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Hisar News: खर्च का तंबू तना, जनता की राह सूनी, नगर निगम कार्यालय में सेवा सेतु कैंप में दो दिन में पहुंचे 116 लाभार्थी, टेंट का एक लाख आ गया खर्च
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नगर निगम में आयोजित सेवा सेतु शिविर में पहुंचे लोग।
हिसार। नगर निगम कार्यालय में सेवा सेतु अभियान के तहत मंगलवार को दूसरे दिन शिविर में 19 विभागों के अधिकारी और कर्मचारी स्टाल पर मौजूद रहे। हालांकि योजनाओं की जानकारी लेने के लिए केवल 56 लोग पहुंचे। पहले दिन 60 लाभार्थी आए थे। दो दिन में संख्या 116 रही।
टेंट संचालक नवीन कटारिया के अनुसार हर दिन का करीब 50 हजार रुपये खर्च है। टेंट के साथ मेज, मेट और कुर्सियां भी उपलब्ध करवाई गई हैं। दो दिन में इन व्यवस्थाओं पर करीब एक लाख रुपये खर्च हुआ है। कर्मचारियों की रिफ्रेशमेंट व अन्य खर्च अलग है। कम संख्या में लाभार्थियों के पहुंचने से आयोजन और प्रचार-प्रसार पर सवाल उठ रहे हैं।
प्रशासन ने दावा था कि एक ही छत के नीचे शहरवासियों को सरकारी सुविधाओं और कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी मिलेगी। नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, विभिन्न बैंक, पशुपालन विभाग, बिजली निगम, मत्स्य पालन विभाग, एडीसी कार्यालय, हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम, हरियाणा पिछड़ा वर्ग एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग कल्याण निगम, हरियाणा कौशल रोजगार निगम, जिला समाज कल्याण विभाग, जिला बाल कल्याण विभाग व सीपीओ ब्रांच नगर निगम सहित 19 विभागों के काउंटर लगाए गए। अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी के बावजूद शिविर में दिनभर भीड़ नहीं जुटी।
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प्रचार-प्रसार के अभाव में खोया शिविर का उद्देश्य
शिविर का उद्देश्य अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने की परेशानी कम करना था। एक स्थान पर विभागों के प्रतिनिधि उपलब्ध होने से लोगों को आवेदन, पात्रता और दस्तावेज संबंधी जानकारी मिलने की उम्मीद थी लेकिन सीमित संख्या में लोगों के पहुंचने से यह सुविधा स्तर पर नहीं पहुंच सकी। स्थानीय लोगों ने कहा कि शिविर से पहले वार्डों में सूचना दी जानी चाहिए थी। हालांकि शिविर को लेकर व्यापक प्रचार-प्रसार नहीं हुआ। नरेश कुमार व अमनदीप ने बताया कि वे निगम कार्यालय में किसी अन्य व्यक्तिगत काम से आए थे। इसी दौरान उन्हें शिविर की जानकारी मिली। उनका कहना है कि वार्डों में पहले से प्रचार किया जाता तो अधिक लोग पहुंच सकते थे। बुधवार को भी शिविर लगाया जाएगा।
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निगम कार्यालय में लगे शिविर के बारे में ज्यादा प्रचार-प्रसार नहीं किया गया। व्हाट्सएप ग्रुपों में डालकर इतिश्री कर ली गई थी। अगर वार्डवाइज शिविर लगाते तो ज्यादा लोग फायदा उठा सकते थे। - जयप्रकाश, पार्षद प्रतिनिधि, वार्ड-9
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सच्चाई यह है कि जनता को अब इन शिविरों पर विश्वास ही नहीं रहा। ऐसे शिविर में चले भी जाएं तो वहां काम नहीं होता है। आवेदन करवा कर छोड़ देंगे। इसके बाद आगे प्रक्रिया बढ़ती नहीं है। इसलिए लोगों ने जाना छोड़ दिया है। - सत्यवान पानू, पार्षद, वार्ड-19
