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40 यात्रियों का बोझ नहीं झेल पाया एस्केलेटर, उद्घाटन के समय ही तीन बार हुआ बंद

Mon, 12 Aug 2019 12:06 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 12 Aug 2019 12:06 AM IST
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the escalator could not bear the burden of 40 passengers
रेलवे स्टेशन पर एस्केलेटर के उद्घाटन के दौरान उस पर क्षमता से अधिक लोगों के चढ़ने से बंद हुआ एस्क? - फोटो : Hisar
रेलवे स्टेशन पर लगाया गया एस्केलेटर 40 यात्रियों का बोझ भी नहीं झेल पाया। उद्घाटन के समय एस्केलेटर तीन बार बंद हुआ। इस दौरान एस्केलेटर से आधे यात्री नीचे उतारे गए, जिसके बाद उसे दोबारा चालू किया गया। ऐसा तीन बार हुआ, लेकिन इतना होने के बावजूद सांसद बृजेंद्र सिंह और मेयर गौतम सरदाना ने संबंधित अधिकारियों से एस्केलेटर बंद होने का कारण तक नहीं पूछा। सभी लोग हंसी में टाल गए, जबकि यात्रियों ने एस्केलेटर बंद होने का जमकर मजाक उड़ाया।
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दरअसल, रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-1 पर लगाए गए एस्केलेटर का रविवार को सांसद बृजेंद्र सिंह उद्घाटन करने पहुंचे। उद्घाटन के बाद जैसे ही सांसद, मेयर व अन्य नेतागण सहित यात्री एस्केलेटर से फुट ओवरब्रिज पर जाने लगे तो तीन बार एस्केलेटर बीच में बंद हो गया। एस्केलेटर के बंद होने कारण क्षमता से अधिक यात्रियों के एकसाथ उस पर चढ़ना रहा। इसी कारण आधे यात्रियों को बीच में उतारा जाता और फिर से उसे चालू किया जाता।
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ट्रायल था तो रहा चालू, उद्घाटन पर हुआ बंद: जब एस्केलेटर का ट्रायल था तो यह चालू रहा, लेकिन रविवार को जब इसका उद्घाटन हुआ तो तीन बार बंद हो गया। कुछ दिन पहले रेलवे स्टेशन पर निरीक्षण करने पहुंची पीएसी की टीम के सामने यहां के अधिकारियों ने काम पूरा नहीं होने के बाद भी एस्केलेटर को चालू करके दिखाया था। रविवार को जब सांसद ने उद्घाटन किया तो हकीकत में एस्केलेटर बंद हो गया। जैसे ही एस्केलेटर बंद हुआ तो वहां खड़े यात्री आपस में बात करते नजर आए कि इसमें घटिया क्वालिटी का सामान लगाया गया है।
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एस्केलेटर की मुख्य विशेषता : चेन्नई की फर्म जॉनसन लिफ्ट प्राइवेट से खरीदे गए दो एस्केलेटर स्टेशन पर लगाए गए हैं। प्लेटफार्म नंबर-1 पर लगे एस्केलेटर अप और डाउन के हैं, जिन्हें दो गिना जाता है। इनकी कुल लागत कीमत 1 करोड़ 2 लाख रुपये हैं, अर्थात एक एस्केलेटर 51 लाख रुपये का है। दोनों एस्केलेटर की 20 लाख रुपये बिजली का कार्य और 30 लाख रुपये में इंजीनियरिंग कार्य के लगे हैं। इस प्रकार दोनों एस्केलेटर स्टेशन पर कुल लागत 1 करोड़ 52 लाख रुपये में लगे हैं। इनकी चलने की क्षमता 24 घंटे में 20 घंटे लगातार चलने की है। ये एस्केलेटर एक घंटे में छह हजार और एक दिन में 1.20 लाख यात्रियों को ऊपर-नीचे ले जाएंगे।
ये है एस्केलेटर की लंबाई-चौड़ाई
एस्केलेटर की स्पीड - 0.5 मीटर प्रति मिनट
आकार/झुकाव - 30 डिग्री
चौड़ाई - 1000 मिलीमीटर
लंबाई - 6500 मिलीमीटर
ऐसी कोई बात नहीं है। यात्रियों की भीड़ एकदम एस्केलेटर पर चढ़ गई थी। इसी कारण बीच में बंद हो गया था।
- विनय झा, पब्लिक रिलेशन इंस्पेक्टर, बीकानेर मंडल
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