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Hisar News: स्वावलंबन...नेहा के हाथों से बना अचार बेमिसाल, मसालों से महक रही रसोई
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अचार बनाती नेहा।
अश्वनी कुमार
हिसार। कुछ करने के जज्बा हो तो हाथ के हुनर को किसी भी मंजिल तक पहुंचाया जा सकता है। ओडिशा की बेटी और न्योलीकलां गांव की बहू नेहा आज परिचय की मोहताज नहीं है। अचार और मसाले बनाकर स्वावलंबन की मिसाल पेश कर रही नेहा न केवल खुद बल्कि औरों को भी अपने हुनर से लाभान्वित कर रोजगार से जोड़ने का प्रयास कर रही हैं।
32 साल की नेहा शर्मा वर्ष 2021 में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी। कुछ समय बाद गुरुग्राम में आयोजित सरस मेले में जाने का मौका मिला तो वहां मसाले, अचार और पापड़ की स्टाॅल देखकर खुद को भी आत्मनिर्भर बनाने की ठान ली। पति और परिवार का साथ मिला तो घर में ही अचार, पापड़ और मसाले बनाने शुरू कर दिए।
नेहा के बनाए मसालों की हरियाणा और राजस्थान के जिलों में खासी डिमांड है। पानीपत और कुरुक्षेत्र के अलावा राजस्थान के जोधपुर, बीकानेर व जैसलमेर में नेहा के बनाए मसाले और अचार भेजे जा रहे हैं। नेहा ओडिशा के बरगढ़ की रहने वाली है। उनकी शादी वर्ष 2013 में न्योलीकलां निवासी मनीष शर्मा के साथ हुई। मनीष का प्रिंटिंग प्रेस का काम है। नेहा बताती हैं कि सरस मेले में लगी स्टाॅल देखकर वह काफी मोटिवेट हुई थी। इसके बाद अपने आपको सशक्त बनाने के लिए घर में ही काम शुरू कर दिया।
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मां से सीखा अचार और पापड़ बनाना
नेहा ने बताया कि उनकी माता बिमला देवी घर पर ही कई प्रकार के अचार और पापड़ बनाती थी। उन्हें बनाते देख वह भी सीख गई। आज 8 तरह के मसाले और 12 तरह के अचार बना रही हूं। इनमें आम, मिक्स, नीबू, लहसुन, आंवला, लेसुआ, नीबू-मिर्च, सांगरी, नीबू खट्टा-मीठा, टिंडी का अचार शामिल हैं। इनके अलावा लहसुन की चटनी भी बनाती हूं, जो छह माह तक खराब नहीं होती।
ये बना रहीं मसाले: बिरायनी मसाला, भेलपुरी, किचन किंग, गर्म मसाला, पावभाजी, पानीपुरी मसाला, हंगामा मसाला, चाऊमीन मसाला, मंचुरियन मसाला। मूंग, चना, उड़द दाल और चावल के पापड़ भी बनाती हैं।
2022 में ली फास्ट फूड की ट्रेनिंग
नेहा बताती हैं कि उन्होंने 2022 में पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (पीएनबी आरसेटी) से फास्ट फूड बनाने का कोर्स किया। इसके बाद डीएसटी (डोमेन स्किल ट्रेनिंग) की। फिर गुरुग्राम में पेपर हुआ और क्लियर भी किया। हरियाणा के अलावा जम्मू और कटरा में महिलाओं को फास्ट फूड बनाने की ट्रेनिंग दे चुकी हूं। फास्टफूड की ट्रेनिंग देने और अचार-मसाले से प्रतिमाह 30 हजार रुपये की आमदनी होती है। संवाद
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हिसार। कुछ करने के जज्बा हो तो हाथ के हुनर को किसी भी मंजिल तक पहुंचाया जा सकता है। ओडिशा की बेटी और न्योलीकलां गांव की बहू नेहा आज परिचय की मोहताज नहीं है। अचार और मसाले बनाकर स्वावलंबन की मिसाल पेश कर रही नेहा न केवल खुद बल्कि औरों को भी अपने हुनर से लाभान्वित कर रोजगार से जोड़ने का प्रयास कर रही हैं।
32 साल की नेहा शर्मा वर्ष 2021 में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी। कुछ समय बाद गुरुग्राम में आयोजित सरस मेले में जाने का मौका मिला तो वहां मसाले, अचार और पापड़ की स्टाॅल देखकर खुद को भी आत्मनिर्भर बनाने की ठान ली। पति और परिवार का साथ मिला तो घर में ही अचार, पापड़ और मसाले बनाने शुरू कर दिए।
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नेहा के बनाए मसालों की हरियाणा और राजस्थान के जिलों में खासी डिमांड है। पानीपत और कुरुक्षेत्र के अलावा राजस्थान के जोधपुर, बीकानेर व जैसलमेर में नेहा के बनाए मसाले और अचार भेजे जा रहे हैं। नेहा ओडिशा के बरगढ़ की रहने वाली है। उनकी शादी वर्ष 2013 में न्योलीकलां निवासी मनीष शर्मा के साथ हुई। मनीष का प्रिंटिंग प्रेस का काम है। नेहा बताती हैं कि सरस मेले में लगी स्टाॅल देखकर वह काफी मोटिवेट हुई थी। इसके बाद अपने आपको सशक्त बनाने के लिए घर में ही काम शुरू कर दिया।
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मां से सीखा अचार और पापड़ बनाना
नेहा ने बताया कि उनकी माता बिमला देवी घर पर ही कई प्रकार के अचार और पापड़ बनाती थी। उन्हें बनाते देख वह भी सीख गई। आज 8 तरह के मसाले और 12 तरह के अचार बना रही हूं। इनमें आम, मिक्स, नीबू, लहसुन, आंवला, लेसुआ, नीबू-मिर्च, सांगरी, नीबू खट्टा-मीठा, टिंडी का अचार शामिल हैं। इनके अलावा लहसुन की चटनी भी बनाती हूं, जो छह माह तक खराब नहीं होती।
ये बना रहीं मसाले: बिरायनी मसाला, भेलपुरी, किचन किंग, गर्म मसाला, पावभाजी, पानीपुरी मसाला, हंगामा मसाला, चाऊमीन मसाला, मंचुरियन मसाला। मूंग, चना, उड़द दाल और चावल के पापड़ भी बनाती हैं।
2022 में ली फास्ट फूड की ट्रेनिंग
नेहा बताती हैं कि उन्होंने 2022 में पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (पीएनबी आरसेटी) से फास्ट फूड बनाने का कोर्स किया। इसके बाद डीएसटी (डोमेन स्किल ट्रेनिंग) की। फिर गुरुग्राम में पेपर हुआ और क्लियर भी किया। हरियाणा के अलावा जम्मू और कटरा में महिलाओं को फास्ट फूड बनाने की ट्रेनिंग दे चुकी हूं। फास्टफूड की ट्रेनिंग देने और अचार-मसाले से प्रतिमाह 30 हजार रुपये की आमदनी होती है। संवाद