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आरयूबी एक सप्ताह में बनकर हो जाएगा तैयार, पेयजल लाइन नहीं हुई शिफ्ट, वाहन चालक नहीं कर सकेंगे इस्तेमाल
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हिसार कैमरी रोड अंडरपास में बीच में लगा पानी का पाइप।
- फोटो : Hisar
हिसार। कैमरी रोड रेलवे फाटक पर निर्माणाधीन रेलवे अंडरब्रिज (आरयूबी) एक सप्ताह में बनकर तैयार हो जाएगा। मगर अभी तक आरयूबी से होकर गुजर रही जनस्वास्थ्य विभाग की पेयजल लाइन को शिफ्ट नहीं किया गया है, इस कारण वाहन चालक इसका इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। हालांकि बीएंडआर काफी बार जनस्वास्थ्य विभाग को पेयजल लाइन शिफ्ट करने के बारे में अवगत करवा चुका है।
बता दें कि कैमरी रोड रेलवे के दोनों तरफ जनस्वास्थ्य विभाग की पेयजल लाइन गुजर रही है। चूंकि फाटक पर आरयूबी का निर्माण किया जा रहा है और यह लाइन आरयूबी के बीच से होकर जा रही है। जब तक इस लाइन को शिफ्ट नहीं किया जाता, तब तक आरयूबी को वाहनों के लिए नहीं खोला जा सकता। वहीं, लॉन्चिंग ड्राइंग पास न होने से यहां बनने वाले आरओबी का काम अटका पड़ा है।
आरयूबी की चौड़ाई 4 मीटर, छोटे चौपहिया वाहन ही गुजर सकेंगे
निर्माणाधीन आरयूबी की चौड़ाई 4 मीटर है। इस कारण से एक बार में एक छोटा चौपहिया वाहन ही यहां से गुजर सकेगा। वहीं अधिकारियों का कहना है कि यह आरयूबी पैदल व दुपहिया वाहन चालकों के लिए ही बनाया जा रहा है। आरयूबी ऊंचाई 2.5 मीटर व लंबाई 240 मीटर है।
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एजेंसी को अगस्त तक पूरा करना है काम
निर्माण एजेंसी को इस प्रोजेक्ट को अगस्त तक पूरा करना है। वहीं आरओबी के रेलवे ट्रैक के ऊपर वाले हिस्से की लॉन्चिंग ड्राइंग मंजूर न होने से इस हिस्से का काम शुरू नहीं हो पा रहा है। एजेंसी की मानें तो इस हिस्से को पूरा करने में कम से कम ढाई से तीन माह का समय लगेगा। इस हिसाब से निर्धारित समय में इस प्रोजेक्ट का पूरा होना मुश्किल लग रहा है। इससे पहले इसकी डेडलाइन 8 माह बढ़ा जा चुकी है।
बो स्टिंग आकार में बनेगा बीच का हिस्सा
आरओबी में रेलवे ट्रैक के दोनों तरफ बनने वाले पिलरों के बीच की दूरी करीब 76 मीटर है, जो काफी ज्यादा है। इस कारण से रेलवे वाले हिस्से को बो स्टिंग गर्डर तकनीक से बनाया जाएगा। इस तकनीक में सिर्फ दो ही स्टील गार्डर रखे जाएंगे, जो करीब 750 टन वजनी होंगे। इन दो गार्डर पर ही स्लैब का निर्माण किया जाएगा। इस स्लैब को स्पोर्ट देने के लिए बो स्ट्रिंग आकार का स्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। यह आरओबी करीब 580 मीटर लंबा होगा। कैरिज वे की चौड़ाई 9.5 मीटर होगी, जिस पर वाहन चल सकेंगे। इसके अलावा एक तरफ डेढ़ मीटर का फुटपाथ बनाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट पर 40 करोड़ रुपये खर्च आएगा।
हम कई बार जनस्वास्थ्य विभाग को पेयजल लाइन शिफ्ट करने के बारे में कह चुके हैं। जब तक लाइन शिफ्ट नहीं होगी, तब तक आरयूबी से वाहनों का आवागमन शुरू नहीं किया जाएगा। - मेवा सिंह, एस्डीओ, बीएंडआर
