{"_id":"64f8c72ca7566fd89f0f3104","slug":"residents-of-sector-15a-and-4-part-ii-will-go-to-court-regarding-enhancement-hisar-news-c-21-hsr1005-213949-2023-09-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: इन्हांसमेंट को लेकर सेक्टर 15ए व 4 पार्ट टू निवासी जाएंगे कोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: इन्हांसमेंट को लेकर सेक्टर 15ए व 4 पार्ट टू निवासी जाएंगे कोर्ट
Thu, 07 Sep 2023 12:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Thu, 07 Sep 2023 12:09 AM IST
विज्ञापन
हिसार। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की तरफ से शहर के 6 सेक्टरों को इन्हांसमेंट नोटिस जारी करने के आदेश दिए जा चुके हैं। इन सेक्टरों में 1, 4, 4 पार्ट टू, 9, 11 और 15ए शामिल हैं। प्राधिकरण की तरफ से जारी किए जाने वाले इन्हांसमेंट नोटिस को लेकर सेक्टर 15ए व 4 पार्ट टू निवासियों ने अदालत का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर ली है। वहीं सेक्टर 1-4 के लोगों ने दोबारा से गणना के लिए मुख्य प्रशासक से गुहार लगाई है।
सेक्टर 15ए वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान योगराज गर्ग के मुताबिक उनके सेक्टर पर 733 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से इन्हांसमेंट लगाई हुई है, जबकि सुप्रीम कोर्ट का आर्डर है कि 119 रुपये प्रति वर्ग मीटर से ज्यादा इन्हांसमेंट नहीं लिया जा सकता। हालांकि इससे पहले सेक्टरवासियों को 3345 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से नोटिस थमाए थे, जिसमें उन्हें सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट व लोअर कोर्ट तीनों की राशि जोड़ दी थी। सेक्टरवासियों ने आपत्ति उठाई तो यह राशि घटाकर 733 रुपये की गई। मगर इसे लेकर भी सेक्टरवासी कोर्ट में जाएंगे। सेक्टर में कुल 1017 प्लॉट हैं।
इन्हांसमेंट राशि की दोबारा गणना करवाने की मांग
सेक्टर 1-4 वेलफेयर एसोसिएशन के पूर्व प्रधान राजकुमार रेड्ढू ने बताया कि सेक्टरवासियों को 90 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से इन्हांसमेंट के नोटिस दिए गए थे। हालांकि एक बार इसे हटा दिया गया था। मगर फिर से यह इन्हांसमेंट लगा दी गई। हालांकि कुछ लोगों ने यह इन्हांसमेंट जमा करवा दी थी। सच्चाई यह है कि सेक्टरवासियों ने तो इन्हांसमेंट की अतिरिक्त राशि दी हुई है और वह राशि उन्हें लौटाई नहीं गई। अगर गणना करें तो करीब 400 रुपये तो उन्हें प्राधिकरण से लेने हैं। अभी हाल ही में सेक्टरवासी मुख्य प्रशासक से मिले थे और उनसे दोबारा गणना करवाने की मांग की थी। सेक्टर में करीब 1800 प्लॉट हैं।
विज्ञापन
कोर्ट में लगा रखी है अवमानना याचिका
सेक्टर 4 पार्ट टू वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान जगमिंद्र ने बताया कि उनके सेक्टर पर 2689.76 रुपये प्रति वर्ग मीटर की इन्हांसमेंट लगाई हुई है। सेक्टरवासियों ने यह राशि हाई कोर्ट में चैलेंज की हुई है। कोर्ट ने आदेश दिया था कि इस राशि की दोबारा गणना की जाए। मगर एचएसवीपी ने दोबारा गणना नहीं की। अब वह अवमानना की याचिका लगाई हुई है। सेक्टर में करीब 600 प्लॉट हैं।
विज्ञापन
सेक्टर 15ए वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान योगराज गर्ग के मुताबिक उनके सेक्टर पर 733 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से इन्हांसमेंट लगाई हुई है, जबकि सुप्रीम कोर्ट का आर्डर है कि 119 रुपये प्रति वर्ग मीटर से ज्यादा इन्हांसमेंट नहीं लिया जा सकता। हालांकि इससे पहले सेक्टरवासियों को 3345 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से नोटिस थमाए थे, जिसमें उन्हें सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट व लोअर कोर्ट तीनों की राशि जोड़ दी थी। सेक्टरवासियों ने आपत्ति उठाई तो यह राशि घटाकर 733 रुपये की गई। मगर इसे लेकर भी सेक्टरवासी कोर्ट में जाएंगे। सेक्टर में कुल 1017 प्लॉट हैं।
विज्ञापन
इन्हांसमेंट राशि की दोबारा गणना करवाने की मांग
सेक्टर 1-4 वेलफेयर एसोसिएशन के पूर्व प्रधान राजकुमार रेड्ढू ने बताया कि सेक्टरवासियों को 90 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से इन्हांसमेंट के नोटिस दिए गए थे। हालांकि एक बार इसे हटा दिया गया था। मगर फिर से यह इन्हांसमेंट लगा दी गई। हालांकि कुछ लोगों ने यह इन्हांसमेंट जमा करवा दी थी। सच्चाई यह है कि सेक्टरवासियों ने तो इन्हांसमेंट की अतिरिक्त राशि दी हुई है और वह राशि उन्हें लौटाई नहीं गई। अगर गणना करें तो करीब 400 रुपये तो उन्हें प्राधिकरण से लेने हैं। अभी हाल ही में सेक्टरवासी मुख्य प्रशासक से मिले थे और उनसे दोबारा गणना करवाने की मांग की थी। सेक्टर में करीब 1800 प्लॉट हैं।
विज्ञापन
कोर्ट में लगा रखी है अवमानना याचिका
सेक्टर 4 पार्ट टू वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान जगमिंद्र ने बताया कि उनके सेक्टर पर 2689.76 रुपये प्रति वर्ग मीटर की इन्हांसमेंट लगाई हुई है। सेक्टरवासियों ने यह राशि हाई कोर्ट में चैलेंज की हुई है। कोर्ट ने आदेश दिया था कि इस राशि की दोबारा गणना की जाए। मगर एचएसवीपी ने दोबारा गणना नहीं की। अब वह अवमानना की याचिका लगाई हुई है। सेक्टर में करीब 600 प्लॉट हैं।