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Hisar News: सिंथेटिक ट्रैक की राह फिर नए एस्टीमेट पर टिकी
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महाबीर स्टेडियम के एथलेटिक्स ट्रैक की हालत।
हिसार। महाबीर स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक निर्माण के लिए अब नए सिरे से एस्टीमेट तैयार किया जाएगा। बीएंडआर ने पहले भी इसका एस्टीमेट बनाया था। खेल विभाग ने योजना में बदलाव किया है। इसके बाद बीएंडआर को दोबारा एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
महाबीर स्टेडियम का निर्माण वर्ष 1972 में हुआ था। इसकी दर्शक दीर्घा में करीब 35 हजार दर्शक बैठ सकते हैं। परिसर में वुशु, जिम्नास्टिक, कुश्ती, बैडमिंटन, वॉलीबाल, हैंडबाल, लॉन टेनिस, योग और बास्केटबाल का प्रशिक्षण दिया जाता है।
एथलेटिक्स मैदान पर रोज 500 से अधिक युवा और खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। इनमें पुलिस और सेना भर्ती की तैयारी करने वाले युवा भी शामिल हैं। लंबे समय से यहां सिंथेटिक ट्रैक बनाने की मांग की जा रही है। मुख्यमंत्री ने चालू वित्तीय वर्ष के बजट सत्र में हर जिले में सिंथेटिक ट्रैक बनाने की घोषणा भी की थी।
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पहले 48 करोड़ का था एस्टीमेट
पहले सिंथेटिक ट्रैक और बिल्डिंग के लिए 48 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार किया गया था। अब योजना से बिल्डिंग को हटा दिया गया है। इसके लिए 3.70 करोड़ रुपये की शुरुआती राशि जारी हो चुकी है। जिला खेल अधिकारी कार्यालय की ओर से निदेशालय को फिजिबिलिटी रिपोर्ट भी भेजी गई है।
400 मीटर ट्रैक पर 500 से अधिक करते हैं अभ्यास
महाबीर स्टेडियम में मौजूद 400 मीटर लंबे मिट्टी के ट्रैक को सिंथेटिक ट्रैक में बदला जा सकता है। एथलेटिक्स मैदान पर रोज 500 से अधिक युवा और खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। पुलिस और सेना भर्ती की तैयारी करने वाले युवा भी यहां नियमित अभ्यास करते हैं। सिंथेटिक ट्रैक बनने से खिलाड़ियों को बेहतर अभ्यास सुविधा मिलने की उम्मीद है।
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एचएसआरडीसी की तरफ से पत्र मिला है जिसमें महाबीर स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक निर्माण के लिए एस्टीमेट तैयार करने को कहा गया है। जल्द ही एस्टीमेट तैयार करके भिजवा दिया जाएगा। - गौरव जैन, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर।
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महाबीर स्टेडियम का निर्माण वर्ष 1972 में हुआ था। इसकी दर्शक दीर्घा में करीब 35 हजार दर्शक बैठ सकते हैं। परिसर में वुशु, जिम्नास्टिक, कुश्ती, बैडमिंटन, वॉलीबाल, हैंडबाल, लॉन टेनिस, योग और बास्केटबाल का प्रशिक्षण दिया जाता है।
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एथलेटिक्स मैदान पर रोज 500 से अधिक युवा और खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। इनमें पुलिस और सेना भर्ती की तैयारी करने वाले युवा भी शामिल हैं। लंबे समय से यहां सिंथेटिक ट्रैक बनाने की मांग की जा रही है। मुख्यमंत्री ने चालू वित्तीय वर्ष के बजट सत्र में हर जिले में सिंथेटिक ट्रैक बनाने की घोषणा भी की थी।
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पहले 48 करोड़ का था एस्टीमेट
पहले सिंथेटिक ट्रैक और बिल्डिंग के लिए 48 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार किया गया था। अब योजना से बिल्डिंग को हटा दिया गया है। इसके लिए 3.70 करोड़ रुपये की शुरुआती राशि जारी हो चुकी है। जिला खेल अधिकारी कार्यालय की ओर से निदेशालय को फिजिबिलिटी रिपोर्ट भी भेजी गई है।
400 मीटर ट्रैक पर 500 से अधिक करते हैं अभ्यास
महाबीर स्टेडियम में मौजूद 400 मीटर लंबे मिट्टी के ट्रैक को सिंथेटिक ट्रैक में बदला जा सकता है। एथलेटिक्स मैदान पर रोज 500 से अधिक युवा और खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। पुलिस और सेना भर्ती की तैयारी करने वाले युवा भी यहां नियमित अभ्यास करते हैं। सिंथेटिक ट्रैक बनने से खिलाड़ियों को बेहतर अभ्यास सुविधा मिलने की उम्मीद है।
एचएसआरडीसी की तरफ से पत्र मिला है जिसमें महाबीर स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक निर्माण के लिए एस्टीमेट तैयार करने को कहा गया है। जल्द ही एस्टीमेट तैयार करके भिजवा दिया जाएगा। - गौरव जैन, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर।