फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   Scientists of HAU arrived to see the organic farming of the new variety of chickpea HA-5

Hisar News: काबुली चने की नई किस्म एचए-5 की जैविक खेती देखने के लिए पहुंचे एचएयू के वैज्ञानिक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 29 Mar 2025 12:55 AM IST
विज्ञापन
Scientists of HAU arrived to see the organic farming of the new variety of chickpea HA-5
हिसार। गांव रावलवास में शुक्रवार को चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के अनुसंधान निदेशक डॉ. राजबीर गर्ग, दलहन विभाग के वैज्ञानिक डाॅ. सुनील, डॉ. पवन, डॉ. लक्ष्मी की टीम प्रगतिशील किसान कृष्ण कुमार के खेत में पहुंची। वैज्ञानिकों की टीम ने कृष्ण के खेत में लगाई हरियाणा काबुली चने की नई किस्म एचए-5 का अवलोकन किया।
विज्ञापन

अनुसंधान निदेशक डॉ. राजबीर गर्ग ने कहा कि किसान नई व उन्नत किस्मों का उपयोग करें। हमेशा बीजोपचार के बाद ही बिजाई करें। एचए-5 की बिजाई किसानों के लिए लाभदायक साबित होगी। दलहन वैज्ञानिक डॉ. सुनील ने बताया कि एचए-5 महज 145 दिनों तैयार हो जाती है। आमतौर पर चने की फसल को 150 दिन लगते हैं। बिना किसी रासायनिक उर्वरक के सहायता के पूर्ण रूप से प्रकृति पद्धति और कम सिंचाई का प्रयोग करके किसान एक एकड़ में एक से सवा लाख रुपये तक की कमाई कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस किस्म की बिजाई नवम्बर महीने में की गई थी। अप्रैल की 10 तारीख तक फसल कटने के लिए तैयार हो जाएगी। इस मौके पर किसान मेनपाल पूनिया, राकेश सुंडा, मांगेराम, दिलीप सिंह, कपिल कुमार, अमित झाझड़िया, अजय, हवा सिंह रहे।
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed