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Hisar News: नाटक के मंच पर सजेगा विज्ञान, प्रतिभा को मिलेगी राष्ट्रीय उड़ान
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हिसार। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने और विज्ञान को रोचक तरीके से समझाने के लिए राष्ट्रीय विज्ञान ड्रामा प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इसमें छठी से दसवीं कक्षा तक के विद्यार्थी भाग लेंगे। नाटकों के माध्यम से विज्ञान, तकनीक, पर्यावरण और समाज से जुड़े विषय प्रस्तुत किए जाएंगे। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों की रचनात्मकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और मंच पर अपनी बात रखने की क्षमता को बढ़ावा देना है।
शिक्षा विभाग को भेजे गए निर्देशों के अनुसार विद्यार्थी विज्ञान और समाज से जुड़े विभिन्न विषयों पर हिंदी, अंग्रेजी या किसी मान्यता प्राप्त भारतीय भाषा में नाटक प्रस्तुत कर सकेंगे। प्रत्येक नाटक की अवधि अधिकतम 30 मिनट निर्धारित की गई है। स्कूलों को विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करने और उन्हें प्रतियोगिता के लिए तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
ब्लॉक से राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचेगी प्रतियोगिता
प्रतियोगिता ब्लॉक, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होगी। ब्लॉक स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीमें जिला स्तरीय मुकाबले में भाग लेंगी। जिला स्तर की विजेता टीम को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में मौका मिलेगा। राज्य स्तर पर विजेता रहने वाली पहली दो टीमें राष्ट्रीय विज्ञान ड्रामा प्रतियोगिता में भाग लेंगी। इससे विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान को व्यावहारिक जीवन से जोड़ने के साथ समूह में काम करने, संवाद प्रस्तुत करने और विषय को प्रभावी ढंग से समझाने का अवसर मिलेगा।
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शिकायतों के समाधान के लिए बनेगी समिति
प्रतियोगिता निष्पक्ष तरीके से करवाने और शिकायतों का समाधान करने के लिए जिला स्तर पर तीन सदस्यीय समिति गठित की जाएगी। प्रतियोगिता के सभी चरण निर्धारित नियमों के अनुसार आयोजित किए जाएंगे। राष्ट्रीय विज्ञान ड्रामा प्रतियोगिता 30 नवंबर और 1 दिसंबर को दिल्ली में होगी। वहीं, उत्तर भारत नेशनल साइंस ड्रामा मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन करने वाली पहली टीम को 5 से 8 जनवरी 2027 तक कोलकाता में आयोजित नेशनल साइंस ड्रामा फेस्टिवल में भाग लेने का अवसर मिलेगा। इससे विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा।
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शिक्षा विभाग को भेजे गए निर्देशों के अनुसार विद्यार्थी विज्ञान और समाज से जुड़े विभिन्न विषयों पर हिंदी, अंग्रेजी या किसी मान्यता प्राप्त भारतीय भाषा में नाटक प्रस्तुत कर सकेंगे। प्रत्येक नाटक की अवधि अधिकतम 30 मिनट निर्धारित की गई है। स्कूलों को विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करने और उन्हें प्रतियोगिता के लिए तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
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ब्लॉक से राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचेगी प्रतियोगिता
प्रतियोगिता ब्लॉक, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होगी। ब्लॉक स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीमें जिला स्तरीय मुकाबले में भाग लेंगी। जिला स्तर की विजेता टीम को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में मौका मिलेगा। राज्य स्तर पर विजेता रहने वाली पहली दो टीमें राष्ट्रीय विज्ञान ड्रामा प्रतियोगिता में भाग लेंगी। इससे विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान को व्यावहारिक जीवन से जोड़ने के साथ समूह में काम करने, संवाद प्रस्तुत करने और विषय को प्रभावी ढंग से समझाने का अवसर मिलेगा।
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शिकायतों के समाधान के लिए बनेगी समिति
प्रतियोगिता निष्पक्ष तरीके से करवाने और शिकायतों का समाधान करने के लिए जिला स्तर पर तीन सदस्यीय समिति गठित की जाएगी। प्रतियोगिता के सभी चरण निर्धारित नियमों के अनुसार आयोजित किए जाएंगे। राष्ट्रीय विज्ञान ड्रामा प्रतियोगिता 30 नवंबर और 1 दिसंबर को दिल्ली में होगी। वहीं, उत्तर भारत नेशनल साइंस ड्रामा मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन करने वाली पहली टीम को 5 से 8 जनवरी 2027 तक कोलकाता में आयोजित नेशनल साइंस ड्रामा फेस्टिवल में भाग लेने का अवसर मिलेगा। इससे विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा।