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Hisar News: एक सप्ताह में शुरू हो जाएगा शेष दो पिलर निर्माण का काम
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हिसार। सातरोड के पास साउथ बाईपास पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) की संशोधित जीएडी (जरनल अरेंजमेंट ड्राइंग) को मंजूरी मिलने के साथ ही रेलवे के हिस्से में बनने वाले दो पिलर का निर्माण कार्य एक सप्ताह में शुरू हो जाएगा। वहीं बीएंडआर के हिस्से में आने वाले एक पिलर की पाइल डाल दी गई है। आरओबी की संशोधित जीएडी को रेलवे की मंजूरी न मिलने के कारण इन तीन पिलर का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा था। फिलहाल आरओबी के 16 में से 13 पिलर बनकर तैयार हो चुके हैं। नए साल में मई तक इस प्रोजेक्ट को पूरा किया जाना प्रस्तावित है।
बता दें कि निर्माणाधीन आरओबी के पास ही रेलवे का सब स्टेशन स्थित है। इस सब स्टेशन को 132 केवी की लाइन से बिजली सप्लाई की जा रही है। इस लाइन को साउथ बाईपास से अंडरग्राउंड किया हुआ है। यह लाइन आरओबी के लिए बिछाई जा रही पाइल के बीच में आ रही थी। इस कारण से पहले इस लाइन को शिफ्ट करने का फैसला किया गया था। मगर इसे शिफ्ट करने पर करीब 5 करोड़ खर्च आना था। इस भारी भरकम खर्च को रोकने के लिए अधिकारियों ने आरओबी की ड्राइंग में थोड़ा फेरबदल का फैसला किया। ड्राइंग में हुए इस बदलाव को बीएंडआर व रेलवे दोनों से मंजूर भी करवाया जाना था। रेलवे की तरफ से संशोधित ड्राइंग को कुछ समय पहले ही मंजूरी मिली है।
रेलवे के हिस्से में की जाएगी पाइल टेस्टिंग
रेलवे के हिस्से में बनने वाले दो पिलर के निर्माण से पहले पाइल टेस्टिंग की जाएगी। पाइल डालने व टेस्टिंग की प्रक्रिया में करीब एक से डेढ़ माह का समय लग जाएगा। टेस्टिंग के बाद पिलर का स्ट्रक्चर बनाया जाएगा। रेलवे के हिस्से में जितना भी कार्य किया जाएगा, वह रेलवे अधिकारियों की निगरानी में ही किया जाएगा।
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658 मीटर लंबा होगा आरओबी
इस आरओबी की कुल लंबाई 658 मीटर होगी। सड़क की चौड़ाई 11 मीटर होगी। इसके दोनों तरफ तीन-तीन मीटर की सर्विस रोड भी बनाई जाएगी। यह आरओबी दिल्ली रोड को पार करके सातरोड में जाकर खत्म होगा। सातरोड, हिसार की तरफ व दिल्ली की तरफ इसकी लंबाई 148-148 मीटर होगी। आरओबी के निर्माण पर करीब 31.10 करोड़ रुपये की लागत आएगी। हालांकि प्रशासनिक मंजूरी 43 करोड़ रुपये की है।
घोड़ा फार्म रेलवे फाटक : प्रस्तावित आरओबी की जीएडी को भी मंजूरी जल्द
उधर, शहर के घोड़ा फार्म रेलवे फाटक पर प्रस्तावित आरओबी की जीएडी को भी जल्द मंजूरी मिलने की संभावना है। जीएडी की फाइल फिलहाल रेलवे के बीकानेर कार्यालय में है। यहां से फाइल मंजूर होने के बाद अंतिम मंजूरी के लिए जयपुर कार्यालय भेजी जाएगी। अधिकारियों की मानें तो नए साल के पहले माह में ही इसकी जीएडी को मंजूरी मिल जाएगी। इस आरओबी के प्रोजेक्ट को तैयार करने व उसे सभी संबंधित विभागों से मंजूर करने वाले को लेकर 6 साल पहले कंसलटेंट नियुक्त किया गया था। मगर आज तक ड्राइंग को रेलवे से मंजूरी नहीं मिली है। इस पर बीएंडआर ने उक्त कंसलटेंट को हटाकर उसकी जगह नया सलाहकार नियुक्त किया। बता दें कि इस आरओबी के बनने के बाद साउथ बाईपास रेलवे फाटक मुक्त हो जाएगा।
