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Hisar: राजमिस्त्री के बेटे समेत हिसार के सात युवा बने जज, तीन हिसार बार के हैं सदस्य

Wed, 19 Oct 2022 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा) Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 19 Oct 2022 12:25 AM IST
सार

एचसीएस (न्यायिक) परीक्षा के कल जारी हुए परीक्षा परिणाम में हिसार बार के तीन सदस्यों का भी चयन हुआ है। दो युवक पहले से ही हरियाणा सरकार में एडीए के पद पर कार्यरत हैं। 

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Seven youths of Hisar, including the son of a masons became judges
लक्ष्य गर्ग, जिज्ञासा शर्मा, हार्दिक, अमित जांगड़ा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हरियाणा ज्यूडिशियरी (एचसीएस) की ओर से घोषित परीक्षा परिणाम में राजमिस्त्री के बेटे सातरोड़ गांव निवासी अमित जांगड़ा सहित हिसार के सात युवक-युवतियां जज बने हैं। चयनित तीन युवकों के परिचित हिसार बार में एडवोकेट हैं जबकि प्राइवेट जॉब करने वाले एक व्यक्ति की बेटी जिज्ञासा शर्मा का भी चयन हुआ है। दो युवक पहले से ही हरियाणा सरकार में एडीए के पद पर कार्यरत हैं। 

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पंचायत विभाग में एडीए हैं अमित जांगड़ा
सातरोड खुर्द गांव निवासी एडवोकेट अमित जांगड़ा ने बताया कि उसके पिता कृष्ण कुमार जांगड़ा राजमिस्त्री रहे हैं। मां शीला देवी गृहिणी हैं। उन्होंने वर्ष 2012-17 सत्र में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय से एलएलबी की और फिर 2019 में एलएलएम की। इसी दौरान रोहतक में ज्यूडिशियरी की तैयारी  की। जून, 2019 में एडीए के पद पर चयन हुआ। पिछली बार हरियाणा ज्यूडिशियरी में साक्षात्कार दिया था लेकिन चयन नहीं हुआ और इस बार मेहनत रंग लाई। 
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पहली बार में ही चयन होने पर हार्दिक हो हार्दिक बधाई  
कैमरी रोड स्थित पीएलए निवासी एडवोकेट हार्दिक सचदेवा ने बताया कि उन्होंने 2015-20 सत्र में बंगलूरू के क्रिस्ट डीम्ड विश्वविद्यालय से एलएलबी की। इसके बाद ज्यूडिशियरी की कोचिंग ली और हरियाणा ज्यूडिशियरी में पहली ही बाद किस्मत आजमाई और चयन हो गया। हार्दिक के पिता आरके सचदेवा हिसार बार के वरिष्ठ अधिवक्ता हैं और मां सुमन सचदेवा आयकर विभाग से इंस्पेक्टर पद से सेवानिवृत्त हैं। बड़ी बहन गीतिका एमबीए कर रही हैं।
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सेल्फ स्टडी से जज बने कर्णदीप कुंडू
सेक्टर 9-11 निवासी एडवोकेट कर्णदीप कुंडू ने देहरादून स्थित यूनिवर्सिटी आफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडी से 2010-15 सत्र से एलएलबी की और फिर वर्ष 2018 में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से एलएलएम किया। इस दौरान सेल्फ स्टडी की और दिल्ली ज्यूडिशियरी व हरियाणा ज्यूडिशियरी की परीक्षा दी। हरियाणा ज्यूडिशियरी में यह दूसरा प्रयास था। जून 2019 में एडीए के पद पर चयन हुआ। मूलरूप से कंडूल गांव निवासी कर्णदीप के पिता बृजेंद्र कुंडू पंचायती राज विभाग में लीगल ऑफिसर थे और मां शांति देवी कुंडू राजकीय महाविद्यालय से एसोसिएट पद से सेवानिवृत्त है। भाई गगनदीप कुंडू हिसार बार के वरिष्ठ अधिवक्ता हैं।

लक्ष्य निर्धारित कर पहले प्रयास में जज बने लक्ष्य गर्ग
अग्रसेन कॉलोनी निवासी लक्ष्य गर्ग ने बताया कि उनके पिता एडवोकेट संदीप गर्ग हिसार बार के सदस्य है और उन्होंने 2016-19 सत्र में हिसार की छाजूराम लॉ कॉलेज से एलएलबी की। इसके बाद लक्ष्य निर्धारित कर दिल्ली में कोचिंग ली और पहली बार हरियाणा ज्यूडिशियरी में किस्मत आजमाई और चयन हो गया। लक्ष्य गर्ग की बहन श्रेय गर्ग जीजेयू में मार्केटिंग में पीएचडी कर रही है जबकि दादा प्रोफेसर स्वर्गीय जितेंद्र कुमार गर्ग हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त थे और दादी ललिता देवी व मां अनीता गर्ग गृहिणी हैं।

जिज्ञासा ने पहली बार में मारी बाजी
शांति नगर के समीप स्थित मनफुल नगर निवासी जिज्ञासा शर्मा ने बताया कि उन्होंने पटियाला की राजीव गांधी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ से वर्ष 2019 में एलएलबी की और फिर दिल्ली में ज्यूडिशियरी की कोचिंग ली और पहली बार परीक्षा दी और चयन हो गया। जिज्ञासा के पिता संजय शर्मा जिंदल स्टेनलेस प्राइवेट लिमिटेड में एसोसिएट मैनेजर हैं। जिज्ञासा की मां कांता देवी गृहिणी हैं। जिज्ञासा ने बताया कि उनको यूपीएससी की तैयारी करनी थी और लॉ को वैकल्पिक विषय के तौर पर चुना था, लेकिन बाद में जिज्ञासा बढ़ती गई। 

पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने में करूंगा मदद : भुवनेश 
डिफेंस कॉलोनी निवासी भुवनेश ने बताया कि मैंने एक बार पहले भी परीक्षा दी थी लेकिन उस समय सफल नहीं हो पाया है। इस बार प्रदेश में छठा रैंक आया है। परिवार में कोई भी ज्यूडिशियरी में नहीं है, लेकिन मैंने इसे चुना ताकि मैं पीड़ित पक्ष को न्याय दिलवाने में उनकी मदद कर सकूं। पिता सुभाष सैनी बिजनेसमैन हैं जबकि मां लक्ष्मी गृहिणी हैं। छोटा भाई सनल इंडियन कोस्ट गार्ड में पायलट (असिस्टेंट कमांडेंट) है। दादा हरिसिंह सैनी भारतीय नेवी में ऑफिसर इंचार्ज थे। वर्ष 2018-2019 में मुंबई के टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसिज से एलएलएम की।


पड़ाव क्षेत्र का दीपक भी चमका 
न्यायाधीश परीक्षा में चयन होने के बाद पड़ाव एरिया के रहने वाले दीपक यादव ने बताया कि पिता बलदेव यादव बिजनसमैन और मां नेहा गृहिणी हैं। उन्होंने बताया कि मैंने पहली से दसवीं कक्षा तक की पढ़ाई आईडीडीएवी स्कूल से की। साल 2014 में केएलआर्य डीएवी स्कूल से 12वीं कक्षा पास की। साल 2019 में केयूके से बीए और एलएलबी की परीक्षा पास की। 2021 में एलएलएम की परीक्षा पास की। इसके बाद नेट क्वालीफाई किया। उन्होंने बताया कि परीक्षा पास करने के लिए दिनरात पढ़ाई की और सफलता मिल गई।

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