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हर हर महादेव व जय श्रीराम नाम से व्हाट्सएप ग्रुप बना ट्रक चालकों को आरटीए का ड्राइवर देता था सूचना, गिरफ्तार
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हिसार। सदर थाना पुलिस ने ओवरलोड और अवैध वाहनों की चेकिंग करने वाली आरटीए की गाड़ियों का पीछा कर व्हाट्सएप के माध्यम से लोकेशन शेयर करने के मामले में न्यू मॉडल टाउन निवासी अजय, दाहिमा निवासी जितेंद्र और गांव ढीढल (राजगढ़) निवासी प्रदीप को गिरफ्तार किया है। आरोपी प्रदीप आरटीए का चालक है। पुलिस ने इस संबंध में 20 मई को केस दर्ज किया था।
डीएसपी नारायण चंद ने सोमवार को सदर थाना में प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि आरोपी लगभग एक साल से व्हाट्सएप के माध्यम से ओवरलोड और अवैध वाहन चालकों को आरटीए की चेकिंग करने वाली गाड़ियों की लोकेशन दे रहे थे। न्यू मॉडल टाउन निवासी अजय, राजगढ़ निवासी प्रदीप और खाबड़ा (फतेहाबाद) निवासी सतीश उर्फ चीनू के पास डंपर गाड़ियां हैं। तोशाम रोड, राजगढ रोड, फतेहाबाद व दिल्ली रोड पर ओवरलोड ट्रक और डंपर चलते हैं। तीनों ने साजिश रची कि ट्रक व डंपर मालिकों से संपर्क करके उनसे प्रति माह पैसे लेकर आरटीए की लोकेशन के बारे में हम ट्रक व डंपर मालिकों को सूचना देंगे।
हर हर महादेव व जय श्रीराम नाम से बनाए ग्रुप
- आरोपियों ने ट्रक व डंपर मालिकों से संपर्क किया और हर हर महादेव व जय श्रीराम नाम से व्हाट्सएप ग्रुप बनाए। दोनों ग्रुप में करीब 250 ट्रक व डंपर ड्राइवरों व मालिकों के नंबर जोड़ दिए। अजय तोशाम रोड पर आने वाली गाड़ियों, प्रदीप राजगढ़ रोड पर आने वाली गाड़ियों व सतीश फतेहाबाद रोड पर आने वाली गाड़ियों को आरटीए की लोकेशन व्हाट्सएप के माध्यम से देते थे, जिससे उनको ट्रक व डंपर मालिकों से रुपये मिलते थे। आरोपियों की आपस में बातचीत भी व्हाट्सएप के माध्यम से होती थी। जितेंद्र उर्फ लंबू की आरटीए के अस्थायी ड्राइवर राजगढ़ निवासी प्रदीप से दोस्ती थी। राजगढ़ निवासी प्रदीप आरटीए की लोकेशन जितेंद्र उर्फ लंबू को देता और वही लोकेशन आरोपी अजय व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर कर देता था।
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मोबाइल व वारदात में प्रयुक्त गाड़ी बरामद
पुलिस ने आरोपियों से वारदात में प्रयुक्त गाड़ी और मोबाइल फोन बरामद किया है। उल्लेखनीय है कि सदर थाना पुलिस ने ओवरलोड और अवैध वाहनों की चेकिंग करने वाली आरटीए की गाड़ियों का पीछा कर व्हाट्सएप के माध्यम से लोकेशन शेयर करने के बारे में कार्यालय प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण के ट्रांसपोर्ट इंस्पेक्टर की शिकायत पर 20 मई को केस दर्ज किया था।
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डीएसपी नारायण चंद ने सोमवार को सदर थाना में प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि आरोपी लगभग एक साल से व्हाट्सएप के माध्यम से ओवरलोड और अवैध वाहन चालकों को आरटीए की चेकिंग करने वाली गाड़ियों की लोकेशन दे रहे थे। न्यू मॉडल टाउन निवासी अजय, राजगढ़ निवासी प्रदीप और खाबड़ा (फतेहाबाद) निवासी सतीश उर्फ चीनू के पास डंपर गाड़ियां हैं। तोशाम रोड, राजगढ रोड, फतेहाबाद व दिल्ली रोड पर ओवरलोड ट्रक और डंपर चलते हैं। तीनों ने साजिश रची कि ट्रक व डंपर मालिकों से संपर्क करके उनसे प्रति माह पैसे लेकर आरटीए की लोकेशन के बारे में हम ट्रक व डंपर मालिकों को सूचना देंगे।
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हर हर महादेव व जय श्रीराम नाम से बनाए ग्रुप
- आरोपियों ने ट्रक व डंपर मालिकों से संपर्क किया और हर हर महादेव व जय श्रीराम नाम से व्हाट्सएप ग्रुप बनाए। दोनों ग्रुप में करीब 250 ट्रक व डंपर ड्राइवरों व मालिकों के नंबर जोड़ दिए। अजय तोशाम रोड पर आने वाली गाड़ियों, प्रदीप राजगढ़ रोड पर आने वाली गाड़ियों व सतीश फतेहाबाद रोड पर आने वाली गाड़ियों को आरटीए की लोकेशन व्हाट्सएप के माध्यम से देते थे, जिससे उनको ट्रक व डंपर मालिकों से रुपये मिलते थे। आरोपियों की आपस में बातचीत भी व्हाट्सएप के माध्यम से होती थी। जितेंद्र उर्फ लंबू की आरटीए के अस्थायी ड्राइवर राजगढ़ निवासी प्रदीप से दोस्ती थी। राजगढ़ निवासी प्रदीप आरटीए की लोकेशन जितेंद्र उर्फ लंबू को देता और वही लोकेशन आरोपी अजय व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर कर देता था।
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मोबाइल व वारदात में प्रयुक्त गाड़ी बरामद
पुलिस ने आरोपियों से वारदात में प्रयुक्त गाड़ी और मोबाइल फोन बरामद किया है। उल्लेखनीय है कि सदर थाना पुलिस ने ओवरलोड और अवैध वाहनों की चेकिंग करने वाली आरटीए की गाड़ियों का पीछा कर व्हाट्सएप के माध्यम से लोकेशन शेयर करने के बारे में कार्यालय प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण के ट्रांसपोर्ट इंस्पेक्टर की शिकायत पर 20 मई को केस दर्ज किया था।