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लक्ष्मीबाई चौक पर युवती ने किया 1.20 घंटे तक हंगामा
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36 - लक्ष्मीबाई चौक पर फुटपाथ पर चढ़कर जोर-जोर से चिल्लाती युवती तथा मौके पर लगी भीड़।
- फोटो : Hisar
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रानी लक्ष्मीबाई चौक पर शुक्रवार की सुबह करीब 9 बजे एक युवती ने जमकर हंगामा किया। करीब एक घंटा 20 मिनट तक चले इस हंगामे ने पुलिस प्रशासन के सुरक्षा इंतजामों की भी पोल खोल दी। युवती ने कॉलेज जा रही तीन लड़कियों को थप्पड़ मारा और आने-जाने वाली गाड़ियों पर लात-मुक्के भी चलाए। कई बार युवती चलती गाड़ियों के अचानक आगे आई। वहां से गुजरने वाले कुछ युवकों ने युवती को काबू किया, लेकिन उन पर भी युवती लगातार हमले करती रही। इस दौरान चौक पर तैनात ट्रैफिक पुलिस कर्मचारी तमाशबीन बने रहे। इसी बीच वहां से गुजर रहीं नगर निगम की ज्वाइंट कमिश्नर शालिनी चेतल ने गाड़ी रुकवाई और महिला पुलिस बुलाने के लिए फोन किया। उनके फोन करने के बावजूद 45 मिनट बाद पुलिस आई, जिसके बाद युवती को पकड़कर ले जाया गया। जब युवती को गाड़ी में बैठाया गया तो भी उसने खिड़की में से झपटा मारकर ज्वाइंट कमिश्नर का चश्मा छीन लिया। इस पर काफी देर से युवती का ड्रामा देख रहीं ज्वाइंट कमिश्नर ने युवती को तमाचा जड़ दिया। वहीं पुलिस का कहना है कि युवती मानसिक रूप से बीमार है।
लाइव : पुलिस बूथ में भी की तोड़फोड़
शुक्रवार की सुबह करीब 8:50 बजे का समय। लक्ष्मीबाई चौक पर रोजाना की भांति वाहनों का आवागमन। अचानक से एक युवती आने-जाने वाली गाड़ियों पर हमला करने लगी। वहां से गुजर रहीं कॉलेज जाने वाली तीन लड़कियों को पकड़ कर युवती ने उन्हें थप्पड़ मारे और धक्का देकर गिरा दिया। वह गाड़ियों के आगे अचानक आ जाती, जिससे कई बार हादसा होते-होते बचा। इस दौरान 3-4 युवकों ने युवती को पकड़ लिया। चौक के समीप ही उसे सड़क किनारे किया गया और 100 नंबर पर सूचना दी गई। युवती का हंगामा लगातार जारी था। वह पकड़ने वाले युवकों पर भी लात-मुक्के चला रही थी और गालियां भी दे रही थी। उसने कई युवकों को काट लिया और हाथ में लिए लोहे के एक लॉक नुमा चीज से भी वार किए। युवती के बार-बार सड़क की ओर भागने के प्रयास में सड़क पर भी कई दफा जाम लगा। चौक पर तैनात ट्रैफिक पुलिस का सिपाही आया और उसने युवकों को युवती को साइड में लाने के निर्देश देते हुए कहा कि इसे साइड में ले जाओ, यहां जाम मत लगवाओ। करीब 9:30 बजे वहां से नगर निगम की ज्वाइंट कमिश्नर एवं बरवाला की एसडीएम शालिनी चेतल की गाड़ी गुजरी, जो जाम के कारण फंस गई। युवकों ने युवती को गाड़ी के पास ले जाकर उन्हें मामले से अवगत कराया। एसडीएम का गनमैन नीचे उतरा तो युवती ने उस पर भी हमला किया और एसडीएम की गाड़ी पर भी कई लात मारी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम शालिनी चेतल गाड़ी साइड में रुकवा कर वहीं उतर गईं और महिला पुलिस को मौके पर बुलाने के लिए फोन किया। इस बीच युवती को वहां बने पुलिस बूूथ में बैठाने को कहा। युवती को बूथ में बैठाया गया, लेकिन वहां उसने तोड़फोड़ शुरू कर दी। बूथ के अंदर लगे बिजली के स्विच बोर्ड को तोड़ दिया और तारों को पकड़ने का प्रयास किया। उसके बाद वहां मौजूद युवकों ने अंदर घुसकर उसे फिर से काबू किया।
एसडीएम के फोन के बावजूद 45 मिनट बाद आई दुर्गा शक्ति की गाड़ी
