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Hisar News: जिले के करीब 1200 टीबी मरीजों के खाते में डाले 38 लाख रुपये
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हांसी। हिसार जिले के करीब 1200 टीबी मरीजों को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से तीन महीने की सहायता राशि वितरित की गई है। पांच दिन में करीब 38 लाख रुपये की राशि सीधा टीबी मरीजों के खाते में डाली जा चुकी है। टीबी मरीजों की यह सहायता राशि बीते दो से तीन महीने से लंबित थी।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से निक्षय पोषण योजना के तहत टीबी मरीजों को हर माह पोषण राशि दी जाती है। एक मरीज को ठीक होने में छह माह का समय लगता है। इससे स्वास्थ्य विभाग प्रत्येक महीने एक हजार रुपये मरीजों के खाते में डालता है। पहले यह सहायता राशि 500 रुपये प्रति महीना था। नवंबर महीने से इसे 1 हजार रुपये किया गया। जिले में करीब 7 हजार टीबी मरीज हैं। वहीं एनजीओ की मदद से टीबी मरीजों को पोषण किट भी वितरित की जाती हैं। ताकी मरीज दवा के साथ साथ खाने पीने के माध्यम से अपनी देखभाल कर सके।
घातक बीमारी है टीबी
टीबी एक घातक बीमारी है। जो मुख्य रूप से मरीज के फेफड़ों को प्रभावित करती है। टीबी के जीवाणु हवा से एक से दूसरे मरीज में फैलते हैं। दो सप्ताह से ज्यादा खांसी रहना, ठंड के समय भी और रात को सोते समय पसीना आना, थकावट होना, वजन कम होना, सांस लेने में दिक्कत टीबी के मुख्य लक्षण हैं। टीबी के मरीज को ठीक होने में छह माह तक का समय लगता है। अगर मरीज दवाई बीच में छोड़ देता है, तो उसका इलाज दोबारा से शुरू हो जाता है।
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टीबी मरीजों की डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर रुकी हुई थी। उनके खातों में राशि डालने का काम चल रहा है। अब तक 37.95 लाख रुपये खातों में डाले जा चुके हैं। - डॉ. संजय वर्मा, जिला टीबी अधिकारी, हिसार
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से निक्षय पोषण योजना के तहत टीबी मरीजों को हर माह पोषण राशि दी जाती है। एक मरीज को ठीक होने में छह माह का समय लगता है। इससे स्वास्थ्य विभाग प्रत्येक महीने एक हजार रुपये मरीजों के खाते में डालता है। पहले यह सहायता राशि 500 रुपये प्रति महीना था। नवंबर महीने से इसे 1 हजार रुपये किया गया। जिले में करीब 7 हजार टीबी मरीज हैं। वहीं एनजीओ की मदद से टीबी मरीजों को पोषण किट भी वितरित की जाती हैं। ताकी मरीज दवा के साथ साथ खाने पीने के माध्यम से अपनी देखभाल कर सके।
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घातक बीमारी है टीबी
टीबी एक घातक बीमारी है। जो मुख्य रूप से मरीज के फेफड़ों को प्रभावित करती है। टीबी के जीवाणु हवा से एक से दूसरे मरीज में फैलते हैं। दो सप्ताह से ज्यादा खांसी रहना, ठंड के समय भी और रात को सोते समय पसीना आना, थकावट होना, वजन कम होना, सांस लेने में दिक्कत टीबी के मुख्य लक्षण हैं। टीबी के मरीज को ठीक होने में छह माह तक का समय लगता है। अगर मरीज दवाई बीच में छोड़ देता है, तो उसका इलाज दोबारा से शुरू हो जाता है।
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टीबी मरीजों की डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर रुकी हुई थी। उनके खातों में राशि डालने का काम चल रहा है। अब तक 37.95 लाख रुपये खातों में डाले जा चुके हैं। - डॉ. संजय वर्मा, जिला टीबी अधिकारी, हिसार