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सॉलिड वेस्ट प्लांट के लिए जगह की तलाश पूरी
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हिसार। नगर निगम की सॉलिड वेस्ट प्लांट के लिए जगह की तलाश पूरी हो गई है। हांसी के पास प्लांट के लिए करीब 17 एकड़ जमीन का चयन किया गया है। यहां क्लस्टर स्तरीय प्लांट लगेगा। इसमें 11 निकायों के कचरे का यहां निस्तारण किया जाएगा। इस जमीन के लिए नगर निगम प्रदेश सरकार को 2 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि का भुगतान करेगा।
बता दें कि अभी तक ठोस कचरे के निस्तारण को लेकर निगम प्रशासन के पास सॉलिड वेस्ट प्लांट नहीं है। हालांकि शुरुआत में ढंढूर स्थित डंपिंग स्टेशन पर ही यह प्लांट लगाने की योजना थी, मगर यह जमीन एयरपोर्ट के निर्धारित दायरे में आने के कारण निगम को इस योजना को रद्द करना पड़ा। इसके बाद निगम प्रशासन ने चौधरीवास, काजला व न्यौली के पास प्लांट के लिए जगह चिह्नित की। चूंकि चौधरीवास व काजला में चिह्नित की गई जमीन पंचायत की थी और ग्रामीण भी प्लांट लगाने का विरोध करने लगे, जिस कारण इन जगहों को रद्द करना पड़ा। वहीं न्यौली के पास चिह्नित की गई जमीन वैसे तो जीएलएफ की थी, लेकिन एयरपोर्ट व आबादी एरिया के कारण यहां भी प्लांट लगाने की योजना को सिरे नहीं चढ़ाया जा सका।
निगमायुक्त ने किया निरीक्षण
निगमायुक्त राहुल हुड्डा व एएमसी डॉ. प्रदीप हुड्डा ने बुधवार को प्लांट के लिए चयनित की गई जगह का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने मेन रोड से उस जगह तक पहुंचने के लिए सड़क निर्माण की फिजिबिलिटी चेक की। अभी एक-दो दिन में मुख्यालय की तरफ से एक कंसलटेंट एजेंसी भी यहां आकर फिजिबिलिटी चेक करेगी। मुख्यालय की तरफ से चयनित जगह को हरी झंडी मिलने के बाद प्लांट को लेकर डीपीआर व डीएनआईटी तैयार की जाएगी।
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रोजाना 480 टन कचरे का होगा निस्तारण
इस प्लांट पर करीब रोजाना 480 टन कचरे का निस्तारण होगा। जिन 11 निकायों का कचरा यहां पहुंचेगा, उनमें हिसार नगर निगम, हांसी, फतेहाबाद, टोहाना नगर परिषद और नगरपालिका बरवाला, उकलाना, नारनौंद, आदमपुर, सिवानी, रतिया व भूना शामिल हैं।
स्वच्छता सर्वेक्षण में भी शामिल है सॉलिड वेस्ट प्लांट के अंक
केंद्र सरकार की तरफ से हर साल करवाए जाने वाले स्वच्छता सर्वेक्षण के अंकों में सॉलिड वेस्ट प्लांट के अंक भी हैं। सॉलिड वेस्ट प्लांट न होने से हर साल नगर निगम के अंक कटते है, जिसका नुकसान रैंकिंग में उठाना पड़ता है। अगर यह योजना सिरे चढ़ती है तो सर्वेक्षण में शहर की रैंकिंग में भी सुधार होगा।
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बता दें कि अभी तक ठोस कचरे के निस्तारण को लेकर निगम प्रशासन के पास सॉलिड वेस्ट प्लांट नहीं है। हालांकि शुरुआत में ढंढूर स्थित डंपिंग स्टेशन पर ही यह प्लांट लगाने की योजना थी, मगर यह जमीन एयरपोर्ट के निर्धारित दायरे में आने के कारण निगम को इस योजना को रद्द करना पड़ा। इसके बाद निगम प्रशासन ने चौधरीवास, काजला व न्यौली के पास प्लांट के लिए जगह चिह्नित की। चूंकि चौधरीवास व काजला में चिह्नित की गई जमीन पंचायत की थी और ग्रामीण भी प्लांट लगाने का विरोध करने लगे, जिस कारण इन जगहों को रद्द करना पड़ा। वहीं न्यौली के पास चिह्नित की गई जमीन वैसे तो जीएलएफ की थी, लेकिन एयरपोर्ट व आबादी एरिया के कारण यहां भी प्लांट लगाने की योजना को सिरे नहीं चढ़ाया जा सका।
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निगमायुक्त ने किया निरीक्षण
निगमायुक्त राहुल हुड्डा व एएमसी डॉ. प्रदीप हुड्डा ने बुधवार को प्लांट के लिए चयनित की गई जगह का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने मेन रोड से उस जगह तक पहुंचने के लिए सड़क निर्माण की फिजिबिलिटी चेक की। अभी एक-दो दिन में मुख्यालय की तरफ से एक कंसलटेंट एजेंसी भी यहां आकर फिजिबिलिटी चेक करेगी। मुख्यालय की तरफ से चयनित जगह को हरी झंडी मिलने के बाद प्लांट को लेकर डीपीआर व डीएनआईटी तैयार की जाएगी।
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रोजाना 480 टन कचरे का होगा निस्तारण
इस प्लांट पर करीब रोजाना 480 टन कचरे का निस्तारण होगा। जिन 11 निकायों का कचरा यहां पहुंचेगा, उनमें हिसार नगर निगम, हांसी, फतेहाबाद, टोहाना नगर परिषद और नगरपालिका बरवाला, उकलाना, नारनौंद, आदमपुर, सिवानी, रतिया व भूना शामिल हैं।
स्वच्छता सर्वेक्षण में भी शामिल है सॉलिड वेस्ट प्लांट के अंक
केंद्र सरकार की तरफ से हर साल करवाए जाने वाले स्वच्छता सर्वेक्षण के अंकों में सॉलिड वेस्ट प्लांट के अंक भी हैं। सॉलिड वेस्ट प्लांट न होने से हर साल नगर निगम के अंक कटते है, जिसका नुकसान रैंकिंग में उठाना पड़ता है। अगर यह योजना सिरे चढ़ती है तो सर्वेक्षण में शहर की रैंकिंग में भी सुधार होगा।