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Hisar News: 10 से 12 घंटे की पढ़ाई, नियमित अभ्यास, मॉक टेस्ट से ही हासिल होगा लक्ष्य
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हिसार। जेईई मेन्स फर्स्ट में हिसार के युवाओं ने शानदार प्रदर्शन किया। पहले ही प्रयास में कुछ होनहारों ने अपने लक्ष्य को हासिल कर दिया। इसके लिए उन्होंने 12 से 15 घंटे तक पढ़ाई की। सोशल मीडिया से दूर बनाकर नियमित अभ्यास किया। मॉक टेस्ट हल कर इस मुकाम को पाया।बुधवार को कोचिंग संस्थानों में होनहारों के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किए गए।
शिक्षकों ने विद्यार्थियों को अप्रैल-मई माह में होने वाले दूसरे टेस्ट की तैयारी के लिए प्रेरित किया। परीक्षा में चैतन्य संस्थान के छात्र गौरव बेनीवाल ने 99.58 पर्सेंटाइल, अमनदीप ने 99.31 पर्सेंटाइल, अविनाश ने 99.04 पर्सेंटाइल हासिल किए। जेईई मेन में 99 पर्सेंटाइल हासिल करने वाले विद्यार्थियों ने साबित कर दिखाया कि लगन और मेहनत से हर लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। अमर उजाला से खास बातचीत में इन टॉपर्स ने दूसरे विद्यार्थियों के लिए अपनी सफलता के मंत्र साझा किए।
नैनिश, 99.52 पर्सेंटाइल
इस परीक्षा के लिए रोजाना 12 से 15 घंटे रोज पढ़ाई की। मैं तोशाम रोड स्थित आकाश इंस्टीट्यूट में क्लास लगाता था। घर आकर नियमित अभ्यास करता था। जिस प्रश्न में परेशानी आती, उसे शिक्षकों की सहायता से हल करता। निर्धारित दिनचर्या, विषयों पर गहराई से ध्यान देना, नियमित मॉक टेस्ट देना और गलतियों से सीख लेकर सफलता पाई। आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच परीक्षा के दबाव को कम करने में मदद करती है।
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गर्वित गर्ग, 99.60 पर्सेंटाइल
परीक्षा के दौरान मुझे मेरे परिवार का पूरा सहयोग मिला। किसी तरह का कोई दबाव नहीं था। मैंने इस परीक्षा के लिए नियमित रूप से क्लास लगाई और जिस टॉपिक में परेशानी हुई, उसमें शिक्षकों की सहायता ली और प्रतिदिन अभ्यास किया। अब मेरा लक्ष्य अप्रैल-मई में होने वाली एडवांस परीक्षा पर है। आकाश इंस्टीट्यूट के शिक्षकों ने हमें नियमित तौर पर मॉक टेस्ट कराए, जिसका काफी फायदा मिला। नियमित रूप से कक्षाएं लगाई और उसके बाद घर जाकर रिविजन किया।
मितुल, 99.10 पर्सेंटाइल
परीक्षा में अंक के लिए मम्मी-पापा ने कोई दबाव नहीं बनाया। सुबह क्लास लगाने के बाद घर आकर रिविजन करता था। किसी भी प्रश्न में कोई समस्या होती तो पहले उसे खुद से हल करने का प्रयास करता। फिर भी हल नहीं होने पर शिक्षकों से समझता था। आकाश कोचिंग सेंटर में हमें लगातार सहयोग मिला। अमित गोस्वामी सर रात को भी हमारे के लिए तैयार रहते थे। अब पूरा फोकस 12वीं की परीक्षा पर रहेगा। बोर्ड परीक्षा के बाद अगला लक्ष्य जेईई एडवांस पर करूंगा
आर्यन, 99.71 पर्सेंटाइल
रोजाना 8 से 10 घंटे तक नियमित सेल्फ स्टडी जरूरी है। चैतन्य कोचिंग संस्थान में कोचिंग के बाद घर आकर नियमित अभ्यास किया। संस्थान के शिक्षकों से लगातार अपने डाउट क्लीयर करता था। परीक्षा में कभी घबराना नहीं चाहिए। हर एक परीक्षा को गंभीरता से लेना चाहिए। अपने खाने, सोने तथा खेलने का समय भी निकालना चाहिए। कुछ देर के लिए योग करना आपको मानसिक तौर पर मजबूत बनाएगा।
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शिक्षकों ने विद्यार्थियों को अप्रैल-मई माह में होने वाले दूसरे टेस्ट की तैयारी के लिए प्रेरित किया। परीक्षा में चैतन्य संस्थान के छात्र गौरव बेनीवाल ने 99.58 पर्सेंटाइल, अमनदीप ने 99.31 पर्सेंटाइल, अविनाश ने 99.04 पर्सेंटाइल हासिल किए। जेईई मेन में 99 पर्सेंटाइल हासिल करने वाले विद्यार्थियों ने साबित कर दिखाया कि लगन और मेहनत से हर लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। अमर उजाला से खास बातचीत में इन टॉपर्स ने दूसरे विद्यार्थियों के लिए अपनी सफलता के मंत्र साझा किए।
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नैनिश, 99.52 पर्सेंटाइल
इस परीक्षा के लिए रोजाना 12 से 15 घंटे रोज पढ़ाई की। मैं तोशाम रोड स्थित आकाश इंस्टीट्यूट में क्लास लगाता था। घर आकर नियमित अभ्यास करता था। जिस प्रश्न में परेशानी आती, उसे शिक्षकों की सहायता से हल करता। निर्धारित दिनचर्या, विषयों पर गहराई से ध्यान देना, नियमित मॉक टेस्ट देना और गलतियों से सीख लेकर सफलता पाई। आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच परीक्षा के दबाव को कम करने में मदद करती है।
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गर्वित गर्ग, 99.60 पर्सेंटाइल
परीक्षा के दौरान मुझे मेरे परिवार का पूरा सहयोग मिला। किसी तरह का कोई दबाव नहीं था। मैंने इस परीक्षा के लिए नियमित रूप से क्लास लगाई और जिस टॉपिक में परेशानी हुई, उसमें शिक्षकों की सहायता ली और प्रतिदिन अभ्यास किया। अब मेरा लक्ष्य अप्रैल-मई में होने वाली एडवांस परीक्षा पर है। आकाश इंस्टीट्यूट के शिक्षकों ने हमें नियमित तौर पर मॉक टेस्ट कराए, जिसका काफी फायदा मिला। नियमित रूप से कक्षाएं लगाई और उसके बाद घर जाकर रिविजन किया।
मितुल, 99.10 पर्सेंटाइल
परीक्षा में अंक के लिए मम्मी-पापा ने कोई दबाव नहीं बनाया। सुबह क्लास लगाने के बाद घर आकर रिविजन करता था। किसी भी प्रश्न में कोई समस्या होती तो पहले उसे खुद से हल करने का प्रयास करता। फिर भी हल नहीं होने पर शिक्षकों से समझता था। आकाश कोचिंग सेंटर में हमें लगातार सहयोग मिला। अमित गोस्वामी सर रात को भी हमारे के लिए तैयार रहते थे। अब पूरा फोकस 12वीं की परीक्षा पर रहेगा। बोर्ड परीक्षा के बाद अगला लक्ष्य जेईई एडवांस पर करूंगा
आर्यन, 99.71 पर्सेंटाइल
रोजाना 8 से 10 घंटे तक नियमित सेल्फ स्टडी जरूरी है। चैतन्य कोचिंग संस्थान में कोचिंग के बाद घर आकर नियमित अभ्यास किया। संस्थान के शिक्षकों से लगातार अपने डाउट क्लीयर करता था। परीक्षा में कभी घबराना नहीं चाहिए। हर एक परीक्षा को गंभीरता से लेना चाहिए। अपने खाने, सोने तथा खेलने का समय भी निकालना चाहिए। कुछ देर के लिए योग करना आपको मानसिक तौर पर मजबूत बनाएगा।