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शिविर में सरकारी विभागों के प्रतिनिधि अपने-अपने विभाग की योजनाओं, सुविधाओं और सेवाओं की जानकारी दे रहे हैं। पात्र लाभार्थियों को आवश्यक प्रक्रिया और दस्तावेजों की जानकारी भी दी जा रही है। बुधवार को भी शिविर लगेगा। जनता इसका लाभ उठाए। - डॉ. वेदप्रकाश, अतिरिक्त आयुक्त, नगर निगम हिसार।
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टेंट संचालक नवीन कटारिया के अनुसार हर दिन का करीब 50 हजार रुपये खर्च है। टेंट के साथ मेज, मेट और कुर्सियां भी उपलब्ध करवाई गई हैं। दो दिन में इन व्यवस्थाओं पर करीब एक लाख रुपये खर्च हुआ है। कर्मचारियों की रिफ्रेशमेंट व अन्य खर्च अलग है। कम संख्या में लाभार्थियों के पहुंचने से आयोजन और प्रचार-प्रसार पर सवाल उठ रहे हैं।
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प्रशासन ने दावा था कि एक ही छत के नीचे शहरवासियों को सरकारी सुविधाओं और कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी मिलेगी। नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, विभिन्न बैंक, पशुपालन विभाग, बिजली निगम, मत्स्य पालन विभाग, एडीसी कार्यालय, हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम, हरियाणा पिछड़ा वर्ग एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग कल्याण निगम, हरियाणा कौशल रोजगार निगम, जिला समाज कल्याण विभाग, जिला बाल कल्याण विभाग व सीपीओ ब्रांच नगर निगम सहित 19 विभागों के काउंटर लगाए गए। अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी के बावजूद शिविर में दिनभर भीड़ नहीं जुटी।
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प्रचार-प्रसार के अभाव में खोया शिविर का उद्देश्य
शिविर का उद्देश्य अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने की परेशानी कम करना था। एक स्थान पर विभागों के प्रतिनिधि उपलब्ध होने से लोगों को आवेदन, पात्रता और दस्तावेज संबंधी जानकारी मिलने की उम्मीद थी लेकिन सीमित संख्या में लोगों के पहुंचने से यह सुविधा स्तर पर नहीं पहुंच सकी। स्थानीय लोगों ने कहा कि शिविर से पहले वार्डों में सूचना दी जानी चाहिए थी। हालांकि शिविर को लेकर व्यापक प्रचार-प्रसार नहीं हुआ। नरेश कुमार व अमनदीप ने बताया कि वे निगम कार्यालय में किसी अन्य व्यक्तिगत काम से आए थे। इसी दौरान उन्हें शिविर की जानकारी मिली। उनका कहना है कि वार्डों में पहले से प्रचार किया जाता तो अधिक लोग पहुंच सकते थे। बुधवार को भी शिविर लगाया जाएगा।
निगम कार्यालय में लगे शिविर के बारे में ज्यादा प्रचार-प्रसार नहीं किया गया। व्हाट्सएप ग्रुपों में डालकर इतिश्री कर ली गई थी। अगर वार्डवाइज शिविर लगाते तो ज्यादा लोग फायदा उठा सकते थे। - जयप्रकाश, पार्षद प्रतिनिधि, वार्ड-9
सच्चाई यह है कि जनता को अब इन शिविरों पर विश्वास ही नहीं रहा। ऐसे शिविर में चले भी जाएं तो वहां काम नहीं होता है। आवेदन करवा कर छोड़ देंगे। इसके बाद आगे प्रक्रिया बढ़ती नहीं है। इसलिए लोगों ने जाना छोड़ दिया है। - सत्यवान पानू, पार्षद, वार्ड-19
शिविर में सरकारी विभागों के प्रतिनिधि अपने-अपने विभाग की योजनाओं, सुविधाओं और सेवाओं की जानकारी दे रहे हैं। पात्र लाभार्थियों को आवश्यक प्रक्रिया और दस्तावेजों की जानकारी भी दी जा रही है। बुधवार को भी शिविर लगेगा। जनता इसका लाभ उठाए। - डॉ. वेदप्रकाश, अतिरिक्त आयुक्त, नगर निगम हिसार।