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Hisar News: बंदरों से दहशत, दो दिन में 12 लोगों को काटकर किया घायल
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बंदर द्वारा काटने के बाद लगी चोट दिखाता अंबेडकर कॉलोनी निवासी शिंदा।
हिसार। बंदरों के उत्पात से लोग दहशत में हैं। पिछले दो दिनों में आंबेडकर कॉलोनी में बंदरों ने 12 लोगों को बुरी तरह काटकर घायल कर दिया। जिंदल अस्पताल, सुभाष पार्क और न्यू मॉडल टाउन एरिया में भी 10 लोगों पर हमला हो चुका है। सिक्योरिटी गार्ड, चौकीदार तक घायल हो चुके हैं। बंदरों की बहुलता वाले इलाकों में लोग गलियों में निकलने और छतों पर जाने से कतरा रहे हैं। नगर निगम ने भी अब छठी बार टेंडर जारी कर बंदरों को पकड़ने की कवायद शुरू की है।
शहर की प्रमुख कॉलोनियों की गलियों और बाजारों में बंदर को दिनभर उत्पात मचाते देखा जा सकता है। सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर खरीदारी के लिए निकलने वाली महिलाओं और बुजुर्गों पर बंदर अचानक हमला बोल रहे हैं। पीड़ित लोगों को इलाज के लिए नागरिक अस्पताल के चक्कर काटने पड़ रहे हैं जहां रेबीजरोधी टीकों की मांग भी बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि बंदरों के डर से बच्चों को पार्कों में खेलने या छतों पर जाने से पूरी तरह रोक दिया है। लोग छतों पर कपड़े सुखाने या टहलने से कतरा रहे हैं। घरों की खिड़कियां और दरवाजे हर वक्त बंद रखने पड़ रहे हैं क्योंकि जरा सी लापरवाही होते ही बंदर घर में घुसकर सामान का नुकसान कर रहे हैं।
बंदरों को पकड़ने की योजना बनी गलफांस
बंदरों को पकड़ने की योजना नगर निगम के लिए गले की फांस बनी हुई थी। निगम प्रशासन ने मंकी कैचिंग (बंदर पकड़ने) के लिए एक के बाद लगातार पांच बार टेंडर जारी किए लेकिन एजेंसियों के रुचि न दिखाने या तकनीकी कारणों से हर बार टेंडर रद्द होते रहे। निगम अधिकारियों के अनुसार बंदरों को पकड़ने का ठेका लेने के लिए अब बहादुरगढ़ की दो एजेंसियों ने दावा किया है। इनमें से कम रेट वाली एजेंसी को टेंडर दिया जाएगा। एजेंसी की टीम आधुनिक जाल और पारंपरिक तकनीकों का उपयोग कर बंदरों को सुरक्षित तरीके से पकड़ने में माहिर है। पकड़े गए बंदरों को सुरक्षित जंगलों और उनके प्राकृतिक आवासों में छोड़ा जाएगा।
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एक एजेंसी ने 2600, दूसरी ने 1970 रुपये प्रति बंदर मांगे
नगर निगम द्वारा लगाए गए टेंडर में दो एजेंसियों ने आवेदन किया है। एक एजेंसी ने 2600 रुपये प्रति बंदर और दूसरी ने 1970 रुपये रेट भरा। निगम आयुक्त ने एजेंसी संचालकों को बुलाया है ताकि रेट को लेकर बातचीत प्रक्रिया सिरे चढ़ाई जा सके।
सुभाष पार्क के चौकीदार, जिंदल अस्पताल के सिक्योरिटी गार्ड को काटा
वार्ड 12 निवासी नरेंद्र कुमार ने बताया कि उनके वार्ड में पिछले दिनों ही सुभाष पार्क के चौकीदार को बंदर ने काट लिया। इसी तरह जिंदल अस्पताल के सिक्योरिटी गार्ड पर भी बंदर ने हमला कर दिया जिससे वह घायल हो गया। बंदरों के हमले के पिछले एक महीने में 15 से 20 मामले सामने आ चुके हैं।
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बंदरों को पकड़ने का काम जल्द शुरू हो
मैं घर में लेटा हुआ था। इसी दौरान बंदर आ गए। एक बंदर ने मुझ पर हमला कर दिया। उसने मुंह पर काट लिया। डॉक्टर के पास गए और टांके लगाए हैं। - प्रभु सिंह, निवासी, आंबेडकर कॉलोनी
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कॉलोनी में बंदरों से लोग परेशान हो चुके हैं। हर रोज किसी न किसी को बंदर काट रहे हैं। मुझे भी कोहनी के पास काट लिया। नगर निगम को बंदर पकड़ने पर फोकस करना चाहिए। - शिंदा, आंबेडकर कॉलोनी
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हमारे वार्ड में दिनभर बंदर घूमते हैं। हालांकि, अभी आतंक जैसी स्थिति तो नहीं है लेकिन फिर भी डर तो रहता ही है। शहर में जल्द बंदर पकड़ने का अभियान शुरू होना चाहिए। - जयप्रकाश, पार्षद प्रतिनिधि, वार्ड नंबर 9
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मेरे वार्ड के सुभाष पार्क और जिंदल अस्पताल के पास बड़ी संख्या में बंदर है। दिनभर छतों व गलियों में उत्पात मचाते हैं। 8-10 लोगों को घायल कर चुके हैं। सिक्योरिटी गार्ड, चौकीदार तक को काट लिया। - जगमोहन मित्तल, पार्षद, वार्ड नंबर 12
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टेंडर देने की प्रक्रिया जल्द शुरू करेंगे
नगर निगम ने बंदर पकड़ने के लिए टेंडर लगाया था। दो एजेंसियां आई हैं। इनमें से कम रेट वाली एजेंसी को बातचीत के लिए बुलाया है। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी कर बंदरों को पकड़ने का अभियान शुरू करवाया जाएगा। - डॉ. प्रदीप हुड्डा, अतिरिक्त निगम आयुक्त, नगर निगम हिसार
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शहर की प्रमुख कॉलोनियों की गलियों और बाजारों में बंदर को दिनभर उत्पात मचाते देखा जा सकता है। सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर खरीदारी के लिए निकलने वाली महिलाओं और बुजुर्गों पर बंदर अचानक हमला बोल रहे हैं। पीड़ित लोगों को इलाज के लिए नागरिक अस्पताल के चक्कर काटने पड़ रहे हैं जहां रेबीजरोधी टीकों की मांग भी बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि बंदरों के डर से बच्चों को पार्कों में खेलने या छतों पर जाने से पूरी तरह रोक दिया है। लोग छतों पर कपड़े सुखाने या टहलने से कतरा रहे हैं। घरों की खिड़कियां और दरवाजे हर वक्त बंद रखने पड़ रहे हैं क्योंकि जरा सी लापरवाही होते ही बंदर घर में घुसकर सामान का नुकसान कर रहे हैं।
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बंदरों को पकड़ने की योजना बनी गलफांस
बंदरों को पकड़ने की योजना नगर निगम के लिए गले की फांस बनी हुई थी। निगम प्रशासन ने मंकी कैचिंग (बंदर पकड़ने) के लिए एक के बाद लगातार पांच बार टेंडर जारी किए लेकिन एजेंसियों के रुचि न दिखाने या तकनीकी कारणों से हर बार टेंडर रद्द होते रहे। निगम अधिकारियों के अनुसार बंदरों को पकड़ने का ठेका लेने के लिए अब बहादुरगढ़ की दो एजेंसियों ने दावा किया है। इनमें से कम रेट वाली एजेंसी को टेंडर दिया जाएगा। एजेंसी की टीम आधुनिक जाल और पारंपरिक तकनीकों का उपयोग कर बंदरों को सुरक्षित तरीके से पकड़ने में माहिर है। पकड़े गए बंदरों को सुरक्षित जंगलों और उनके प्राकृतिक आवासों में छोड़ा जाएगा।
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एक एजेंसी ने 2600, दूसरी ने 1970 रुपये प्रति बंदर मांगे
नगर निगम द्वारा लगाए गए टेंडर में दो एजेंसियों ने आवेदन किया है। एक एजेंसी ने 2600 रुपये प्रति बंदर और दूसरी ने 1970 रुपये रेट भरा। निगम आयुक्त ने एजेंसी संचालकों को बुलाया है ताकि रेट को लेकर बातचीत प्रक्रिया सिरे चढ़ाई जा सके।
सुभाष पार्क के चौकीदार, जिंदल अस्पताल के सिक्योरिटी गार्ड को काटा
वार्ड 12 निवासी नरेंद्र कुमार ने बताया कि उनके वार्ड में पिछले दिनों ही सुभाष पार्क के चौकीदार को बंदर ने काट लिया। इसी तरह जिंदल अस्पताल के सिक्योरिटी गार्ड पर भी बंदर ने हमला कर दिया जिससे वह घायल हो गया। बंदरों के हमले के पिछले एक महीने में 15 से 20 मामले सामने आ चुके हैं।
बंदरों को पकड़ने का काम जल्द शुरू हो
मैं घर में लेटा हुआ था। इसी दौरान बंदर आ गए। एक बंदर ने मुझ पर हमला कर दिया। उसने मुंह पर काट लिया। डॉक्टर के पास गए और टांके लगाए हैं। - प्रभु सिंह, निवासी, आंबेडकर कॉलोनी
कॉलोनी में बंदरों से लोग परेशान हो चुके हैं। हर रोज किसी न किसी को बंदर काट रहे हैं। मुझे भी कोहनी के पास काट लिया। नगर निगम को बंदर पकड़ने पर फोकस करना चाहिए। - शिंदा, आंबेडकर कॉलोनी
हमारे वार्ड में दिनभर बंदर घूमते हैं। हालांकि, अभी आतंक जैसी स्थिति तो नहीं है लेकिन फिर भी डर तो रहता ही है। शहर में जल्द बंदर पकड़ने का अभियान शुरू होना चाहिए। - जयप्रकाश, पार्षद प्रतिनिधि, वार्ड नंबर 9
मेरे वार्ड के सुभाष पार्क और जिंदल अस्पताल के पास बड़ी संख्या में बंदर है। दिनभर छतों व गलियों में उत्पात मचाते हैं। 8-10 लोगों को घायल कर चुके हैं। सिक्योरिटी गार्ड, चौकीदार तक को काट लिया। - जगमोहन मित्तल, पार्षद, वार्ड नंबर 12
टेंडर देने की प्रक्रिया जल्द शुरू करेंगे
नगर निगम ने बंदर पकड़ने के लिए टेंडर लगाया था। दो एजेंसियां आई हैं। इनमें से कम रेट वाली एजेंसी को बातचीत के लिए बुलाया है। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी कर बंदरों को पकड़ने का अभियान शुरू करवाया जाएगा। - डॉ. प्रदीप हुड्डा, अतिरिक्त निगम आयुक्त, नगर निगम हिसार
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