{"_id":"635ad11fe6d2a609f53971ee","slug":"system-failed-corporation-officers-had-to-pick-up-the-garbage-at-4-o-clock-in-the-morning-if-the-garbage-was-filled-in-the-trolley-then-the-striking-workers-came-in-protest-hisar-news-hsr6456430194","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिस्टम फेल : निगम अफसरों को अलसुबह 4 बजे उठवाना था कचरा, ट्रॉली में कचरा भरवाया तो हड़ताली कर्मियों ने बोला हल्ला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिस्टम फेल : निगम अफसरों को अलसुबह 4 बजे उठवाना था कचरा, ट्रॉली में कचरा भरवाया तो हड़ताली कर्मियों ने बोला हल्ला
विज्ञापन
हिसार कचरे ट्रैक्टर ट्रॉली में पंक्चर करने की कोशिश करते व्यक्ति को काबू में करते पुलिसकर्मी। स?
- फोटो : Hisar
हिसार। नगर निगम प्रशासन ने सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहर में जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर को उठाने की योजना बनाई थी। योजना के अनुसार अलसुबह 4 बजे वार्ड-1 से वार्ड-5 तक कचरा उठाना था, लेकिन हड़ताली कर्मचारी अफसरों से एक कदम आगे रहे और समय से पहले पहुंचे गए। पुलिस गार्द नहीं मिलने और पड़ाव चौक पर टकराव की स्थित से बचने के लिए निगम अधिकारियों ने अपने शेड्यूल में बदलाव किया और वार्ड-17 स्थित कैमरी रोड से कचरे के उठान का फैसला किया। अधिकारियों ने जेसीबी की मदद से एक ट्रॉली में कचरा भरवाया तो कुछ कर्मचारी मौके पर पहुंच गए और कार्रवाई का विरोध किया। इस कारण अधिकारियों को बिना सफाई करवाए लौटना पड़ा।
बता दें कि पिछले 9 दिनों से नगर पालिका कर्मचारी संघ के बैनर तले सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इस कारण से शहर की सफाई व्यवस्था ठप पड़ी है और शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर लग गए हैं। शेड्यूल के मुताबिक निगम अधिकारियों से सुबह 4 बजे पड़ाव चौक स्थित लेबर शेड के पास पहुंचकर कचरे उठान का काम शुरू करना था। हालांकि निगम अधिकारी व कर्मचारी निर्धारित समय से पहले निगम कार्यालय पहुंच भी गए, मगर तीन घंटे तक कार्यालय के बाहर पुलिस गार्द का इंतजार करते रहे। आखिरकार 7 बजे निगम अधिकारी पुलिस बल के साथ निगम कार्यालय से निकले।
पीएलए सामुदायिक केंद्र में पहले से एकत्रित थे सफाई कर्मचारी
निगम की वार्ड 1 से 5 में कचरा उठान की योजना थी। योजना के अनुसार निगम व पुलिस की गाड़ियां से निगम कार्यालय से कैंप चौक की तरफ निकली। कैंप चौक पर पहुंचते ही एमई सुनील लांबा ने सभी को पुरानी सब्जी मंडी ओवरब्रिज के बजाय कैमरी रोड की ओर से मुड़ने को कहा। शायद अधिकारी की सोच यह थी कि यहां वह बिना किसी बाधा के कचरे का उठान कर सकेंगे। मगर यहां पीएलए सामुदायिक केंद्र में पहले ही सफाई कर्मचारी एकत्रित थे। जैसे ही निगम अधिकारियों ने सोनी बर्न अस्पताल के पास से कचरे का उठान शुरू कराया, करीब 5 मिनट में सफाई कर्मचारी मौके पर पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी।
