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Hisar News: सफल आइडिया, पक्का अनुदान

Thu, 03 Jul 2025 01:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार Updated Thu, 03 Jul 2025 01:08 AM IST
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Successful idea, guaranteed grant
हिसार में एबिक कार्यक्रमों से संबंधित पुस्तक का विमोचन करते एचएयू के कुलपति प्रो. बीआर काम्बोज।
हिसार। अगर आपके पास कृषि या कृषि से संबंधित किसी कारोबार का अभिनव विचार (इनोवेटिव आइडिया) है, तो चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) में स्थापित एग्रीबिजनेस इन्क्यूबेशन सेंटर (एबिक) के माध्यम से आपको चार से 25 लाख रुपये तक की अनुदान राशि मिल सकती है। यह सहायता कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के वित्तीय सहयोग से प्रदान की जाएगी।
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इस योजना के तहत आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवारों को विवि की वेबसाइट www.hau.ac.in पर जाकर 10 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन पूरी तरह निशुल्क है।
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प्रशिक्षण और सहायता का पूरा पैकेज
एचएयू के कुलपति प्रो. बीआर कांबोज के अनुसार, एबिक सेंटर के माध्यम से चयनित युवाओं, छात्रों, किसानों, महिलाओं और उद्यमियों को मार्केटिंग, नेटवर्किंग, लाइसेंसिंग, ट्रेडमार्क, पेटेंट, तकनीकी सहायता और फंडिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
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प्रमुख योजनाएं और अनुदान राशि
छात्र कल्याण कार्यक्रम
पात्रता: केवल विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्र
प्रशिक्षण: एक माह
अनुदान: चार लाख रुपये (एकमुश्त)
पहल योजना:
पात्रता: कोई भी इच्छुक युवा उद्यमी
प्रशिक्षण: एक माह
अनुदान: पांच लाख रुपये (एकमुश्त)
सफल योजना:
पात्रता: चयनित परियोजना
प्रशिक्षण: एक माह
अनुदान: 25 लाख रुपये (दो किश्तों में)
योजना की सफलता:
पिछले छह वर्षों में एबिक के माध्यम से कृषि मंत्रालय 73 स्टार्टअप्स को करीब नौ करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान कर चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपने मासिक प्रसारण मन की बात में इस योजना को सराह चुके हैं।
आवेदन प्रक्रिया
इच्छुक उम्मीदवारों को अपने विचार का संक्षिप्त प्रस्ताव एचएयू की वेबसाइट पर ऑनलाइन जमा करना होगा। विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक और एबिक समिति प्राप्त प्रस्तावों की समीक्षा करेगी। चयनित प्रतिभागियों को एक महीने के प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद, भारत सरकार की ओर से गठित समिति के समक्ष विचार प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके आधार पर अंतिम चयन और अनुदान राशि स्वीकृत की जाएगी।

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युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में निभा रहे अहम भूमिका
कुलपति प्रो. बीआर कांबोज ने बताया कि ये तीनों कार्यक्रम युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि एबिक से जुड़ चुके कई युवा उद्यमियों और किसानों ने अपनी कंपनियों का टर्नओवर करोड़ों रुपये तक पहुंचाया है। अन्य लोगों को भी रोजगार के अवसर प्रदान किए हैं। इस दौरान एचएयू के अनुसंधान निदेशक डॉ. राजबीर गर्ग, प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर डॉ. राजेश गेरा, मीडिया सलाहकार डॉ. संदीप आर्य, एबिक के व्यवसाय प्रबंधक विक्रम सिंधु एवं राहुल दुहन भी मौजूद रहे।
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