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Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   The elderly woman then took the lives of abandoned animals

लावारिस पशुओं ने फिर ली बुजुर्ग महिला की जान

Sat, 09 Aug 2014 11:32 PM IST
hisar
hisar Updated Sat, 09 Aug 2014 11:32 PM IST
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शहर में लावारिस पशुआें ने आम आदमी का जीना हराम कर रखा है। नगर निगम इन पशुओं को आसरा देने या फिर इन्हें पकड़ने में हर बार नाकाम साबित हो रहा है। आए दिन बेसहारा पशुओं की वजह से लोगों को जान गंवानी पड़ रही है। शनिवार को सांड की आपसी लड़ाई में 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला को जान गंवानी पड़ी। घटना रामपुरा मोहल्ला में बृहस्पतिवार की है। बुजुर्ग महिला ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।

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परिजनों ने बताया कि बुजुर्ग महिला कौशल्या घटना वाले दिन शाम को घर के बाहर टहल रही थी। टहलते टहलने घर से महत 30 मीटर दूर ही गई थी कि दो सांड आपस में लड़ते हुए गली में आ गए। सांडों ने बुजुर्ग महिला को चपेट में ले लिया। मोहल्ले के लोगों ने मुश्किल से लावारिस पशुओं के चंगुल से बुजुर्ग को छुड़वाया। हादसे में बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजनों ने उसे उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां दो दिन के उपचार के बाद महिला ने दम तोड़ दिया। शनिवार को शव पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल ले जाया गया। देर शाम तक महिला का पोस्टमार्टम नहीं हुआ। बाद में परिजनों ने महिला के शव का पोस्टमार्टम करवाने से इंकार कर दिया।
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दो सांडों की लड़ाई में रामपुरा मोहल्ला निवासी 82 वर्षीय कौशल्या की बीती देर रात मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम को जब वह गली में खड़ी थी तो गली में खड़े दो सांड आपस में लड़ाई करने लगे और इस बीच कौशल्या चपेट में आ गई और उन्हें गहरी चोटें लगीं। उपचार के दौरान बीती देर रात महिला ने दम तोड़ दिया।
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नगर निगम के अधिकारी बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए गंभीर नहीं है। निगम के अधिकारी पशु पकड़ो अभियान चला रहा है, लेकिन कितने पशु पकड़े कोई जानकारी तक नहीं। पार्षदों ने अपने स्तर पर निगम कर्मचारियों के साथ मिलकर एक दिन कुछ पशु पकड़े। इन पशुओं को पशु मालिक ताला तोड़कर खुद निकालकर ले गए। निगम अधिकारियों की इतनी हिम्मत तक नहीं हुई कि ऐसे लोगों पर कानूनी कार्रवाई करवाए।

डिप्टी मेयर भीम महाजन का पशु पकड़ो अभियान भी पहले दिन ही फेल हो गया था। पार्षद कर्मबीर ढिल्लो और महाजन ने मिलकर पहले दिन 12 पशु पकड़वाए। एक घंटे की प्रक्रिया में मेयर ने भी जोर-शोर से कार्य का शुभारंभ किया, लेकिन सब धरा रह गया। एक घंटे की प्रक्रिया के बाद पशु पकड़ने वाली टीम कहां गई, अधिकारियों तक को नहीं पता।

ये हो चुकी हैं घटनाएं

- 9 मई को सड़क पर लड़ रहे सांडों के कारण महाबीर कॉलोनी निवासी साइकिल सवार की मौत
- 28 जून को रायपुर गांव निवासी बाइक सवार सत्यवान की लावारिस पशुओं की टक्कर से मौत
- 26 जून को सूर्य नगर के बुजुर्ग देशराज के पेट में सींग घोंपा, तीन दिन बाद उसकी मौत।
-17 जुलाई को गैबीपुर गांव के पास बाइक के आगे आए सांड, चालक बलबीर की मौत।

डिप्टी मेयर भीम महाजन से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि वे इस मामले को लेकर गंभीर हैं। हमारा पशु पकड़ो अभियान फिर से चलेगा। वे स्थाई बाड़े की तलाश में हैं। उनकी निगाह में एक ऐसा स्थान है, लेकिन उसमें प्रशासनिक स्वीकृति में दिक्कत है। इस मामले को लेकर वे सोमवार को डीसी से मिलेंगे।

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