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Hisar News: अखंड पाठ का भोग डाला, गुरु का अटूट लंगर बरताया
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नागोरी गेट स्थित गुरुद्वारा में अखंड पाठ का भोग में भाग लेती संगत पाठ करते पाठी
हिसार। गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा नागौरी गेट की ओर से बुधवार को पहले सिख गुरु श्री गुरु नानक देव जी महाराज का प्रकाश पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। सुबह 11 बजे गुरुद्वारा साहिब में गुरुघर से जुड़ी साध संगतों की उपस्थिति में अखंड पाठ साहिब का भोग डाला गया। इसके बाद स्त्री सत्संग दी बीबीयां, रागी जत्था भाई सूबा सिंह (पेहवा वाले) और भाई कुलदीप सिंह ने शबद कीर्तन कर साध संगतों को निहाल किया।
रागियों ने अपने कीर्तन में गुरु नानक देव जी के उपदेशों का स्मरण कराते हुए कहा कि उन्होंने समाज में समानता, सेवा और एकता का संदेश दिया। उन्होंने लंगर परंपरा की शुरुआत की, जहां सभी लोग जात-पात और भेदभाव से ऊपर उठकर एक साथ बैठकर भोजन करते हैं।
गुरु नानक देव जी ने नाम जपो, कीरत करो, वंड छको के तीन सिद्धांतों का प्रचार किया, जो ईश्वर के स्मरण, ईमानदारी से कर्म करने और अपनी कमाई को दूसरों के साथ बांटने का संदेश देते हैं। उन्होंने अंधविश्वास, पाखंड और जाति-भेद जैसी कुरीतियों का विरोध करते हुए बताया कि सभी मनुष्य एक ही ईश्वर की संतान हैं।
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समागम के अंत में गुरुद्वारा साहिब के हेड ग्रंथी ने सरबत के भले के लिए अरदास की। गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी की ओर से रागियों और सेवादारों को सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया गया। गुरुघर से जुड़े सेवादारों ने बाहर खाद्य सामग्री के स्टॉल लगाकर सेवा की और गुरु का अटूट लंगर बरताया गया।
इस मौके पर गुलजार सिंह काहलो, इंद्रजीत सिंह चावला, कुलविंदर सिंह गिल, राजू बाबा ट्रांसपोर्ट, हरजीत सिंह जीता, सुखविंदर सिंह, जसविंदर सिंह समेत बड़ी संख्या में संगत मौजूद रही।
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रागियों ने अपने कीर्तन में गुरु नानक देव जी के उपदेशों का स्मरण कराते हुए कहा कि उन्होंने समाज में समानता, सेवा और एकता का संदेश दिया। उन्होंने लंगर परंपरा की शुरुआत की, जहां सभी लोग जात-पात और भेदभाव से ऊपर उठकर एक साथ बैठकर भोजन करते हैं।
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गुरु नानक देव जी ने नाम जपो, कीरत करो, वंड छको के तीन सिद्धांतों का प्रचार किया, जो ईश्वर के स्मरण, ईमानदारी से कर्म करने और अपनी कमाई को दूसरों के साथ बांटने का संदेश देते हैं। उन्होंने अंधविश्वास, पाखंड और जाति-भेद जैसी कुरीतियों का विरोध करते हुए बताया कि सभी मनुष्य एक ही ईश्वर की संतान हैं।
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समागम के अंत में गुरुद्वारा साहिब के हेड ग्रंथी ने सरबत के भले के लिए अरदास की। गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी की ओर से रागियों और सेवादारों को सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया गया। गुरुघर से जुड़े सेवादारों ने बाहर खाद्य सामग्री के स्टॉल लगाकर सेवा की और गुरु का अटूट लंगर बरताया गया।
इस मौके पर गुलजार सिंह काहलो, इंद्रजीत सिंह चावला, कुलविंदर सिंह गिल, राजू बाबा ट्रांसपोर्ट, हरजीत सिंह जीता, सुखविंदर सिंह, जसविंदर सिंह समेत बड़ी संख्या में संगत मौजूद रही।