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Hisar News: छह साल से चंडीगढ़ के दफ्तरों में ही घूम रही 500 बेड के अस्पताल की फाइल
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नागरिक अस्पताल का जर्जर भवन।
हिसार। जिला मुख्यालय पर 500 बेड के अस्पताल के लिए पिछले 6 साल से फाइल चंडीगढ़ के दफ्तरों में ही घूम रही है। नए अस्पताल भवन के लिए सरकार की ओर से कई बार एलान किया जा चुका है। इसके बाद भी आज तक स्वास्थ्य विभाग को जमीन नहीं मिल सकी है। हिसार जिला मुख्यालय पर अब भी पुराने जर्जर भवन में अस्पताल चलाया जा रहा है। इसमें वेंटिलेटर तक की सुविधा नहीं है।
करीब 6 साल पहले हिसार के लिए 500 बेड के अस्पताल का एलान किया गया था जिसमें लंबे समय तक अस्पताल के लिए जमीन ही चिह्नित नहीं की जा सकी। वर्ष 2023 में हिसार एयरपोर्ट के सामने चारा फार्म की जमीन को अस्पताल तथा बस अड्डा के लिए फाइनल कर दिया गया।
स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से भी इस पर सहमति बनी। करीब 50 एकड़ जमीन को चारा फार्म से वापस लेने के लिए प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार से पत्राचार किया था जिसमें केंद्र सरकार की ओर से हरियाणा सरकार को जवाब आ गया है। केंद्र सरकार लीज पर ली हुई जमीन में से अस्पताल, एयरपोर्ट और बस अड्डे के लिए जमीन वापस देने को तैयार हो गया। बस अड्डे के पास स्थित नागरिक अस्पताल गुजरी महल के 200 मीटर के दायरे में आता है। जिस कारण यहां नए निर्माण की अनुमति नहीं है।
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इसके चलते यहां अस्पताल में नया निर्माण नहीं हो पा रहा था। पिछले कई दशकों से अस्पताल के पुराने जर्जर भवन से ही काम चलाया जा रहा था। भवन की क्षमता कम होने के कारण यहां केवल 200 बेड की ही क्षमता है। अन्य सुविधाएं भी यहां शुरु नहीं हो पा रही हैं। अस्पताल परिसर में चिकित्सकों तथा अन्य स्टाफ के लिए आवास भी जर्जर होने के बाद कंडम घोषित किए जा चुके हैं।
नए अस्पताल के साथ वहां आवासीय परिसर भी बनाया जाना प्रस्तावित है। विधानसभा चुनाव 2024 से पहले प्रदेश के तात्कालिक स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने जमीन दिलाने के लिए काफी प्रयास भी किए। उन्होंने मुख्यमंत्री से इसकी अगस्त-सितंबर 2024 में आधारशिला रखवाने की योजना भी बना ली थी। विधानसभा चुनावों का समय से पहले एलान होने पर आधारशिला का कार्यक्रम भी टल गया।
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भवन न होने से नहीं बढ़ पा रही सुविधाएं
अस्पताल भवन जर्जर और प्रतिबंधित दायरे में होने के कारण इसमें नया निर्माण नहीं हो पा रहा। इसी के चलते अस्पताल अस्पताल में वेंटिलेटर की सुविधा शुरू नहीं हो पा रही। अस्पताल में आपातकालीन वार्ड भी छोटा है। इस कारण गंभीर मरीजों को यहां से रैफर किया जाता है। कई तरह के मेडिकल टेस्ट की लैब भी भवन की कमी के कारण नहीं बन पा रही।
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जिला मुख्यालय पर अस्पताल के लिए प्रदेश सरकार को प्रस्ताव भेजा हुआ है। इसमें केंद्र सरकार को दी गई जमीन काे वापस प्रदेश सरकार को ट्रांसफर करने की प्रक्रिया चल रही है। स्वास्थ्य विभाग को जमीन मिलने के बाद भवन निर्माण को लेकर प्रस्ताव बनवाएंगे।
- अनीश यादव, उपायुक्त हिसार।
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हिसार में 500 बेड के अस्पताल की घोषणा पिछले कार्यकाल से ही है। सरकार इसे हर हाल में पूरा कराएगी। कई बार केंद्र सरकार के साथ पत्राचार में लंबा समय लग जाता है। अस्पताल का निर्माण प्रदेश सरकार की प्राथमिकता में है।
- रणबीर गंगवा, मंत्री पीडब्ल्यूडी, हरियाणा।
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करीब 6 साल पहले हिसार के लिए 500 बेड के अस्पताल का एलान किया गया था जिसमें लंबे समय तक अस्पताल के लिए जमीन ही चिह्नित नहीं की जा सकी। वर्ष 2023 में हिसार एयरपोर्ट के सामने चारा फार्म की जमीन को अस्पताल तथा बस अड्डा के लिए फाइनल कर दिया गया।
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स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से भी इस पर सहमति बनी। करीब 50 एकड़ जमीन को चारा फार्म से वापस लेने के लिए प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार से पत्राचार किया था जिसमें केंद्र सरकार की ओर से हरियाणा सरकार को जवाब आ गया है। केंद्र सरकार लीज पर ली हुई जमीन में से अस्पताल, एयरपोर्ट और बस अड्डे के लिए जमीन वापस देने को तैयार हो गया। बस अड्डे के पास स्थित नागरिक अस्पताल गुजरी महल के 200 मीटर के दायरे में आता है। जिस कारण यहां नए निर्माण की अनुमति नहीं है।
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इसके चलते यहां अस्पताल में नया निर्माण नहीं हो पा रहा था। पिछले कई दशकों से अस्पताल के पुराने जर्जर भवन से ही काम चलाया जा रहा था। भवन की क्षमता कम होने के कारण यहां केवल 200 बेड की ही क्षमता है। अन्य सुविधाएं भी यहां शुरु नहीं हो पा रही हैं। अस्पताल परिसर में चिकित्सकों तथा अन्य स्टाफ के लिए आवास भी जर्जर होने के बाद कंडम घोषित किए जा चुके हैं।
नए अस्पताल के साथ वहां आवासीय परिसर भी बनाया जाना प्रस्तावित है। विधानसभा चुनाव 2024 से पहले प्रदेश के तात्कालिक स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने जमीन दिलाने के लिए काफी प्रयास भी किए। उन्होंने मुख्यमंत्री से इसकी अगस्त-सितंबर 2024 में आधारशिला रखवाने की योजना भी बना ली थी। विधानसभा चुनावों का समय से पहले एलान होने पर आधारशिला का कार्यक्रम भी टल गया।
भवन न होने से नहीं बढ़ पा रही सुविधाएं
अस्पताल भवन जर्जर और प्रतिबंधित दायरे में होने के कारण इसमें नया निर्माण नहीं हो पा रहा। इसी के चलते अस्पताल अस्पताल में वेंटिलेटर की सुविधा शुरू नहीं हो पा रही। अस्पताल में आपातकालीन वार्ड भी छोटा है। इस कारण गंभीर मरीजों को यहां से रैफर किया जाता है। कई तरह के मेडिकल टेस्ट की लैब भी भवन की कमी के कारण नहीं बन पा रही।
जिला मुख्यालय पर अस्पताल के लिए प्रदेश सरकार को प्रस्ताव भेजा हुआ है। इसमें केंद्र सरकार को दी गई जमीन काे वापस प्रदेश सरकार को ट्रांसफर करने की प्रक्रिया चल रही है। स्वास्थ्य विभाग को जमीन मिलने के बाद भवन निर्माण को लेकर प्रस्ताव बनवाएंगे।
- अनीश यादव, उपायुक्त हिसार।
हिसार में 500 बेड के अस्पताल की घोषणा पिछले कार्यकाल से ही है। सरकार इसे हर हाल में पूरा कराएगी। कई बार केंद्र सरकार के साथ पत्राचार में लंबा समय लग जाता है। अस्पताल का निर्माण प्रदेश सरकार की प्राथमिकता में है।
- रणबीर गंगवा, मंत्री पीडब्ल्यूडी, हरियाणा।