{"_id":"58ea84e34f1c1b4c3e5bb003","slug":"seal-bulding-work-does-not-stop","type":"story","status":"publish","title_hn":"किरकरी के बाद भी नहीं रुका सील बिल्डिंग का कंस्ट्रक्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किरकरी के बाद भी नहीं रुका सील बिल्डिंग का कंस्ट्रक्शन
amarujala/Hisar
Updated Mon, 10 Apr 2017 12:30 AM IST
विज्ञापन
Building photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऑटो मार्केट फेज थ्री में सील बिल्डिंग पर कंस्ट्रक्शन का काम शुरू करने के मामले में किरकरी के बाद भी काम नहीं रुकवाया। देर रात तक निगम अधिकारियों ने अमर उजाला को बताया कि बीआई की रिपोर्ट के अनुसार काम रुकवा दिया गया है। फिलहाल मौके पर काम बंद है। मगर उन्होंने मामले की असलियत जाने बिना ही झूठ बोल दिया। शनिवार को ही नहीं रविवार को भी वहां काम चालू था। एक राजमिस्त्री रविवार को भी वहां काम कर रहा था। ऊपरी हिस्से में अलग से काम चल रहा था। रविवार को हो रहे काम को लेकर व्हाट्स एप ग्रुप पर फिर नई फोटो जारी हुई, जिसमें बिल्डिंग पर काम करते हुए लोग साफ नजर आ रहे हैं।
पार्षद के रिलेटिव की बिल्डिंग की बीआई ने तुड़वाई सील
काली देवी मंदिर के पास आदर्श नगर में भी इसी एरिया के बिल्डिंग इंस्पेक्टर ने एक पार्षद के रिलेटिव की पहले तो रिहायशी बिल्डिंग सील कर दी। बिल्डिंग का नक्शा पास नहीं था। फिर पार्षद के कहने पर उसकी सील तुड़वा दी और कंस्ट्रक्शन का काम पूरा करवा दिया। बिल्डिंग सील करने का मामला कमिश्नर के संज्ञान में होता है। कौन सी बिल्डिंग की सील खोली जानी है, वह कमिश्नर की अनुमति के आधार पर होता है। सील तोड़कर काम करवाने वाली फाइल आखिर कमिश्नर के पास कैसे नहीं पहुंची और बिल्डिंग इंस्पेक्टर ने इसका रिकॉर्ड कैसे गायब किया, ... कई सवाल खड़े हो गए।
जांच हो तो खुल सकते हैं कई और मामले
नगर निगम के अधिकारी अगर सील बिल्डिंग मामले में जांच करे तो कई बड़े राज खुल सकते हैं। निगम के पास बिना नक्शे के अनुसार निर्माण को डिमोलिश करने का अधिकार है। बिल्डिंग बॉय लॉ में निगम अधिकारियों के पास सील के बाद निर्माण ठीक करने की शर्त पर कमिश्नर की अनुमति से सील खोलने की पावर भी है। अगर इसके बावजूद भी बिल्डिंग निर्माण ठीक नहीं होती तो इसे निगम गिरा भी सकता है। मगर निगम ने पिछले तीन साल में ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की है, जहां अवैध निर्माण को रोका गया हो। अगर रोका गया तो केवल खानापूर्ति कर सील कर दी गई और फिर सील खोल दी गई निर्माण वैसे ही मनमर्जी से किया गया।
विज्ञापन
यह बोले अधिकारी
काम कल ही रुकवा दिया गया है। हमें रविवार को भी काम करने बारे सूचना मिली थी। निगम की तरफ से एक कर्मचारी मौके पर पहुंचा था, उस वक्त काम बंद पड़ा था। आदर्श नगर में बिल्डिंग सील की थी अब क्या स्टेटस है, इसके बारे में जानकारी नहीं, सोमवार को चेक करवा लेता हूं।
- सुनील लांबा, बिल्डिंग इंस्पेक्टर नगर निगम
विज्ञापन
पार्षद के रिलेटिव की बिल्डिंग की बीआई ने तुड़वाई सील
काली देवी मंदिर के पास आदर्श नगर में भी इसी एरिया के बिल्डिंग इंस्पेक्टर ने एक पार्षद के रिलेटिव की पहले तो रिहायशी बिल्डिंग सील कर दी। बिल्डिंग का नक्शा पास नहीं था। फिर पार्षद के कहने पर उसकी सील तुड़वा दी और कंस्ट्रक्शन का काम पूरा करवा दिया। बिल्डिंग सील करने का मामला कमिश्नर के संज्ञान में होता है। कौन सी बिल्डिंग की सील खोली जानी है, वह कमिश्नर की अनुमति के आधार पर होता है। सील तोड़कर काम करवाने वाली फाइल आखिर कमिश्नर के पास कैसे नहीं पहुंची और बिल्डिंग इंस्पेक्टर ने इसका रिकॉर्ड कैसे गायब किया, ... कई सवाल खड़े हो गए।
विज्ञापन
जांच हो तो खुल सकते हैं कई और मामले
नगर निगम के अधिकारी अगर सील बिल्डिंग मामले में जांच करे तो कई बड़े राज खुल सकते हैं। निगम के पास बिना नक्शे के अनुसार निर्माण को डिमोलिश करने का अधिकार है। बिल्डिंग बॉय लॉ में निगम अधिकारियों के पास सील के बाद निर्माण ठीक करने की शर्त पर कमिश्नर की अनुमति से सील खोलने की पावर भी है। अगर इसके बावजूद भी बिल्डिंग निर्माण ठीक नहीं होती तो इसे निगम गिरा भी सकता है। मगर निगम ने पिछले तीन साल में ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की है, जहां अवैध निर्माण को रोका गया हो। अगर रोका गया तो केवल खानापूर्ति कर सील कर दी गई और फिर सील खोल दी गई निर्माण वैसे ही मनमर्जी से किया गया।
विज्ञापन
यह बोले अधिकारी
काम कल ही रुकवा दिया गया है। हमें रविवार को भी काम करने बारे सूचना मिली थी। निगम की तरफ से एक कर्मचारी मौके पर पहुंचा था, उस वक्त काम बंद पड़ा था। आदर्श नगर में बिल्डिंग सील की थी अब क्या स्टेटस है, इसके बारे में जानकारी नहीं, सोमवार को चेक करवा लेता हूं।
- सुनील लांबा, बिल्डिंग इंस्पेक्टर नगर निगम