हम बीएंडआर को बीटी बिल दे चुके हैं, लेकिन अभी तक उन्होंने बजट जमा नहीं कराया है। बजट मिलने के बाद यह लाइन शिफ्ट की जाएगी। - निशांत, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग
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बता दें कि कैमरी रोड रेलवे के दोनों तरफ जनस्वास्थ्य विभाग की पेयजल लाइन गुजर रही है। चूंकि फाटक पर आरयूबी का निर्माण किया जा रहा है और यह लाइन आरयूबी के बीच से होकर जा रही है। जब तक इस लाइन को शिफ्ट नहीं किया जाता, तब तक आरयूबी को वाहनों के लिए नहीं खोला जा सकता। वहीं, लॉन्चिंग ड्राइंग पास न होने से यहां बनने वाले आरओबी का काम अटका पड़ा है।
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आरयूबी की चौड़ाई 4 मीटर, छोटे चौपहिया वाहन ही गुजर सकेंगे
निर्माणाधीन आरयूबी की चौड़ाई 4 मीटर है। इस कारण से एक बार में एक छोटा चौपहिया वाहन ही यहां से गुजर सकेगा। वहीं अधिकारियों का कहना है कि यह आरयूबी पैदल व दुपहिया वाहन चालकों के लिए ही बनाया जा रहा है। आरयूबी ऊंचाई 2.5 मीटर व लंबाई 240 मीटर है।
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एजेंसी को अगस्त तक पूरा करना है काम
निर्माण एजेंसी को इस प्रोजेक्ट को अगस्त तक पूरा करना है। वहीं आरओबी के रेलवे ट्रैक के ऊपर वाले हिस्से की लॉन्चिंग ड्राइंग मंजूर न होने से इस हिस्से का काम शुरू नहीं हो पा रहा है। एजेंसी की मानें तो इस हिस्से को पूरा करने में कम से कम ढाई से तीन माह का समय लगेगा। इस हिसाब से निर्धारित समय में इस प्रोजेक्ट का पूरा होना मुश्किल लग रहा है। इससे पहले इसकी डेडलाइन 8 माह बढ़ा जा चुकी है।
बो स्टिंग आकार में बनेगा बीच का हिस्सा
आरओबी में रेलवे ट्रैक के दोनों तरफ बनने वाले पिलरों के बीच की दूरी करीब 76 मीटर है, जो काफी ज्यादा है। इस कारण से रेलवे वाले हिस्से को बो स्टिंग गर्डर तकनीक से बनाया जाएगा। इस तकनीक में सिर्फ दो ही स्टील गार्डर रखे जाएंगे, जो करीब 750 टन वजनी होंगे। इन दो गार्डर पर ही स्लैब का निर्माण किया जाएगा। इस स्लैब को स्पोर्ट देने के लिए बो स्ट्रिंग आकार का स्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। यह आरओबी करीब 580 मीटर लंबा होगा। कैरिज वे की चौड़ाई 9.5 मीटर होगी, जिस पर वाहन चल सकेंगे। इसके अलावा एक तरफ डेढ़ मीटर का फुटपाथ बनाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट पर 40 करोड़ रुपये खर्च आएगा।
हम कई बार जनस्वास्थ्य विभाग को पेयजल लाइन शिफ्ट करने के बारे में कह चुके हैं। जब तक लाइन शिफ्ट नहीं होगी, तब तक आरयूबी से वाहनों का आवागमन शुरू नहीं किया जाएगा। - मेवा सिंह, एस्डीओ, बीएंडआर
हम बीएंडआर को बीटी बिल दे चुके हैं, लेकिन अभी तक उन्होंने बजट जमा नहीं कराया है। बजट मिलने के बाद यह लाइन शिफ्ट की जाएगी। - निशांत, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग