{"_id":"9eab10014106f8b3bf3fe542608b830b","slug":"south-bypass-incomplete-after-four-years-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"साउथ बाईपास का निर्माण चार साल बाद भी नहीं हुआ पूरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साउथ बाईपास का निर्माण चार साल बाद भी नहीं हुआ पूरा
ब्यूरो/अमर उजाला हिसार
Updated Fri, 04 Sep 2015 12:41 AM IST
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अब इससे विडंबना कहे या फिर कुछ और। एनएचएआई ने रोहतक से हिसार तक बन रहे 100 किलोमीटर लंबे फोरलेन रोड का काम लगभग पूरा होने को है, जबकि अभी निर्धारित ढाई साल पूरा होने में 10 महीने का समय बाकी है।
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इसके विपरीत पीडब्ल्यूडी बीएंडआर 21 किलोमीटर की लंबाई वाले टू लेन रोड को चार साल में भी पूरा बनाकर तैयार नहीं कर सका।
हालात यह है कि इस बाईपास का एस्टिमेट इस दौरान 32 करोड़ से बढ़कर 49 करोड़ तक पहुंच चुका है। उधर, ठेकेदार का कहना है कि अभी बाईपास का काम पूरा होने में दो से तीन महीने का वक्त और लगेगा। गौरतलब है कि यह प्रोजेक्ट हुड्डा सरकार के समय पर शुरू किया गया था।
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यह काम पड़ा पेंडिंग
ठेकेदार के मुताबिक साढे़ 12 किलोमीटर के हिस्से पर रोड़ी डालना और सड़क बनाना अभी बाकी है। इसके अलावा बाईपास के बीच में दो रेलवे फाटक भी आते हैं।
इन फाटकों को भी अभी तक शिफ्ट नहीं किया गया है। हालांकि यह काम रेलवे ने करना है। बीएंडआर ने इस कार्य पर आने वाले खर्च रेलवे को जमा करा दिया है। फिलहाल तोशाम रोड से आगे के हिस्से में नहर के साथ दीवार बनाने का काम चल रहा है।
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सितंबर में हो गए चार साल
सितंबर महीना लगने के साथ ही में बाईपास के काम को शुरू हुए पूरे चार साल हो गए हैं। बाईपास का काम सितंबर 2011 में शुरू हुआ था।
टेंडर के मुताबिक इस प्रोजेक्ट को सितंबर 2013 में पूरा किया जाना था। मगर निर्धारित अवधि के बाद भी दो साल बीतने पर यह बाईपास पूरा नहीं हो सका।
पिछली सरकार के कार्यकाल में जब यह प्रोजेक्ट शुरू किया गया था, उस वक्त पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा ने यह बात कही थी कि यह रोड जिस जमीन पर बन रहा है, वह सरकारी है।
इस कारण से बाईपास निर्धारित समय से पहले ही बनकर तैयार हो जाएगा। प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद से इसे पूरा करने की समय सीमा दो से तीन बढ़ाई जा चुकी है।
यह है प्रोजेक्ट
साउथ बाईपास की कुल लंबाई 21.490 किलोमीटर है। शुरुआत में इसकी लागत 32.50 करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर 49 करोड़ तक पहुंच चुकी है।
इस बाईपास से शहर के दिल्ली रोड, तोशाम, राजगढ़ रोड, बालसमंद रोड, लुदास-शाहपुर रोड और सिरसा रोड आपस में जुड़ जाएंगे। इससे शहरवासियों को तो आने जाने में सुविधा होगी। साथ ही भारी वाहनों की शहर में एंट्री बंद हो जाएगी, जिससे शहर में लगने वाले जाम से राहत मिलेगी।
काम तेजी से चल रहा है। हम एक महीने में रोड़ी बिछाने और एक महीने में सड़क बनाने का काम कर देंगे।
रघुविंद्र, ठेकेदार, साउथ बाईपास
काम तेजी से चल रहा है। दिसंबर तक यह बाईपास पूरा बनकर तैयार हो जाएगा। पिछली सरकार के कार्यकाल में बाईपास का निर्माण कार्य बड़ी धीमी गति से हुआ है। डॉ. कमल गुप्ता, मुख्य संसदीय सचिव