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ऑनलाइन ट्रांसफर ड्राइव से स्कूलों में खाली हुई गुरुजनों की कुर्सियां, चपरासी, ड्राइंग व पीटीआई शिक्षक के सहारे चल रहा है स्कूल
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हिसार। हरियाणा सरकार की ऑनलाइन ट्रांसफर ड्राइव से जिले के कई स्कूलों में गुरुजी की कुर्सियां खाली पड़ी हैं। पोस्ट कैप्ट करने से मिडल स्कूलों को शिक्षक तक नहीं मिल पाए। बिना गुरुजी विद्यार्थियों के भविष्य पर अंधकार की तलवार लटक गई है। शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होने पर कई सरकारी स्कूल चपरासी, ड्राइंग टीचर और पीटीआई के भरोसे चल रहे हैं। अभिभावक व विद्यार्थी स्कूलों के गेट पर ताला लगाकर धरना दे रहे हैं। कुछ स्कूलों के बाहर धरना स्थल पर ही विद्यार्थियों की पढ़ाई हो रही है।
शिक्षकों की कमी से जूझ रहे शिक्षा विभाग में लंबे समय जेबीटी से लेकर पीजीटी, टीजीटी व स्कूल मुखियाओं की कुर्सियां खाली पड़ी हैं। इन पदों को भरने के लिए शिक्षा निदेशालय द्वारा ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी व रेशनेलाइजेशन का सहारा लिया गया। आरोप हैं कि सरकार की ओर से शिक्षकों के पदों को खत्म करने की तैयारी चल रही है। शिक्षकों का कहना है कि जिन स्कूलों मेें प्राचार्यों के पद खाली हैं उन स्कूलों में वरिष्ठ प्राध्यापकों को स्कूल संभालना पड़ रहा है व साथ ही विद्यार्थियों को पढ़ाना पड़ता है।
जिले में कुल 887 सरकारी स्कूल है, जिनमें 506 प्राइमरी स्कूल है। इनमें 99 मिडल स्कूल, 5 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, 118 हाई स्कूल, 152 सीनियर सेकेंडरी स्कूल व छह आरोही माडल स्कूल शामिल हैं। शिक्षक संगठनों से मिली जानकारी के अनुसार इन सरकारी स्कूलों में करीब 8550 शिक्षक कार्यरत होने चाहिए, इनमें से करीब 2893 पद खाली हैं।
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जिले के सरकारी स्कूलों के हालात कुछ ऐसे हैं...
- ऑनलाइन ट्रांसफर ड्राइव के तहत गांव ढाणी रायपुर के राजकीय विद्यालय से चार शिक्षकों के तबादले हो गए हैं। फिलहाल यह स्कूल सिर्फ एक पीटीआई के भरोसे है। स्कूल में नए शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो पाई है।
- मिर्जापुर गांव के राजकीय विद्यालय में एक विज्ञान व एक ड्राइंग शिक्षक ही बचे हैं। बाकी चार शिक्षकों का तबादला दूसरे स्कूलों में हो गया है। इनकी जगह नए शिक्षकों ने भी ज्वाइन नहीं किया है।
- गावड़ गांव के राजकीय विद्यालय में केवल एक संस्कृत व एक ड्राइंग विषय का शिक्षक है। ट्रांसफर हुए शिक्षकों के स्थान पर दूसरे शिक्षक भी नहीं आए हैं।
- खानपुर गांव के राजकीय विद्यालय से सभी शिक्षकों का तबादला हो गया है। इनकी जगह एक भी शिक्षक ट्रांसफर होकर नहीं आया है। स्कूल में सिर्फ एक चपरासी ही कार्यरत रह गया है।
- ढाणी मोहब्बतपुर के राजकीय हाई स्कूल को सीनियर सेकेंडरी स्कूल में मर्ज कर दिया है। इसके साथ ही हाई स्कूल की सभी पोस्ट खत्म कर दी गई। इस विद्यालयों में 8 शिक्षकों की सीटें कैप्ट हो गई हैं। इन सीटों को दोबारा से बहाल कराने के लिए ग्रामीणों द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है। इस स्कूल से मैथ, अंग्रेजी, साइंस, हिंदी, एसएस व ड्राइंग टीचर की पोस्ट खत्म हो गई है।
- राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जहाजपुल हिसार से 23 शिक्षकों के तबादले हुए हैं, लेकिन इनकी जगह अभी तक एक भी शिक्षक ट्रांसफर होकर नहीं आया है। प्राचार्य कृष्ण कुमार वर्मा ने बताया कि एक सप्ताह के बाद सेंटा टेस्ट का परिणाम आने के बाद नए शिक्षक ट्रांसफर होकर आ जाएंगे।
- हिसार मॉडल टाउन स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की प्राचार्य ओमवती ने बताया कि उनके स्कूल से 11 शिक्षकों का ऑनलाइन तबादला हुआ है व 26 शिक्षक ट्रांसफर होकर आए हैं। प्राचार्य ने बताया कि अब उनके स्कूल में शिक्षकों की कमी नहीं रही है। करीब 1300 विद्यार्थियों को फायदा होगा।
-ऑनलाइन ट्रांसफर से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पटेल नगर से 15 शिक्षकों के तबादले हुए हैं व 16 शिक्षक ट्रांसफर होकर आए गए हैं। एक शिक्षक अतिरिक्त मिला है। इसके बावजूद भी इस विद्यालय में मिडल तक मैैथ, साइंस व अंग्रेजी विषय का शिक्षक नहीं है।
- राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गंगवा के एलिमेंट्री स्कूल हेड कृष्ण कुमार ने बताया कि 6वीं कक्षा से लेकर 12वीं कक्षा तक कुल 22 शिक्षकों का तबादला हुआ जबकि 34 शिक्षक ट्रांसफर होकर आए हैं। स्कूल में पढ़ रहे करीब 15 विद्यार्थियों को इसका फायदा होगा। इसके साथ ही गंगवा राजकीय विद्यालय में 12 नई पोस्ट भी मिली हैं। 6वीं से 8वीं कक्षा तक 5 शिक्षकों की पोस्ट व 9वीं से 12वीं कक्षा तक 7 शिक्षकों की पोस्ट मिली हैं।
जिले के स्कूलों में शिक्षकों का ब्योरा
शिक्षक स्वीकृत पद कार्यरत
जेबीटी 2576 2150
एचटी 119 80
टीजीटी 2258 1113
पीजीटी 2955 1870
एचएम 116 102
प्राचार्य 162 130
कुल 8553 5660
रिक्त पद 2893
पूूरे प्रदेश में शिक्षकों की भारी कमी है। शिक्षकों की नई भर्ती हुए कई साल हो गए हैं। प्रत्येक कक्षा व विषय के लिए अध्यापक देना सुनिश्चित किया जाए। विद्यालयों को मर्ज करन के बजाय नामांकन घटने के कारणों की जांच कर नामांकन बढ़ाने पर बल देना चाहिए। स्कूल मुखिया के पद कैप्ट न किए जाए। आबादी के आधार पर नए विद्यालय खोले जाएं। यदि सरकार ने उपरोक्त मुद्दों का हल नहीं किया तो अध्यापक संघ गांव-गांव जाकर प्रत्येक युवा और नौजवान को जागृत करेगा और आंदोलन को खड़ा करेगा।
- प्रभु सिंह महासचिव हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ।
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शिक्षकों की कमी से जूझ रहे शिक्षा विभाग में लंबे समय जेबीटी से लेकर पीजीटी, टीजीटी व स्कूल मुखियाओं की कुर्सियां खाली पड़ी हैं। इन पदों को भरने के लिए शिक्षा निदेशालय द्वारा ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी व रेशनेलाइजेशन का सहारा लिया गया। आरोप हैं कि सरकार की ओर से शिक्षकों के पदों को खत्म करने की तैयारी चल रही है। शिक्षकों का कहना है कि जिन स्कूलों मेें प्राचार्यों के पद खाली हैं उन स्कूलों में वरिष्ठ प्राध्यापकों को स्कूल संभालना पड़ रहा है व साथ ही विद्यार्थियों को पढ़ाना पड़ता है।
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जिले में कुल 887 सरकारी स्कूल है, जिनमें 506 प्राइमरी स्कूल है। इनमें 99 मिडल स्कूल, 5 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, 118 हाई स्कूल, 152 सीनियर सेकेंडरी स्कूल व छह आरोही माडल स्कूल शामिल हैं। शिक्षक संगठनों से मिली जानकारी के अनुसार इन सरकारी स्कूलों में करीब 8550 शिक्षक कार्यरत होने चाहिए, इनमें से करीब 2893 पद खाली हैं।
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जिले के सरकारी स्कूलों के हालात कुछ ऐसे हैं...
- ऑनलाइन ट्रांसफर ड्राइव के तहत गांव ढाणी रायपुर के राजकीय विद्यालय से चार शिक्षकों के तबादले हो गए हैं। फिलहाल यह स्कूल सिर्फ एक पीटीआई के भरोसे है। स्कूल में नए शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो पाई है।
- मिर्जापुर गांव के राजकीय विद्यालय में एक विज्ञान व एक ड्राइंग शिक्षक ही बचे हैं। बाकी चार शिक्षकों का तबादला दूसरे स्कूलों में हो गया है। इनकी जगह नए शिक्षकों ने भी ज्वाइन नहीं किया है।
- गावड़ गांव के राजकीय विद्यालय में केवल एक संस्कृत व एक ड्राइंग विषय का शिक्षक है। ट्रांसफर हुए शिक्षकों के स्थान पर दूसरे शिक्षक भी नहीं आए हैं।
- खानपुर गांव के राजकीय विद्यालय से सभी शिक्षकों का तबादला हो गया है। इनकी जगह एक भी शिक्षक ट्रांसफर होकर नहीं आया है। स्कूल में सिर्फ एक चपरासी ही कार्यरत रह गया है।
- ढाणी मोहब्बतपुर के राजकीय हाई स्कूल को सीनियर सेकेंडरी स्कूल में मर्ज कर दिया है। इसके साथ ही हाई स्कूल की सभी पोस्ट खत्म कर दी गई। इस विद्यालयों में 8 शिक्षकों की सीटें कैप्ट हो गई हैं। इन सीटों को दोबारा से बहाल कराने के लिए ग्रामीणों द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है। इस स्कूल से मैथ, अंग्रेजी, साइंस, हिंदी, एसएस व ड्राइंग टीचर की पोस्ट खत्म हो गई है।
- राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जहाजपुल हिसार से 23 शिक्षकों के तबादले हुए हैं, लेकिन इनकी जगह अभी तक एक भी शिक्षक ट्रांसफर होकर नहीं आया है। प्राचार्य कृष्ण कुमार वर्मा ने बताया कि एक सप्ताह के बाद सेंटा टेस्ट का परिणाम आने के बाद नए शिक्षक ट्रांसफर होकर आ जाएंगे।
- हिसार मॉडल टाउन स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की प्राचार्य ओमवती ने बताया कि उनके स्कूल से 11 शिक्षकों का ऑनलाइन तबादला हुआ है व 26 शिक्षक ट्रांसफर होकर आए हैं। प्राचार्य ने बताया कि अब उनके स्कूल में शिक्षकों की कमी नहीं रही है। करीब 1300 विद्यार्थियों को फायदा होगा।
-ऑनलाइन ट्रांसफर से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पटेल नगर से 15 शिक्षकों के तबादले हुए हैं व 16 शिक्षक ट्रांसफर होकर आए गए हैं। एक शिक्षक अतिरिक्त मिला है। इसके बावजूद भी इस विद्यालय में मिडल तक मैैथ, साइंस व अंग्रेजी विषय का शिक्षक नहीं है।
- राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गंगवा के एलिमेंट्री स्कूल हेड कृष्ण कुमार ने बताया कि 6वीं कक्षा से लेकर 12वीं कक्षा तक कुल 22 शिक्षकों का तबादला हुआ जबकि 34 शिक्षक ट्रांसफर होकर आए हैं। स्कूल में पढ़ रहे करीब 15 विद्यार्थियों को इसका फायदा होगा। इसके साथ ही गंगवा राजकीय विद्यालय में 12 नई पोस्ट भी मिली हैं। 6वीं से 8वीं कक्षा तक 5 शिक्षकों की पोस्ट व 9वीं से 12वीं कक्षा तक 7 शिक्षकों की पोस्ट मिली हैं।
जिले के स्कूलों में शिक्षकों का ब्योरा
शिक्षक स्वीकृत पद कार्यरत
जेबीटी 2576 2150
एचटी 119 80
टीजीटी 2258 1113
पीजीटी 2955 1870
एचएम 116 102
प्राचार्य 162 130
कुल 8553 5660
रिक्त पद 2893
पूूरे प्रदेश में शिक्षकों की भारी कमी है। शिक्षकों की नई भर्ती हुए कई साल हो गए हैं। प्रत्येक कक्षा व विषय के लिए अध्यापक देना सुनिश्चित किया जाए। विद्यालयों को मर्ज करन के बजाय नामांकन घटने के कारणों की जांच कर नामांकन बढ़ाने पर बल देना चाहिए। स्कूल मुखिया के पद कैप्ट न किए जाए। आबादी के आधार पर नए विद्यालय खोले जाएं। यदि सरकार ने उपरोक्त मुद्दों का हल नहीं किया तो अध्यापक संघ गांव-गांव जाकर प्रत्येक युवा और नौजवान को जागृत करेगा और आंदोलन को खड़ा करेगा।
- प्रभु सिंह महासचिव हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ।