{"_id":"6873f1683c9f760a050859a1","slug":"sewerage-and-drinking-water-system-will-improve-in-hansi-hisar-news-c-21-hsr1005-666127-2025-07-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: हांसी के तीनों सेक्टर व नई ऑटो मार्केट में सुधरेगी सीवरेज व पेयजल व्यवस्था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: हांसी के तीनों सेक्टर व नई ऑटो मार्केट में सुधरेगी सीवरेज व पेयजल व्यवस्था
Sun, 13 Jul 2025 11:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sun, 13 Jul 2025 11:18 PM IST
विज्ञापन
हांसी के सेक्टर पांच में खस्ताहाल रोड।
हांसी। शहर के तीनों सेक्टरों व नई ऑटो मार्केट में जल्द ही सीवरेज व पेयजल व्यवस्था सुधरेगी। शहर के सेक्टर-5, सेक्टर-6 (पार्ट-1 व पार्ट-2) और नई ऑटो मार्केट की सीवरेज और पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने ठोस कदम उठाए हैं।
एचएसवीपी ने जलघर और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर मुख्यालय को भेज दी है। दोनों प्लांटों के निर्माण पर करीब 90 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जबकि सेक्टर-5 में करीब ढाई करोड़ की लागत से सड़क निर्माण किया जाएगा। लघु सचिवालय के पास एचएसवीपी की 25 एकड़ जमीन पर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनेगा और जींद-हांसी रोड बाईपास के पास एसटीपी स्थापित किया जाएगा।
नए जलघर से लगभग 10 एमएलडी क्षमता का पानी शुद्ध कर सेक्टरवासियों को सीधे आपूर्ति की जाएगी, जिससे पुराने जलघर पर निर्भरता कम होगी। वर्तमान में सेक्टर-6 का बूस्टिंग स्टेशन पुराने जलघर से पानी लेता है, जहां केवल 24 दिन का स्टोरेज होता है, जबकि नहर का पानी 40 दिन में आता है। इससे राशनिंग करनी पड़ती है। वहीं, सीवरेज की निकासी वर्तमान में जनस्वास्थ्य विभाग के एसटीपी से होती है, जिससे ओवरफ्लो की समस्या बनी रहती है। नए एसटीपी और जलघर बनने के बाद सेक्टरवासियों को इन समस्याओं से राहत मिलेगी।
विज्ञापन
:::::::::::::::::::::
सेक्टर पांच की सुधरेगी हालत
सेक्टर पांच की मुख्य सड़क का भी निर्माण होगा। इसके लिए एचएसवीपी ने योजना बनाई है। सेक्टर पांच करीब 15 वर्ष पहले बना था, लेकिन रिहायश करीब 4 चार पहले शुरू हुई। अब यहां काफी संख्या में मकान बन चुके हैं, लेकिन सड़क की हालत खस्ता है। प्लॉट में झाड़ियां उगी हैं। पार्क की भी सुविधा नहीं है। ऐसे में सेक्टरवासी परेशान हैं। एचएसवीपी ने यहां सड़क निर्माण के लिए करीब ढाई करोड़ रुपये का एस्टीमेट बनाया है। मुख्यालय की मंजूरी के बाद काम शुरू होने की उम्मीद है। वहीं, पार्कों के निर्माण पर करीब 52 लाख रुपये खर्च होंगे।
दोनों प्लांट की डीपीआर तैयार कर मुख्यालय भेजी है। अनुमति मिलने पर काम शुरू करवाएंगे। सेक्टर पांच में सड़क निर्माण की भी योजना है। - भूपिंद्र सिंह, एक्सईएन, एचएसवीपी
विज्ञापन
एचएसवीपी ने जलघर और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर मुख्यालय को भेज दी है। दोनों प्लांटों के निर्माण पर करीब 90 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जबकि सेक्टर-5 में करीब ढाई करोड़ की लागत से सड़क निर्माण किया जाएगा। लघु सचिवालय के पास एचएसवीपी की 25 एकड़ जमीन पर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनेगा और जींद-हांसी रोड बाईपास के पास एसटीपी स्थापित किया जाएगा।
विज्ञापन
नए जलघर से लगभग 10 एमएलडी क्षमता का पानी शुद्ध कर सेक्टरवासियों को सीधे आपूर्ति की जाएगी, जिससे पुराने जलघर पर निर्भरता कम होगी। वर्तमान में सेक्टर-6 का बूस्टिंग स्टेशन पुराने जलघर से पानी लेता है, जहां केवल 24 दिन का स्टोरेज होता है, जबकि नहर का पानी 40 दिन में आता है। इससे राशनिंग करनी पड़ती है। वहीं, सीवरेज की निकासी वर्तमान में जनस्वास्थ्य विभाग के एसटीपी से होती है, जिससे ओवरफ्लो की समस्या बनी रहती है। नए एसटीपी और जलघर बनने के बाद सेक्टरवासियों को इन समस्याओं से राहत मिलेगी।
विज्ञापन
:::::::::::::::::::::
सेक्टर पांच की सुधरेगी हालत
सेक्टर पांच की मुख्य सड़क का भी निर्माण होगा। इसके लिए एचएसवीपी ने योजना बनाई है। सेक्टर पांच करीब 15 वर्ष पहले बना था, लेकिन रिहायश करीब 4 चार पहले शुरू हुई। अब यहां काफी संख्या में मकान बन चुके हैं, लेकिन सड़क की हालत खस्ता है। प्लॉट में झाड़ियां उगी हैं। पार्क की भी सुविधा नहीं है। ऐसे में सेक्टरवासी परेशान हैं। एचएसवीपी ने यहां सड़क निर्माण के लिए करीब ढाई करोड़ रुपये का एस्टीमेट बनाया है। मुख्यालय की मंजूरी के बाद काम शुरू होने की उम्मीद है। वहीं, पार्कों के निर्माण पर करीब 52 लाख रुपये खर्च होंगे।
दोनों प्लांट की डीपीआर तैयार कर मुख्यालय भेजी है। अनुमति मिलने पर काम शुरू करवाएंगे। सेक्टर पांच में सड़क निर्माण की भी योजना है। - भूपिंद्र सिंह, एक्सईएन, एचएसवीपी