विज्ञापन
ट्रैक्टर व जेसीबी चालक को धमकाते रहे सफाई कर्मचारी
करीब आधे घंटे तक चले इस घटनाक्रम के दौरान हड़ताली कर्मचारी जेसीबी व ट्रैक्टर चालक को धमकाते रहे। सफाई कर्मचारी बोलते रहे कि अगर तुमने कचरे का उठान किया तो तुम्हारे लिए अच्छा नहीं रहेगा। बता दें कि निगम प्रशासन ने इस कार्रवाई के लिए एक जेसीबी व चार ट्रैक्टर ट्रॉली किराये पर ली थी।
अधिकारियों की गाड़ियों पर भी फेंकी बजरी
सफाई कर्मचारियों ने निगम के अधिकारियों पर भी अपना गुस्सा जाहिर किया। जेसीबी व ट्रैक्टर ट्रॉली के जाने के बाद निगम अधिकारी व कर्मचारी अपनी गाड़ियों में बैठकर जाने लगे तो वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों ने उनकी गाड़ियों को घेर लिया और बजरी फेंकनी शुरू कर दी।
पुलिस कर्मचारी ने संभाला ट्रैक्टर का स्टेयरिंग
कर्मचारियों के विरोध के कारण जेसीबी से सिर्फ एक ही ट्रॉली में कचरा भरा जा सका। मगर जैसे ही पुलिस कर्मचारियों ने कचरे से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को निकालने का प्रयास किया तो सफाई कर्मचारियों ने विरोध कर दिया। इसके बाद वहां मौजूद महिला सफाई कर्मचारियों ने विरोध स्वरूप ट्रैक्टर चालक पर बजरी व मिट्टी फेंकनी शुरू कर दी। डर के मारे चालक ने ट्रैक्टर से उतर गया। इसके बाद पुलिस गार्द में शामिल एक जवान ने ट्रैक्टर का स्टेयरिंग संभाला और स्पीड से उसे वहां से निकाल ले गया। हालांकि इस दौरान कुछ कर्मचारियों ने सुए से ट्रैक्टर के टायर को पंक्चर करने का असफल प्रयास भी किया।
दोनों पक्ष एक-दूसरे की करते रहे निगरानी
पुलिस प्रशासन व हड़ताली कर्मचारी एक-दूसरे की निगरानी करते नजर आए। जहां पुलिस की गाड़ियां पड़ाव चौक के आसपास चक्कर लगाती रहीं। वहीं सफाई कर्मचारी निगम कार्यालय के आसपास मंडराते रहे और अपने साथियों को प्रत्येक हलचल से अवगत करवाते रहे। यही नहीं निगम के प्रत्येक चौक-चौराहे पर भी सफाई कर्मचारी तैनात रहे।
दिवाली के दिन भी आमने-सामने हुए थे अधिकारी-कर्मचारी
इससे पहले कचरा उठान को लेकर दो बार निगम अधिकारियों व हड़ताली कर्मचारियों के बीच टकराव हो चुका है। 21 अक्तूबर की रात को राजगुरु मार्केट में कचरा उठान के समय निगम अधिकारियों को हड़ताली कर्मचारियों के विरोध का सामना करना पड़ा था। इसके बाद 24 अक्तूबर को भी यही स्थिति दोबारा से पैदा हुई थी। इस दौरान पुलिस ने 118 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था।
आज हमारे पास 40 पुलिस कर्मचारी ही थे, जबकि विरोध करने वाले सफाई कर्मचारियों की संख्या ज्यादा थी। इस कारण से वह हम पर भारी पड़े। चूंकि दिवाली वाले दिन निगम ने कई जगहों से कचरे का उठान कराया था। इसे लेकर भी उनमें रोष था। हालांकि हमने अचानक योजना में भी बदलाव किया, लेकिन यह योजना भी सफल नहीं हो सकी। इस घटनाक्रम में ट्रैक्टर चालक के सिर में चोट आई। - सुनील लांबा, एमई, नगर निगम
हमारी लड़ाई सरकार के साथ है। हम जायज मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। पुलिस ने पहले महिला कर्मचारियों पर बर्बरता दिखाई और उन पर लाठीचार्ज किया। हम शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन चला रहे हैं। जिस दिन सरकार हमारी मांगों को मान लेगी, उसके दो-तीन दिन के अंदर पूरे शहर को साफ कर दिया जाएगा। कोरोनाकाल में भी हमने देश व प्रदेश वासियों को बचाने का काम किया था। - राजेश बागड़ी, प्रधान, नगर पालिका कर्मचारी संघ इकाई हिसार
विज्ञापन
बता दें कि पिछले 9 दिनों से नगर पालिका कर्मचारी संघ के बैनर तले सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इस कारण से शहर की सफाई व्यवस्था ठप पड़ी है और शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर लग गए हैं। शेड्यूल के मुताबिक निगम अधिकारियों से सुबह 4 बजे पड़ाव चौक स्थित लेबर शेड के पास पहुंचकर कचरे उठान का काम शुरू करना था। हालांकि निगम अधिकारी व कर्मचारी निर्धारित समय से पहले निगम कार्यालय पहुंच भी गए, मगर तीन घंटे तक कार्यालय के बाहर पुलिस गार्द का इंतजार करते रहे। आखिरकार 7 बजे निगम अधिकारी पुलिस बल के साथ निगम कार्यालय से निकले।
विज्ञापन
पीएलए सामुदायिक केंद्र में पहले से एकत्रित थे सफाई कर्मचारी
निगम की वार्ड 1 से 5 में कचरा उठान की योजना थी। योजना के अनुसार निगम व पुलिस की गाड़ियां से निगम कार्यालय से कैंप चौक की तरफ निकली। कैंप चौक पर पहुंचते ही एमई सुनील लांबा ने सभी को पुरानी सब्जी मंडी ओवरब्रिज के बजाय कैमरी रोड की ओर से मुड़ने को कहा। शायद अधिकारी की सोच यह थी कि यहां वह बिना किसी बाधा के कचरे का उठान कर सकेंगे। मगर यहां पीएलए सामुदायिक केंद्र में पहले ही सफाई कर्मचारी एकत्रित थे। जैसे ही निगम अधिकारियों ने सोनी बर्न अस्पताल के पास से कचरे का उठान शुरू कराया, करीब 5 मिनट में सफाई कर्मचारी मौके पर पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी।
विज्ञापन
ट्रैक्टर व जेसीबी चालक को धमकाते रहे सफाई कर्मचारी
करीब आधे घंटे तक चले इस घटनाक्रम के दौरान हड़ताली कर्मचारी जेसीबी व ट्रैक्टर चालक को धमकाते रहे। सफाई कर्मचारी बोलते रहे कि अगर तुमने कचरे का उठान किया तो तुम्हारे लिए अच्छा नहीं रहेगा। बता दें कि निगम प्रशासन ने इस कार्रवाई के लिए एक जेसीबी व चार ट्रैक्टर ट्रॉली किराये पर ली थी।
अधिकारियों की गाड़ियों पर भी फेंकी बजरी
सफाई कर्मचारियों ने निगम के अधिकारियों पर भी अपना गुस्सा जाहिर किया। जेसीबी व ट्रैक्टर ट्रॉली के जाने के बाद निगम अधिकारी व कर्मचारी अपनी गाड़ियों में बैठकर जाने लगे तो वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों ने उनकी गाड़ियों को घेर लिया और बजरी फेंकनी शुरू कर दी।
पुलिस कर्मचारी ने संभाला ट्रैक्टर का स्टेयरिंग
