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Hisar News: 4 रुपये प्रति स्कवेयर मीटर के हिसाब से करना होगा भुगतान, एजेंसी एक से ज्यादा पार्कों का भी कर सकेगी रखरखाव
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हिसार। शहरी स्थानीय निकाय विभाग (यूएलबी) ने नगर निगम एरिया के अधीन आने वाले पार्कों व ग्रीन बेल्ट के रखरखाव को लेकर नई गाइड लाइन जारी की है। अब निगम प्रशासन को इसी गाइड लाइन की पालना करनी होगी। नई गाइड लाइन के मुताबिक पार्कों का रखरखाव करने वाली एजेंसी को 4 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर के हिसाब से भुगतान करना होगा। इसके अलावा एक एजेंसी को एक से भी ज्यादा पार्क रखरखाव के लिए दिए जा सकेंगे।
बता दें कि अभी तक पार्कों के रखरखाव को लेकर विभाग की कोई गाइडलाइन नहीं थी। इस कारण से सभी यूएलबी ने इसे लेकर अपने-अपने नियम बना हुए थे। पूरे प्रदेश में एक जैसे नियम लागू करने को लेकर यूएलबी ने यह गाइड लाइन जारी की है। नए नियमों के अनुसार अब एक एजेंसी एक से ज्यादा पार्कों का रखरखाव कर सकेगी। नई गाइडलाइन में एक कॉलोनी या एक सेक्टर के पार्कों को एक यूनिट कहा गया है। अब एक यूनिट भी एक एजेंसी को दी जा सकती है। एजेंसी में सेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन, गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) व एसोसिएशन शामिल है।
वर्तमान में निगम सवा दो रुपये के हिसाब से कर रहा भुगतान
वर्तमान में नगर निगम प्रशासन पार्कों का रखरखाव करने वाली एजेंसियों (सीएसआर को छोड़कर) सवा दो रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर के हिसाब से भुगतान कर रहा है। मगर अब निगम को इन्हें 4 रुपये के हिसाब से भुगतान करना होगा। ये एजेंसियों भी काफी समय से यह राशि बढ़ाने की मांग कर रही थी। इनका तर्क था कि कई दफा इन्हें अपनी जेब से पैसा खर्चकर पार्क का रखरखाव करना पड़ता है।
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प्रत्येक माह की 7 तारीख तक करना होगा भुगतान
नई गाइड लाइन के मुताबिक हर माह की 7 तारीख तक हर हालत में इन्हें भुगतान करना होगा। हालांकि नोडल अधिकारी के सर्टिफिकेशन के बाद ही इन्हें भुगतान किया जाएगा। नोडल अधिकारी निगम का ही कोई अधिकारी होगा। अभी तक ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी। कई दफा कई माह का एक साथ भुगतान किया जाता है, जिस कारण इन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ती है।
नगर निगम एरिया में पार्कों की स्थिति
शहर में नगर निगम के कुल 282 पार्क व 65 ग्रीन बेल्ट हैं। इनमें पास करीब 170 पार्क रखरखाव के लिए पार्क समितियों को दिए गए हैं।
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बता दें कि अभी तक पार्कों के रखरखाव को लेकर विभाग की कोई गाइडलाइन नहीं थी। इस कारण से सभी यूएलबी ने इसे लेकर अपने-अपने नियम बना हुए थे। पूरे प्रदेश में एक जैसे नियम लागू करने को लेकर यूएलबी ने यह गाइड लाइन जारी की है। नए नियमों के अनुसार अब एक एजेंसी एक से ज्यादा पार्कों का रखरखाव कर सकेगी। नई गाइडलाइन में एक कॉलोनी या एक सेक्टर के पार्कों को एक यूनिट कहा गया है। अब एक यूनिट भी एक एजेंसी को दी जा सकती है। एजेंसी में सेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन, गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) व एसोसिएशन शामिल है।
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वर्तमान में निगम सवा दो रुपये के हिसाब से कर रहा भुगतान
वर्तमान में नगर निगम प्रशासन पार्कों का रखरखाव करने वाली एजेंसियों (सीएसआर को छोड़कर) सवा दो रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर के हिसाब से भुगतान कर रहा है। मगर अब निगम को इन्हें 4 रुपये के हिसाब से भुगतान करना होगा। ये एजेंसियों भी काफी समय से यह राशि बढ़ाने की मांग कर रही थी। इनका तर्क था कि कई दफा इन्हें अपनी जेब से पैसा खर्चकर पार्क का रखरखाव करना पड़ता है।
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प्रत्येक माह की 7 तारीख तक करना होगा भुगतान
नई गाइड लाइन के मुताबिक हर माह की 7 तारीख तक हर हालत में इन्हें भुगतान करना होगा। हालांकि नोडल अधिकारी के सर्टिफिकेशन के बाद ही इन्हें भुगतान किया जाएगा। नोडल अधिकारी निगम का ही कोई अधिकारी होगा। अभी तक ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी। कई दफा कई माह का एक साथ भुगतान किया जाता है, जिस कारण इन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ती है।
नगर निगम एरिया में पार्कों की स्थिति
शहर में नगर निगम के कुल 282 पार्क व 65 ग्रीन बेल्ट हैं। इनमें पास करीब 170 पार्क रखरखाव के लिए पार्क समितियों को दिए गए हैं।