{"_id":"6a27188b504c7adaf504c6eb","slug":"the-old-railway-overbridge-will-be-built-in-the-shape-of-a-bow-hisar-news-c-21-hsr1020-887115-2026-06-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: धनुष आकार में बनेगा पुराना रेलवे ओवरब्रिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: धनुष आकार में बनेगा पुराना रेलवे ओवरब्रिज
Tue, 09 Jun 2026 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Tue, 09 Jun 2026 01:01 AM IST
विज्ञापन
हिसार। रेलवे और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की योजना सिरे चढ़ी तो शहर में सबसे पहले बना रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) यादों में सिमट जाएगा। करीब 51 साल पुराना यह आरओबी नए डिजायन में बो-स्ट्रिंग गर्डर यानी धनुषाकार स्वरूप में बनाया जाएगा।
पुराने आरओबी को तोड़कर इसे दो-दो लेन में तैयार किया जाएगा। वाहनों के आने और जाने के लिए अलग-अलग लेन होंगी। इस संबंंध में पीडब्ल्यूडी की ओर से भेजी जनरल अरेंजमेंट ड्राइंग को रेलवे ने स्वीकृत कर लिया है। इसमें बीकानेर चौक पर बनाए जाने वाले व्हीकुलर अंडरपास (वीयूपी) को भी शामिल किया है।
करीब 51 साल पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री चौधरी बंसीलाल के कार्यकाल में यह रेलवे ओवरब्रिज बनाया गया था। रेड स्क्वायर मार्केट की ओर से लक्ष्मीबाई चौक के बीच बना यह आरओबी काफी पुराना हो चुका है। नया पुल मजबूत होने के साथ-साथ देखने में भी आकर्षक होगा। कैमरी रोड पर बने आरओबी की तरह इसे धनुषाकार स्वरूप में बनाया जाएगा। सामान्य आरओबी की तुलना में इसके निर्माण पर करीब डेढ़ गुना अधिक खर्च आएगा। रेलवे के बीकानेर मंडल ने इसे आरओबी-77 नाम दिया है।
विज्ञापन
यह शहर का पहला फोरलेन पुल है जो रेलवे स्टेशन के दोनों ओर बसे शहर को जोड़ता है। पुल के निर्माण के दौरान पहले दो लेन में से एक हिस्से को तोड़कर बनाया जाएगा। इसके बाद दूसरे हिस्से पर काम होगा। पुल से उतरने के बाद बीकानेर चौक पर अक्सर जाम की स्थिति बनती है। समस्या के समाधान के लिए कैबिनेट मंत्री की अध्यक्षता में गठित समिति ने व्हीकुलर अंडरपास (वीयूपी) बनाने का प्रस्ताव दिया है।
इसके लिए नई ड्राइंग तैयार की गई है।इस हिसाब से परियोजना की लागत बढ़ सकती है। वीयूपी के प्रस्ताव को शामिल किए जाने के बाद रेलवे ने सरकार से परियोजना में अतिरिक्त वित्तीय हिस्सेदारी देने की मांग की है।
विज्ञापन
पुराने आरओबी को तोड़कर इसे दो-दो लेन में तैयार किया जाएगा। वाहनों के आने और जाने के लिए अलग-अलग लेन होंगी। इस संबंंध में पीडब्ल्यूडी की ओर से भेजी जनरल अरेंजमेंट ड्राइंग को रेलवे ने स्वीकृत कर लिया है। इसमें बीकानेर चौक पर बनाए जाने वाले व्हीकुलर अंडरपास (वीयूपी) को भी शामिल किया है।
विज्ञापन
करीब 51 साल पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री चौधरी बंसीलाल के कार्यकाल में यह रेलवे ओवरब्रिज बनाया गया था। रेड स्क्वायर मार्केट की ओर से लक्ष्मीबाई चौक के बीच बना यह आरओबी काफी पुराना हो चुका है। नया पुल मजबूत होने के साथ-साथ देखने में भी आकर्षक होगा। कैमरी रोड पर बने आरओबी की तरह इसे धनुषाकार स्वरूप में बनाया जाएगा। सामान्य आरओबी की तुलना में इसके निर्माण पर करीब डेढ़ गुना अधिक खर्च आएगा। रेलवे के बीकानेर मंडल ने इसे आरओबी-77 नाम दिया है।
विज्ञापन
यह शहर का पहला फोरलेन पुल है जो रेलवे स्टेशन के दोनों ओर बसे शहर को जोड़ता है। पुल के निर्माण के दौरान पहले दो लेन में से एक हिस्से को तोड़कर बनाया जाएगा। इसके बाद दूसरे हिस्से पर काम होगा। पुल से उतरने के बाद बीकानेर चौक पर अक्सर जाम की स्थिति बनती है। समस्या के समाधान के लिए कैबिनेट मंत्री की अध्यक्षता में गठित समिति ने व्हीकुलर अंडरपास (वीयूपी) बनाने का प्रस्ताव दिया है।
इसके लिए नई ड्राइंग तैयार की गई है।इस हिसाब से परियोजना की लागत बढ़ सकती है। वीयूपी के प्रस्ताव को शामिल किए जाने के बाद रेलवे ने सरकार से परियोजना में अतिरिक्त वित्तीय हिस्सेदारी देने की मांग की है।