कर्मचारियों के विरोध के कारण जेसीबी से सिर्फ एक ही ट्रॉली में कचरा भरा जा सका। मगर जैसे ही पुलिस कर्मचारियों ने कचरे से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को निकालने का प्रयास किया तो सफाई कर्मचारियों ने विरोध कर दिया। इसके बाद वहां मौजूद महिला सफाई कर्मचारियों ने विरोध स्वरूप ट्रैक्टर चालक पर बजरी व मिट्टी फेंकनी शुरू कर दी। डर के मारे चालक ने ट्रैक्टर से उतर गया। इसके बाद पुलिस गार्द में शामिल एक जवान ने ट्रैक्टर का स्टेयरिंग संभाला और स्पीड से उसे वहां से निकाल ले गया। हालांकि इस दौरान कुछ कर्मचारियों ने सुए से ट्रैक्टर के टायर को पंक्चर करने का असफल प्रयास भी किया।
दोनों पक्ष एक-दूसरे की करते रहे निगरानी
पुलिस प्रशासन व हड़ताली कर्मचारी एक-दूसरे की निगरानी करते नजर आए। जहां पुलिस की गाड़ियां पड़ाव चौक के आसपास चक्कर लगाती रहीं। वहीं सफाई कर्मचारी निगम कार्यालय के आसपास मंडराते रहे और अपने साथियों को प्रत्येक हलचल से अवगत करवाते रहे। यही नहीं निगम के प्रत्येक चौक-चौराहे पर भी सफाई कर्मचारी तैनात रहे।
दिवाली के दिन भी आमने-सामने हुए थे अधिकारी-कर्मचारी
इससे पहले कचरा उठान को लेकर दो बार निगम अधिकारियों व हड़ताली कर्मचारियों के बीच टकराव हो चुका है। 21 अक्तूबर की रात को राजगुरु मार्केट में कचरा उठान के समय निगम अधिकारियों को हड़ताली कर्मचारियों के विरोध का सामना करना पड़ा था। इसके बाद 24 अक्तूबर को भी यही स्थिति दोबारा से पैदा हुई थी। इस दौरान पुलिस ने 118 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था।
आज हमारे पास 40 पुलिस कर्मचारी ही थे, जबकि विरोध करने वाले सफाई कर्मचारियों की संख्या ज्यादा थी। इस कारण से वह हम पर भारी पड़े। चूंकि दिवाली वाले दिन निगम ने कई जगहों से कचरे का उठान कराया था। इसे लेकर भी उनमें रोष था। हालांकि हमने अचानक योजना में भी बदलाव किया, लेकिन यह योजना भी सफल नहीं हो सकी। इस घटनाक्रम में ट्रैक्टर चालक के सिर में चोट आई। - सुनील लांबा, एमई, नगर निगम
हमारी लड़ाई सरकार के साथ है। हम जायज मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। पुलिस ने पहले महिला कर्मचारियों पर बर्बरता दिखाई और उन पर लाठीचार्ज किया। हम शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन चला रहे हैं। जिस दिन सरकार हमारी मांगों को मान लेगी, उसके दो-तीन दिन के अंदर पूरे शहर को साफ कर दिया जाएगा। कोरोनाकाल में भी हमने देश व प्रदेश वासियों को बचाने का काम किया था। - राजेश बागड़ी, प्रधान, नगर पालिका कर्मचारी संघ इकाई हिसार

हिसार कचरे की ट्राली के ड्राइवर के चोट लगने के बाद पुलिसकर्मी ट्रैक्टर ट्रॉली ले जाता हुआ। संवाद- फोटो : Hisar

हिसार कचरा उठाने के दौरान विरोध करने पहुंचे सफाई कर्मचारियों पर बल प्रयोग करते पुलिसकर्मी। प्रव- फोटो : Hisar

हिसार कैमरी रोड पर नगर निगम की ओर से भेजी गई जेसीबी मशीन से कूड़ा ट्राली में डालते हुए। संवाद- फोटो : Hisar

हिसार कचरा उठाने के दौरान विरोध करने पहुंचे सफाई कर्मचारियों पर बल प्रयोग करते पुलिसकर्मी। प्रव- फोटो : Hisar