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Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   The body of young female relatives insist on giving not taking, action

युवक का शव नहीं उठाने देने पर अड़ी महिला रिश्तेदार, हंगामा

Thu, 02 Oct 2014 12:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार Updated Thu, 02 Oct 2014 12:25 AM IST
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सामान्य अस्पताल की इमरजेंसी में दोपहर 12.30 बजे से 2.15 बजे तक इमरजेंसी में किसी को दाखिल नहीं किया गया। करीब पौने दो घंटे तक गंभीर हालत में आए मरीज इमरजेंसी के बाहर ऐसे ही तड़पते रहे।

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कारण, शव के साथ आई मृतक की जींद निवासी महिला रिश्तेदार ने मृतक के परिवार वालों के हिसार आने तक डेड बॉडी को इमरजेंसी से नहीं उठने दिया। उक्त महिला ने इमरजेंसी में तैनात स्टाफ नर्स और डॉक्टरों से भी काफी देर तक बहस की। मृतक के परिजनों के वहां आने के बाद ही डेड बॉडी को इमरजेंसी से हटाया गया और दूसरे मरीजों को इमरजेंसी में दाखिल किया जा सका।
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ये है मामला

रोहतक के पाकस्मां गांव निवासी श्रीनिवास जींद में डॉ. एके चावला के यहां नवरात्रों में पाठ करने के लिए गया था। उसके साथ करीब 10 पंड़ित और थे जो डॉ. चावला के यहां पाठ करने गए थे। श्रीनिवास डॉ. चावला के घर की पहली मंजिल से गिर गया था, जिसके कारण गंभीर रूप से घायल हो गया था। इलाज के लिए श्रीनिवास को हिसार लाया जा रहा था तो रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
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इसलिए शव को इमरजेंसी में रखवा दिया गया। मृतक के साथ उसकी महिला रिश्तेदार थी। इमरजेंसी में डॉक्टरों ने जांच के बाद युवक को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद महिला ने हंगामा कर दिया और डेड बॉडी को उठाने नहीं दिया। महिला रिश्तेदार ने इमरजेंसी में न किसी डॉक्टर को घुसने दिया और न ही किसी मरीज को। वह इमरजेंसी के गेट के सामने खड़ी हो गई।

इमरजेंसी में तैनात स्टाफ नर्स और डॉक्टरों से भी काफी देर तक बहस की। स्टाफ नर्स ने महिला से दूसरे मरीजों की समस्याओं के बारे में भी बताया, लेकिन वह एक ही बात पर अड़ी रहीं कि जब तक मृतक के घरवाले रोहतक  से नहीं आ जाते, डेड बॉडी इमरजेंसी से नहीं उठेगी।

दूसरे मरीजों को हुई परेशानी

इमरजेंसी में शव के पड़े होने के कारण दूसरे गंभीर मरीजों को दाखिल नहीं किया गया। इसके कारण करीब पौने दो घंटे मरीज इमरजेंसी के बाहर बेड्स पर पड़े रहे या इमरजेंसी के बाहर बिछी कुर्सियों पर बैठे रहे।


जब मृतक के परिवार वाले आए उसके बाद मृतक के शरीर को इमरजेंसी से हटाया गया और दूसरे मरीजों को इमरजेंसी में दाखिल किया गया। उधर, मृतक के भाई सुरेंद्र ने आरोप लगाया है कि उसका भाई गिरा नहीं, बल्कि किसी ने धक्का देकर उसे गिराया है। 

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