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सातरोड आरओबी पर रेलवे के हिस्से वाले शेष दो पिलर का निर्माण एक सप्ताह में शुरू हो जाएगा। इस प्रोजेक्ट को निर्धारित समय पर पूरा कर दिया जाएगा। वहीं, घोड़ा फार्म के पास बनने वाले आरओबी की जीएडी को भी जल्द ही मंजूरी मिलने की उम्मीद है। -
रजनीश कुमार, एक्सईएन, बीएंडआर
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बता दें कि निर्माणाधीन आरओबी के पास ही रेलवे का सब स्टेशन स्थित है। इस सब स्टेशन को 132 केवी की लाइन से बिजली सप्लाई की जा रही है। इस लाइन को साउथ बाईपास से अंडरग्राउंड किया हुआ है। यह लाइन आरओबी के लिए बिछाई जा रही पाइल के बीच में आ रही थी। इस कारण से पहले इस लाइन को शिफ्ट करने का फैसला किया गया था। मगर इसे शिफ्ट करने पर करीब 5 करोड़ खर्च आना था। इस भारी भरकम खर्च को रोकने के लिए अधिकारियों ने आरओबी की ड्राइंग में थोड़ा फेरबदल का फैसला किया। ड्राइंग में हुए इस बदलाव को बीएंडआर व रेलवे दोनों से मंजूर भी करवाया जाना था। रेलवे की तरफ से संशोधित ड्राइंग को कुछ समय पहले ही मंजूरी मिली है।
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रेलवे के हिस्से में की जाएगी पाइल टेस्टिंग
रेलवे के हिस्से में बनने वाले दो पिलर के निर्माण से पहले पाइल टेस्टिंग की जाएगी। पाइल डालने व टेस्टिंग की प्रक्रिया में करीब एक से डेढ़ माह का समय लग जाएगा। टेस्टिंग के बाद पिलर का स्ट्रक्चर बनाया जाएगा। रेलवे के हिस्से में जितना भी कार्य किया जाएगा, वह रेलवे अधिकारियों की निगरानी में ही किया जाएगा।
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658 मीटर लंबा होगा आरओबी
इस आरओबी की कुल लंबाई 658 मीटर होगी। सड़क की चौड़ाई 11 मीटर होगी। इसके दोनों तरफ तीन-तीन मीटर की सर्विस रोड भी बनाई जाएगी। यह आरओबी दिल्ली रोड को पार करके सातरोड में जाकर खत्म होगा। सातरोड, हिसार की तरफ व दिल्ली की तरफ इसकी लंबाई 148-148 मीटर होगी। आरओबी के निर्माण पर करीब 31.10 करोड़ रुपये की लागत आएगी। हालांकि प्रशासनिक मंजूरी 43 करोड़ रुपये की है।
घोड़ा फार्म रेलवे फाटक : प्रस्तावित आरओबी की जीएडी को भी मंजूरी जल्द
उधर, शहर के घोड़ा फार्म रेलवे फाटक पर प्रस्तावित आरओबी की जीएडी को भी जल्द मंजूरी मिलने की संभावना है। जीएडी की फाइल फिलहाल रेलवे के बीकानेर कार्यालय में है। यहां से फाइल मंजूर होने के बाद अंतिम मंजूरी के लिए जयपुर कार्यालय भेजी जाएगी। अधिकारियों की मानें तो नए साल के पहले माह में ही इसकी जीएडी को मंजूरी मिल जाएगी। इस आरओबी के प्रोजेक्ट को तैयार करने व उसे सभी संबंधित विभागों से मंजूर करने वाले को लेकर 6 साल पहले कंसलटेंट नियुक्त किया गया था। मगर आज तक ड्राइंग को रेलवे से मंजूरी नहीं मिली है। इस पर बीएंडआर ने उक्त कंसलटेंट को हटाकर उसकी जगह नया सलाहकार नियुक्त किया। बता दें कि इस आरओबी के बनने के बाद साउथ बाईपास रेलवे फाटक मुक्त हो जाएगा।
सातरोड आरओबी पर रेलवे के हिस्से वाले शेष दो पिलर का निर्माण एक सप्ताह में शुरू हो जाएगा। इस प्रोजेक्ट को निर्धारित समय पर पूरा कर दिया जाएगा। वहीं, घोड़ा फार्म के पास बनने वाले आरओबी की जीएडी को भी जल्द ही मंजूरी मिलने की उम्मीद है। -
रजनीश कुमार, एक्सईएन, बीएंडआर