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निजी अकादमियों के खिलाड़ियों ने तोड़ी हाई जंप की पिट, बना लिए गद्दे
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महाबीर स्टेडियम में निजी अकादमियों के खिलाड़ियों ने कब्जा कर लिया है। रोजाना स्टेडियम में पहुंच रहे निजी अकादमियों के खिलाड़ी यहां रखी खेल सामग्री को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। अब इन खिलाड़ियों ने हाई जंप की पिट को तोड़कर एक लाख रुपये का नुकसान कर दिया। यहां तक कि अकादमी के खिलाड़ियों ने हाई जंप की पिट को तोड़कर स्टेडियम की छत पर रख दिया और सोने के लिए गद्दे बना लिए ताकि किसी को पता न चल पाए। जब इसकी भनक खेल विभाग के अधिकारियों को लगी तो उन्होंने स्टेडियम की छत पर जाकर चेक किया तो वहां पिट तोड़ी हुई मिली। वहीं इस बारे में खेल विभाग के उच्चाधिकारी ने बताया कि महाबीर स्टेडियम में निजी अकादमी के खिलाड़ियों को अभ्यास करने की अनुमति नहीं है। इसकी पूरी जिम्मेदारी डीएसओ की होती है। वहीं कुछ दिन पहले निजी अकादमी के खिलाड़ियों को बाहर निकालने के लिए खेल विभाग की ओर से पुलिस भी बुलाई गई थी। उसके बाद भी निजी अकादमी के खिलाड़ी बाज नहीं आ रहे हैं।
निजी अकादमी के दो हजार खिलाड़ी पहुंचते हैं रोजाना
महाबीर स्टेडियम में निजी अकादमी के दो हजार खिलाड़ी रोजाना अभ्यास करने के लिए पहुंचते हैं। इससे जहां एक ओर स्टेडियम के खिलाड़ियों का अभ्यास प्रभावित होता है, वहीं खेल विभाग के अधिकारी भी परेशान हैं। बार-बार मना करने के बाद भी निजी अकादमी के खिलाड़ी स्टेडियम में आने से बाज नहीं आ रहे हैं। अब खेल सामग्री को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
हाई जंप की नई पिट ढाई लाख रुपये की
हाई जंप की नई पिट ढाई लाख रुपये की आती है। इस पिट में तीन गद्दे लगे होते हैं। निजी अकादमी के खिलाड़ियों ने पिट में लगा मुख्य गद्दे को तोड़ दिया। इससे एक लाख रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं अब तोड़ी गई पिट भी खराब हो चुकी है। हाई जंप की पिट जूडो हॉल के पीछे रखी हुई थी, लेकिन निजी अकादमी के खिलाड़ियों ने पिट को तोड़कर टुकड़े-टुकड़े कर दिए।
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खिलाड़ियों से वसूली, सुविधाएं सरकार की
निजी अकादमियां खिलाड़ियों से कोचिंग व अन्य सुविधाएं देने के नाम पर पैसे वसूलती हैं। फीस के नाम पर वसूली जाने वाली मोटी रकम में खिलाड़ियों को कोचिंग देने से लेकर आगे तक स्टेट, नेशनल गेम्स खिलाने तक के आश्वासन देकर पैसे वसूले जाते हैं। कोचिंग के लिए इन अकादमियों को खिलाड़ियों को सभी सुविधाएं मुहैया करानी होती हैं, लेकिन ये उनसे फीस वसूलकर स्टेडियम में ले आते हैं और सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं का दुरुपयोग करते हैं। ऐसे में स्टेडियम में अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए मूलभूत सुविधाओं से वंचित होना पड़ता है।
निजी अकादमी के खिलाड़ियों ने नाक में दम कर रखा है। अब इन खिलाड़ियों ने हाई जंप की पिट तोड़ दी है। इससे एक लाख रुपये का नुकसान हुआ है। कई बार इन खिलाड़ियों को रोकने का भी प्रयास किया, लेकिन नहीं मान रहे हैं।
रामकेश, कोच, एथलेटिक, महाबीर स्टेडियम।
महाबीर स्टेडियम में निजी अकादमी के खिलाड़ियों को अभ्यास करने की कोई अनुमति नहीं है, लेकिन यह मामला डीएसओ के स्तर का है। डीएसओ को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए।
गंगादत्त यादव, डिप्टी डायरेक्टर, खेल विभाग पंचकूला।
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निजी अकादमी के दो हजार खिलाड़ी पहुंचते हैं रोजाना
महाबीर स्टेडियम में निजी अकादमी के दो हजार खिलाड़ी रोजाना अभ्यास करने के लिए पहुंचते हैं। इससे जहां एक ओर स्टेडियम के खिलाड़ियों का अभ्यास प्रभावित होता है, वहीं खेल विभाग के अधिकारी भी परेशान हैं। बार-बार मना करने के बाद भी निजी अकादमी के खिलाड़ी स्टेडियम में आने से बाज नहीं आ रहे हैं। अब खेल सामग्री को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
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हाई जंप की नई पिट ढाई लाख रुपये की
हाई जंप की नई पिट ढाई लाख रुपये की आती है। इस पिट में तीन गद्दे लगे होते हैं। निजी अकादमी के खिलाड़ियों ने पिट में लगा मुख्य गद्दे को तोड़ दिया। इससे एक लाख रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं अब तोड़ी गई पिट भी खराब हो चुकी है। हाई जंप की पिट जूडो हॉल के पीछे रखी हुई थी, लेकिन निजी अकादमी के खिलाड़ियों ने पिट को तोड़कर टुकड़े-टुकड़े कर दिए।
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खिलाड़ियों से वसूली, सुविधाएं सरकार की
निजी अकादमियां खिलाड़ियों से कोचिंग व अन्य सुविधाएं देने के नाम पर पैसे वसूलती हैं। फीस के नाम पर वसूली जाने वाली मोटी रकम में खिलाड़ियों को कोचिंग देने से लेकर आगे तक स्टेट, नेशनल गेम्स खिलाने तक के आश्वासन देकर पैसे वसूले जाते हैं। कोचिंग के लिए इन अकादमियों को खिलाड़ियों को सभी सुविधाएं मुहैया करानी होती हैं, लेकिन ये उनसे फीस वसूलकर स्टेडियम में ले आते हैं और सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं का दुरुपयोग करते हैं। ऐसे में स्टेडियम में अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए मूलभूत सुविधाओं से वंचित होना पड़ता है।
निजी अकादमी के खिलाड़ियों ने नाक में दम कर रखा है। अब इन खिलाड़ियों ने हाई जंप की पिट तोड़ दी है। इससे एक लाख रुपये का नुकसान हुआ है। कई बार इन खिलाड़ियों को रोकने का भी प्रयास किया, लेकिन नहीं मान रहे हैं।
रामकेश, कोच, एथलेटिक, महाबीर स्टेडियम।
महाबीर स्टेडियम में निजी अकादमी के खिलाड़ियों को अभ्यास करने की कोई अनुमति नहीं है, लेकिन यह मामला डीएसओ के स्तर का है। डीएसओ को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए।
गंगादत्त यादव, डिप्टी डायरेक्टर, खेल विभाग पंचकूला।