एसडीएम शालिनी चेतल के फोन करने के 45 मिनट बाद दुर्गा शक्ति की गाड़ी मौके पर पहुंची, लेकिन उसमें भी एक ड्राइवर और दो महिला पुलिस कर्मचारी थे, लेकिन महिला पुलिस नहीं थी। एचएयू चौकी से पहुंची एकमात्र महिला पुलिस कर्मचारी के साथ युवती को गाड़ी में बैठाने का प्रयास किया गया। उसे जैसे ही गाड़ी में पीछे की सीट पर बैठाया गया, वह कूदकर आगे ड्राइवर के साथ वाली सीट पर बैठ गई। खिड़की के साथ ही खड़ी पुलिस को निर्देश दे रहीं शालिनी चेतल की ओर युवती ने झपटा मारा और उनसे चश्मा छीन लिया। इतने में पिछले करीब पौने घंटे से युवती का ड्रामा देख रहीं एसडीएम शालिनी चेतल के सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने गाड़ी में बैठी युवती को खिड़की में से ही एक तमाचा जड़ दिया। इसके बाद युवती के तेवर देखते हुए गाड़ी में बैठे ड्राइवर व दो पुलिस कर्मियों ने युवती को पकड़ लिया। इसके बाद उसे जबरदस्ती गाड़ी से उतारकर पीछे की सीट पर बैठा दिया। इस दौरान पूरे एक घंटा 20 मिनट के बाद 10:10 बजे उसे वहां से सिविल लाइन ले जाया गया।
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चौक पर कई बार लगा जाम
हंगामा के चलते रानी लक्ष्मीबाई चौक पर एक घंटे के दौरान चार बार जाम की स्थिति रही। सुबह कार्यालय का समय होने के कारण वहां से अनेक अधिकारी भी गुजरे, लेकिन किसी ने भी वहां रुकने की जहमत नहीं उठाई। मधुबन पार्क की तरफ से विधायक डॉ. कमल गुप्ता भी गुजरे, जिनके लिए पुलिस ने बाकी ट्रैफिक को रोक कर उन्हें निकाला। ऐसे में बस स्टैंड की ओर से आने वाली गाड़ियों की पुल की ओर लाइन लग गई। ऐसी जाम की स्थिति चार बार बनी।
युवती किसी दुर्घटना की शिकार न हो जाए, इसलिए उसे पकड़ा था। बार-बार फोन करने के बावजूद पुलिस ने पहुंचने में एक घंटा लगा दिया। चौक पर मौजूद ट्रैफिक पुलिस का कर्मचारी भी तमाशबीन बना रहा। बूथ में भी युवती ने बिजली की तारों को पकड़ने का प्रयास किया था और तोड़फोड़ कर डाली। मेरे हाथ पर भी काट खाया।
रवि ताखर, युवती को पकड़ने वाले युवाओं में से एक।
लड़की मानसिक रूप से बीमार है। उसका पहले अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा था, लेकिन ट्रीटमेंट पूरा नहीं हुआ था। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू करके उसे अस्पताल में दाखिल कराया गया। इसके बाद उससे परिजनों के बारे में पूछकर उनके सुपुर्द कर दिया गया।
इंस्पेक्टर सतबीर सिंह, एसएचओ सिविल लाइन थाना।
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लाइव : पुलिस बूथ में भी की तोड़फोड़
शुक्रवार की सुबह करीब 8:50 बजे का समय। लक्ष्मीबाई चौक पर रोजाना की भांति वाहनों का आवागमन। अचानक से एक युवती आने-जाने वाली गाड़ियों पर हमला करने लगी। वहां से गुजर रहीं कॉलेज जाने वाली तीन लड़कियों को पकड़ कर युवती ने उन्हें थप्पड़ मारे और धक्का देकर गिरा दिया। वह गाड़ियों के आगे अचानक आ जाती, जिससे कई बार हादसा होते-होते बचा। इस दौरान 3-4 युवकों ने युवती को पकड़ लिया। चौक के समीप ही उसे सड़क किनारे किया गया और 100 नंबर पर सूचना दी गई। युवती का हंगामा लगातार जारी था। वह पकड़ने वाले युवकों पर भी लात-मुक्के चला रही थी और गालियां भी दे रही थी। उसने कई युवकों को काट लिया और हाथ में लिए लोहे के एक लॉक नुमा चीज से भी वार किए। युवती के बार-बार सड़क की ओर भागने के प्रयास में सड़क पर भी कई दफा जाम लगा। चौक पर तैनात ट्रैफिक पुलिस का सिपाही आया और उसने युवकों को युवती को साइड में लाने के निर्देश देते हुए कहा कि