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रूस-यूक्रेन जंग : यूक्रेन के सैनिकों का बर्ताव गंदा, शौचालय के बाहर लिखा इंडियन नॉट अलाउड
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अपनी पोती सोनिया सांगवान को गले लगाती उसकी दादी भरपाई देवी। संवाद
- फोटो : Hisar
हिसार/हांसी। रूस-यूक्रेन के बीच चल रही जंग में फंसे हिसार के कुछ विद्यार्थी शुक्रवार को अपने घर पहुंचे तो परिजनों ने सुकून की सांस ली। यूक्रेन से लौटे गांव महजत के सचिन जांगड़ा ने बताया कि बमबारी और बर्फबारी के बीच का सफर बेहद खौफनाक था।
विनित्सिया नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस चौथे वर्ष के छात्र सचिन ने बताया कि युद्ध के कारण वह पांच दिन पहले यूक्रेन से रोमानिया बॉर्डर के लिए चला था। बॉर्डर से आठ किलोमीटर पहले हमको छोड़ा गया। फिर पैदल चल कर बॉर्डर तक पहुंचे। बॉर्डर पर यूक्रेन फोर्स का बर्ताव बेहद ही गंदा रहा। हमारे साथ मारपीट की गई। युवाओं को बंदूक के बट से मारा गया। फायरिंग की गई, आसू गैस के गोले छोड़े गए। कई छात्र तो बेहोश भी हो गए थे। वहां हमारे लिए न खाने की व्यवस्था थी न रहने की। बर्फबारी में कतारों में लगे रहे। शौचालयों के बाहर लिखा था कि इंडियन नॉट अलाउड। यूक्रेन फोर्स के बर्ताव की वीडियो जब हमने दूतावास को भेजी तो उसके बाद उनका बर्ताव कुछ बदला। स्थानीय लोगों ने हमें खाना खिलाया और चाय पिलाई। इसके बाद जब हम रोमानिया पहुंचे तो सब बढ़िया रहा। वहां पर रहने, खाने का बहुत अच्छा प्रबंध था। वहां हमें सिम कार्ड दिए गए। सभी बेसिक चीजें दी गई। दो दिन रोमानिया में रुके। उसके बाद फ्लाइट से वतन लौटे तो ऊपर वाले का शुक्र अदा किया।
शुक्रवार को हिसार के 5 विद्यार्थी अपने घर लौटे। डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा ने कहा कि यूक्रेन से छात्रों की सुरक्षित वापसी केंद्र व प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कैमरी रोड स्थित पालिका विहार कॉलोनी के रहने वाले अमरदीप, पनिहार चक्क के रहने वाले नवनीत, नलवा की रहने वाली सालिका, आजाद नगर की साकेत कॉलोनी निवासी लक्ष्य वापस आ चुके हैं। आर्य नगर के रहने वाले विकास, आजाद नगर की गरिमा, पनिहार चक्क के रहने वाले विक्रम सिंह, गंगवा के अमित, सुंडावास गांव के रहने वाले अंकित जल्द लौटेंगे।
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हंगरी पहुंचने पर 2 दो दिन बाद नसीब हुआ खाना
जीजेयू के दूरस्थ शिक्षा निदेशक डॉ. ओपी सांगवान की बेटी सोनिया सांगवान शुक्रवार शाम करीब 4 बजे हिसार पहुंची। सोनिया ने बताया कि वह खारकीव नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस कर रही है। उसने 12 फरवरी की टिकट बुक थी। फ्लाइट रद्द हो चुकी थी। सोनिया ने बताया कि उसने 7 दिन खारकीव शहर के बंकर में मौत के साये में बिताए। भूखी-प्यासी बम के धमाकों व गोली से बचती हुई हंगरी बॉर्डर पर पहुंची। हंगरी पहुंचकर सोनिया को दो दिन बाद पेट भर खाना खाया।
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विनित्सिया नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस चौथे वर्ष के छात्र सचिन ने बताया कि युद्ध के कारण वह पांच दिन पहले यूक्रेन से रोमानिया बॉर्डर के लिए चला था। बॉर्डर से आठ किलोमीटर पहले हमको छोड़ा गया। फिर पैदल चल कर बॉर्डर तक पहुंचे। बॉर्डर पर यूक्रेन फोर्स का बर्ताव बेहद ही गंदा रहा। हमारे साथ मारपीट की गई। युवाओं को बंदूक के बट से मारा गया। फायरिंग की गई, आसू गैस के गोले छोड़े गए। कई छात्र तो बेहोश भी हो गए थे। वहां हमारे लिए न खाने की व्यवस्था थी न रहने की। बर्फबारी में कतारों में लगे रहे। शौचालयों के बाहर लिखा था कि इंडियन नॉट अलाउड। यूक्रेन फोर्स के बर्ताव की वीडियो जब हमने दूतावास को भेजी तो उसके बाद उनका बर्ताव कुछ बदला। स्थानीय लोगों ने हमें खाना खिलाया और चाय पिलाई। इसके बाद जब हम रोमानिया पहुंचे तो सब बढ़िया रहा। वहां पर रहने, खाने का बहुत अच्छा प्रबंध था। वहां हमें सिम कार्ड दिए गए। सभी बेसिक चीजें दी गई। दो दिन रोमानिया में रुके। उसके बाद फ्लाइट से वतन लौटे तो ऊपर वाले का शुक्र अदा किया।
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शुक्रवार को हिसार के 5 विद्यार्थी अपने घर लौटे। डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा ने कहा कि यूक्रेन से छात्रों की सुरक्षित वापसी केंद्र व प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कैमरी रोड स्थित पालिका विहार कॉलोनी के रहने वाले अमरदीप, पनिहार चक्क के रहने वाले नवनीत, नलवा की रहने वाली सालिका, आजाद नगर की साकेत कॉलोनी निवासी लक्ष्य वापस आ चुके हैं। आर्य नगर के रहने वाले विकास, आजाद नगर की गरिमा, पनिहार चक्क के रहने वाले विक्रम सिंह, गंगवा के अमित, सुंडावास गांव के रहने वाले अंकित जल्द लौटेंगे।
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हंगरी पहुंचने पर 2 दो दिन बाद नसीब हुआ खाना
जीजेयू के दूरस्थ शिक्षा निदेशक डॉ. ओपी सांगवान की बेटी सोनिया सांगवान शुक्रवार शाम करीब 4 बजे हिसार पहुंची। सोनिया ने बताया कि वह खारकीव नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस कर रही है। उसने 12 फरवरी की टिकट बुक थी। फ्लाइट रद्द हो चुकी थी। सोनिया ने बताया कि उसने 7 दिन खारकीव शहर के बंकर में मौत के साये में बिताए। भूखी-प्यासी बम के धमाकों व गोली से बचती हुई हंगरी बॉर्डर पर पहुंची। हंगरी पहुंचकर सोनिया को दो दिन बाद पेट भर खाना खाया।