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एचएयू में वैज्ञानिकों के 54 प्रतिशत पद रिक्त, कृषि शोध, शिक्षा और विस्तार कार्य प्रभावित
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संदीप बिश्नोई
हिसार। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में शिक्षकों और वैज्ञानिकों का टोटा है। कुल 1050 स्वीकृत पदों में से करीब 480 यानी 46 प्रतिशत पदों पर ही शिक्षक हैं। बाकी करीब 54 प्रतिशत पद रिक्त हैं। ऐसे में शोध, शिक्षा विस्तार एवं शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
एक ही शिक्षक के पास 2 से 3 शिक्षकों तक का कार्य है। शिक्षक संघ के प्रधान डॉ. कर्मल सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय में चार नए कॉलेज (फिशरीज कॉलेज, बावल कृषि कॉलेज, मैनेजमेंट कॉलेज गुरुग्राम और बायोटेक्नोलॉजी कॉलेज) बन गए, लेकिन लगातार भर्तियां नहीं होने के चलते शिक्षकों की संख्या घटती जा रही है।
17 वर्ष तक नहीं हुई थीं भर्तियां
वर्ष 1971 में जब विश्वविद्यालय शुरु हुआ तब 1971 से 1990 तक विश्वविद्यालय में लगातार भर्तियां हुईं। विश्वविद्यालय के शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. कर्मल सिंह कहते हैं कि 1993 के बाद यहां भर्ती लगभग बंद हो गई और 2010 तक कोई भर्ती नहीं हुई। 17 वर्षों तक भर्तियां नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में पद रिक्त हो गए थे।, इसके बाद वर्ष 2010 में फिर से भर्तियां शुरू हुईं।
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हर माह 2 से 3 प्रोफेसर हो रहे सेवानिवृत्त -
विश्वविद्यालय में हर माह औसतन 2 से 3 शिक्षक सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जबकि नई भर्तियों पर विराम लगा हुआ है। वर्ष 2011 में शिक्षकों की संख्या करीब 700 थी। इस दौरान 2011 से 2016 तक लगातार 170 शिक्षकों की भर्ती हुई। इसके बाद चार वर्षों में कुलपति प्रो. केपी सिंह ने भी 180 शिक्षकों को नियुक्त किया, लेकिन लगातार हुई सेवानिवृत्ति के कारण विश्वविद्यालय में शिक्षकों की संख्या 700 से घटकर 480 के करीब रह गई। 2010 में एक वेटरनेरी कॉलेज लाला लाजपत राय पशु विज्ञान एवं पशु चिकित्सालय के रूप में अलग हो गया और कई शिक्षक वहां चले गए थे।
सरकार जल्द भरे पद
देश का प्रमुख कृषि विश्वविद्यालय होने के बाद भी 54 प्रतिशत से भी अधिक पद रिक्त हैं, जिसके कारण एक व्यक्ति को 2 से 3 लोगों के काम का बोझ है। सारे काम प्रभावित हो रहे हैं। सरकार को जल्द से जल्द भर्ती करने की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए।
- डॉ. कर्मल सिंह, अध्यक्ष शिक्षक संघ, एचएयू हिसार।
मुख्यमंत्री से मिला है आश्वासन
बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं और इसके लिए सरकार को लिखा गया है। कोविड के कारण पद नहीं भर पा रहे थे थे। अब मुख्यमंत्री ने आईसीएआर के पद भरने के लिए जल्द अनुमति दिए जाने का आश्वासन दिया है।
- प्रो. समर सिंह, कुलपति, एचएयू हिसार।
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हिसार। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में शिक्षकों और वैज्ञानिकों का टोटा है। कुल 1050 स्वीकृत पदों में से करीब 480 यानी 46 प्रतिशत पदों पर ही शिक्षक हैं। बाकी करीब 54 प्रतिशत पद रिक्त हैं। ऐसे में शोध, शिक्षा विस्तार एवं शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
एक ही शिक्षक के पास 2 से 3 शिक्षकों तक का कार्य है। शिक्षक संघ के प्रधान डॉ. कर्मल सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय में चार नए कॉलेज (फिशरीज कॉलेज, बावल कृषि कॉलेज, मैनेजमेंट कॉलेज गुरुग्राम और बायोटेक्नोलॉजी कॉलेज) बन गए, लेकिन लगातार भर्तियां नहीं होने के चलते शिक्षकों की संख्या घटती जा रही है।
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17 वर्ष तक नहीं हुई थीं भर्तियां
वर्ष 1971 में जब विश्वविद्यालय शुरु हुआ तब 1971 से 1990 तक विश्वविद्यालय में लगातार भर्तियां हुईं। विश्वविद्यालय के शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. कर्मल सिंह कहते हैं कि 1993 के बाद यहां भर्ती लगभग बंद हो गई और 2010 तक कोई भर्ती नहीं हुई। 17 वर्षों तक भर्तियां नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में पद रिक्त हो गए थे।, इसके बाद वर्ष 2010 में फिर से भर्तियां शुरू हुईं।
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हर माह 2 से 3 प्रोफेसर हो रहे सेवानिवृत्त -
विश्वविद्यालय में हर माह औसतन 2 से 3 शिक्षक सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जबकि नई भर्तियों पर विराम लगा हुआ है। वर्ष 2011 में शिक्षकों की संख्या करीब 700 थी। इस दौरान 2011 से 2016 तक लगातार 170 शिक्षकों की भर्ती हुई। इसके बाद चार वर्षों में कुलपति प्रो. केपी सिंह ने भी 180 शिक्षकों को नियुक्त किया, लेकिन लगातार हुई सेवानिवृत्ति के कारण विश्वविद्यालय में शिक्षकों की संख्या 700 से घटकर 480 के करीब रह गई। 2010 में एक वेटरनेरी कॉलेज लाला लाजपत राय पशु विज्ञान एवं पशु चिकित्सालय के रूप में अलग हो गया और कई शिक्षक वहां चले गए थे।
सरकार जल्द भरे पद
देश का प्रमुख कृषि विश्वविद्यालय होने के बाद भी 54 प्रतिशत से भी अधिक पद रिक्त हैं, जिसके कारण एक व्यक्ति को 2 से 3 लोगों के काम का बोझ है। सारे काम प्रभावित हो रहे हैं। सरकार को जल्द से जल्द भर्ती करने की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए।
- डॉ. कर्मल सिंह, अध्यक्ष शिक्षक संघ, एचएयू हिसार।
मुख्यमंत्री से मिला है आश्वासन
बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं और इसके लिए सरकार को लिखा गया है। कोविड के कारण पद नहीं भर पा रहे थे थे। अब मुख्यमंत्री ने आईसीएआर के पद भरने के लिए जल्द अनुमति दिए जाने का आश्वासन दिया है।
- प्रो. समर सिंह, कुलपति, एचएयू हिसार।