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मात्रश्याम रूट पर बसों की कमी के चलते विद्यार्थियों का फूटा गुस्सा, लगाया जाम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 28 Sep 2022 12:36 AM IST
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Students block traffic on Matshyam route due to lack of buses
हिसार। मात्रश्याम रूट पर बसों की कमी झेल रहे विद्यार्थियों का मंगलवार को गुस्सा फूट पड़ा। गांव के बस स्टॉप पर विद्यार्थियों ने जाम लगा दिया। आधे घंटे तक जाम लगा रहा। विद्यार्थियों की मांग थी कि सुबह और शाम के समय रूट पर बसों की संख्या बढ़ाई जाए। मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मचारियों ने विद्यार्थियों को आश्वासन दिया उसके बाद जाम खोला गया। जाम के दौरान मार्ग के दोनों तरफ वाहनों की कतारें लग गई थी।
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विद्यार्थी बोले लटक कर जाना पड़ता है
मात्रश्याम के बस स्टॉप पर मंगलवार सुबह 8 बजकर 5 मिनट पर गांव के विद्यार्थियों ने रोड जाम कर दिया और सड़क के बीच में बैठ गए। रोडवेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों का कहना है कि सुबह सात बजे के बाद आठ बजकर 20 मिनट पर रोडवेज की एक बस आती है। उस में पहले से ही यात्रियों की संख्या ज्यादा होती है। ऐसे में बस में चढ़ा नहीं जाता। जिस कारण शिक्षण संस्थानों में पहुंचने में देरी होती हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि बस पास बनाया हुआ है उसके बावजूद भी बस में जगह न मिलने से ऑटो में पैसे लगाकर शहर जाना पड़ रहा है। समस्या को लेकर रोडवेज अधिकारियों को कई बार अवगत करवा चुके हैं, लेकिन उसके बाद भी समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है।
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छात्राओं को होती है परेशानी
प्रदर्शन कर रही छात्राओं का कहना है कि बस में सफर करते समय सबसे ज्यादा परेशानी छात्राओं और महिलाओं को होती है। कई बार तो खिड़की में लटक कर पढ़ने के लिए शहर जाना पड़ता है। बस में सवारी ज्यादा होने के कारण हादसा होने का खतरा बना रहता है। हमारी मांग है कि सात और आठ बजे के बीच में एक और बस चलाई जाए।
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तीन गुना होती हैं सवारियां
ग्रामीणों व विद्यार्थियों ने बताया कि सुबह 7 बजकर 40 मिनट पर सीसवाल गांव से रोडवेज की बस शहर के लिए चलती है। गांव में ही बस के अंदर सवारियां पूरी हो जाती हैं। उसके बाद बस बगला, काबरेल, सलेमगढ़, मिगंनीखेड़ा होते हुए मात्रश्याम पहुंचती है। उस समय तक बस में 125 से अधिक सवारियां होती हैं। यहां के विद्यार्थियों को खिड़की में लटकना पड़ता है। सवारियां ज्यादा होने के कारण चालक को कई बार बस को रोकना पड़ता है।
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