इसे साइड में ले जाओ, यहां जाम मत लगवाओ। करीब 9:30 बजे वहां से नगर निगम की ज्वाइंट कमिश्नर एवं बरवाला की एसडीएम शालिनी चेतल की गाड़ी गुजरी, जो जाम के कारण फंस गई। युवकों ने युवती को गाड़ी के पास ले जाकर उन्हें मामले से अवगत कराया। एसडीएम का गनमैन नीचे उतरा तो युवती ने उस पर भी हमला किया और एसडीएम की गाड़ी पर भी कई लात मारी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम शालिनी चेतल गाड़ी साइड में रुकवा कर वहीं उतर गईं और महिला पुलिस को मौके पर बुलाने के लिए फोन किया। इस बीच युवती को वहां बने पुलिस बूूथ में बैठाने को कहा। युवती को बूथ में बैठाया गया, लेकिन वहां उसने तोड़फोड़ शुरू कर दी। बूथ के अंदर लगे बिजली के स्विच बोर्ड को तोड़ दिया और तारों को पकड़ने का प्रयास किया। उसके बाद वहां मौजूद युवकों ने अंदर घुसकर उसे फिर से काबू किया।
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एसडीएम के फोन के बावजूद 45 मिनट बाद आई दुर्गा शक्ति की गाड़ी
एसडीएम शालिनी चेतल के फोन करने के 45 मिनट बाद दुर्गा शक्ति की गाड़ी मौके पर पहुंची, लेकिन उसमें भी एक ड्राइवर और दो महिला पुलिस कर्मचारी थे, लेकिन महिला पुलिस नहीं थी। एचएयू चौकी से पहुंची एकमात्र महिला पुलिस कर्मचारी के साथ युवती को गाड़ी में बैठाने का प्रयास किया गया। उसे जैसे ही गाड़ी में पीछे की सीट पर बैठाया गया, वह कूदकर आगे ड्राइवर के साथ वाली सीट पर बैठ गई। खिड़की के साथ ही खड़ी पुलिस को निर्देश दे रहीं शालिनी चेतल की ओर युवती ने झपटा मारा और उनसे चश्मा छीन लिया। इतने में पिछले करीब पौने घंटे से युवती का ड्रामा देख रहीं एसडीएम शालिनी चेतल के सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने गाड़ी में बैठी युवती को खिड़की में से ही एक तमाचा जड़ दिया। इसके बाद युवती के तेवर देखते हुए गाड़ी में बैठे ड्राइवर व दो पुलिस कर्मियों ने युवती को पकड़ लिया। इसके बाद उसे जबरदस्ती गाड़ी से उतारकर पीछे की सीट पर बैठा दिया। इस दौरान पूरे एक घंटा 20 मिनट के बाद 10:10 बजे उसे वहां से सिविल लाइन ले जाया गया।
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चौक पर कई बार लगा जाम
हंगामा के चलते रानी लक्ष्मीबाई चौक पर एक घंटे के दौरान चार बार जाम की स्थिति रही। सुबह कार्यालय का समय होने के कारण वहां से अनेक अधिकारी भी गुजरे, लेकिन किसी ने भी वहां रुकने की जहमत नहीं उठाई। मधुबन पार्क की तरफ से विधायक डॉ. कमल गुप्ता भी गुजरे, जिनके लिए पुलिस ने बाकी ट्रैफिक को रोक कर उन्हें निकाला। ऐसे में बस स्टैंड की ओर से आने वाली गाड़ियों की पुल की ओर लाइन लग गई। ऐसी जाम की स्थिति चार बार बनी।
युवती किसी दुर्घटना की शिकार न हो जाए, इसलिए उसे पकड़ा था। बार-बार फोन करने के बावजूद पुलिस ने पहुंचने में एक घंटा लगा दिया। चौक पर मौजूद ट्रैफिक पुलिस का कर्मचारी भी तमाशबीन बना रहा। बूथ में भी युवती ने बिजली की तारों को पकड़ने का प्रयास किया था और तोड़फोड़ कर डाली। मेरे हाथ पर भी काट खाया।
रवि ताखर, युवती को पकड़ने वाले युवाओं में से एक।
लड़की मानसिक रूप से बीमार है। उसका पहले अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा था, लेकिन ट्रीटमेंट पूरा नहीं हुआ था। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू करके उसे अस्पताल में दाखिल कराया गया। इसके बाद उससे परिजनों के बारे में पूछकर उनके सुपुर्द कर दिया गया।
इंस्पेक्टर सतबीर सिंह, एसएचओ सिविल लाइन थाना।