किया जाता है। इससे टोमो गाकुएन में एक छात्र के रूप में तोतो चान के वर्षों का अंत हो गया। इस नाटक का निर्देशन सौरभ अनंत, प्रकाश परिकल्पना अंकित, संगीत निर्देशन हेमंत देवलकर और वस्त्र सज्जा श्वेता केतकर ने की।
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