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Hisar News: मंत्री के करीबी मित्र ने कॉल की तो पकड़ में आया फर्जीवाड़ा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 25 Jul 2026 12:18 AM IST
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The fraud came to light when a close friend of the minister called.
हिसार। कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा के करीबी मित्र सतबीर वर्मा की सतर्कता से मंत्री के नाम पर चल रहा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ। सतबीर वर्मा ने जब संदिग्ध नंबर पर फोन कर पूछा कि कौन बोल रहे हैं तो दूसरी ओर से जवाब मिला - मैं कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा बोल रहा हूं। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।
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पुलिस ने मंत्री के नाम पर फर्जी कॉल कर अधिकारियों और भाजपा पदाधिकारियों को गुमराह करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
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साइबर क्राइम थाना में 21 जुलाई 2026 को मंत्री के सहायक अरुण कुमार की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने 18 से 20 जुलाई के बीच सरकारी अधिकारियों और भाजपा पदाधिकारियों को कॉल कर खुद को मंत्री रणबीर गंगवा बताया। ट्रूकॉलर पर भी मंत्री का नाम और फोटो लगाकर फर्जी पहचान बनाई गई थी।
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जांच में सामने आया कि 18 जुलाई को अंबाला के अधीक्षण अभियंता भूपेंद्र सिंह, जबकि बाद में पानीपत, करनाल और गुरुग्राम के अधिकारियों व भाजपा पदाधिकारियों को भी कॉल कर अनुचित लाभ लेने का प्रयास किया गया।

फर्नीचर बेचने का झांसा देकर मांगे 75 हजार रुपये

20 जुलाई को आरोपी ने पानीपत भाजपा जिलाध्यक्ष दुष्यंत भट्ट और करनाल जिलाध्यक्ष प्रवीण लाठर को फोन कर खुद को मंत्री का पीए बताया। उसने कहा कि मंत्री के एक परिचित का तबादला हो गया है और उनके घर का फर्नीचर आधे दाम में बेचना है। इसके लिए 75 हजार रुपये देने को कहा गया। संदेह होने पर प्रवीण लाठर ने सीधे मंत्री रणबीर गंगवा से संपर्क किया, जिससे फर्जीवाड़े की पुष्टि हो गई।


साइबर थाना कर रहा पूरे नेटवर्क की जांच

जांच अधिकारी सतेंद्र सिंह ने बताया कि मामले में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(सी), 84(सी) तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 204, 318(2) और 319 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस को आशंका है कि फर्जी सिम उपलब्ध कराने और अन्य मदद करने वाले कुछ और लोग भी इस गिरोह से जुड़े हो सकते हैं। उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
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