{"_id":"5d24f89d8ebc3e6cba54aa05","slug":"rain-water-hisar-news-rtk503688575","type":"story","status":"publish","title_hn":"पिछली बारिश के दस दिन बाद भी नहीं सुधारी व्यवस्था, अब फिर हुआ जलभराव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पिछली बारिश के दस दिन बाद भी नहीं सुधारी व्यवस्था, अब फिर हुआ जलभराव
विज्ञापन
29 - बारिश के कारण डाबड़ा चौक से निरंकारी भवन रोड पर भरे पानी के अंदर से साइकिल लेकर गुजरती महिला।
- फोटो : Hisar
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दस दिन बाद भी प्रशासनिक अधिकारियों ने शहर में जलभराव को रोकने के लिए व्यवस्था में सुधार नहीं किया। 28 जून को हुई 28 एमएम बारिश ने अधिकारियों को उनकी तैयारियों का आइना दिखा दिया। मगर 10 दिन बाद भी सिस्टम को नहीं सुधारा गया। नतीजतन, मंगलवार सुबह हुई 13.4 एमएम बारिश से सेक्टरों से लेकर कॉलोनियों और निचले इलाकों में जलभराव हो गया, जिससे लोगों को काफी परेशानी हुई। हालात यह रहे कि कई कॉलोनियों में देर शाम तक पानी की निकासी नहीं हो सकी। उधर, हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अनुसार 12 जुलाई तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा। 11 जुलाई तक बीच-बीच में बादल और कहीं-कहीं तेज हवाओं व गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
बता दें कि जिला प्रशासन ने 30 जून सभी संबंधित विभागों को अपने क्षेत्र के बरसाती नालों व सीवरेज सिस्टम की सफाई कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद जन स्वास्थ्य विभाग ने अपने अधीन आने वाले बरसाती नालों की सफाई कराई। बीऐंडआर विभाग ने भी अपने अंडर आने वाले शहर के दो नालों में से एक की सफाई कराई। शहर का दिल्ली रोड स्थित बरसाती नाला अभी निर्माणाधीन है। मगर किसी भी विभाग ने कॉलोनियों के सीवरेज सिस्टम पर ध्यान नहीं दिया, जबकि कॉलोनियों में बरसाती पानी की निकासी का एकमात्र जरिया सीवरेज सिस्टम ही है। इनकी सफाई न होने से थोड़ी सी बारिश होने पर कॉलोनियों में पानी भर जाता है।
पटेल नगर आरयूबी में फिर भरा पानी
पटेल नगर स्थित शहर के एकमात्र आरयूबी में बारिश के कारण पानी भर गया, जिससे वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई। स्थानीय निवासियों के मुताबिक हर बारिश में यहां पानी भर जाता है, और पंप की मदद से उस पानी को निकाला जाता है। पानी भरने के कारण कई घंटों तक यहां आवागमन लगभग बंद हो जाता है। लोगों का कहना है कि इस समस्या का स्थाई समाधान किया जाना चाहिए।
विज्ञापन
अर्बन एस्टेट में पार्क बने तालाब
बारिश के कारण अर्बन एस्टेट टू में लगभग पार्क तालाब बन गए। वहीं सड़कों पर एकत्रित हुए पानी को भी मोटर पंप के जरिये निकाला गया। लोगों का कहना है कि विभाग उनकी इस समस्या का समाधान नहीं कर रहा है, जबकि इस समस्या का उचित समाधान किया जाना चाहिए।
इन इलाकों में भी हुआ जलभराव
सातरोड, मॉडल टाउन, डीसी कॉलोनी, बैंक कॉलोनी, सूर्य नगर, महावीर कॉलोनी, शिव कॉलोनी, सेक्टर 9-11, सेक्टर 13, सेक्टर 16-17, पटेल नगर, आजाद नगर, जवाहर नगर, सेक्टर 15, हाउसिंग बोर्ड, डिफेंस कॉलोनी, सैनियान मोहल्ला, शांति नगर, डोगरान मोहल्ला, ऋषि नगर, विकास नगर आदि कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति रही।
बारिश आने के साथ संभाली व्यवस्था
उधर, बारिश आने के बाद विभागों को निकासी के इंतजाम करने की याद आई। राजगढ़ रोड पर जलभराव न हो, इसके लिए बीऐंडआर विभाग पानी निकासी के इंतजाम करा रहा है, जबकि ये काम पहले ही होना जाना चाहिए था।
वर्जन
हमें शहर के किसी भी एरिया से जलभराव की शिकायत मिल रही है तो तुरंत मौके पर कर्मचारियों को भेजकर उसका समाधान करवा रहे हैं। बरसात के पानी की निकासी में थोड़ा समय तो लगता ही है।
- जसवंत सिंह, एक्सईएन, जन स्वास्थ्य विभाग
दिन और रात के तापमान में गिरावट
मंगलवार तड़के बारिश के कारण दिन के तापमान में चार डिग्री और रात के तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार को अधिकतम तापमान 34.2 व न्यूनतम तापमान 25.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले सोमवार को अधिकतम तापमान 38.5 व न्यूनतम तापमान 28.1 डिग्री सेल्सियस था।
दस दिनों के बाद हुई बारिश
मंगलवार को हुई बारिश इस माह की पहली बारिश थी। इससे पहले 28 जून को 28.0 एमएम बारिश हुई थी। हालांकि 30 जून को छिटपुट बूंदाबांदी जरूर हुई थी। शहरवासी कई दिनों से बारिश का इंतजार कर रहे थे। इस बार एक जुुलाई को शहर का तापमान 43.0 डिग्री सेल्सियस था, जो पिछले चार वर्षों में सबसे ज्यादा रहा। हालांकि पिछले दो-तीन दिनों बादल तो छाए हुए थे, लेकिन बारिश नहीं हो रही थी।
अब तक होनी चाहिए थी 25 एमएम बारिश
दो से आठ जुलाई तक शहर में होने वाली औसत बारिश का आंकड़ा 25.0 एमएम है, जबकि अभी तक 13.4 एमएम बारिश ही हुई है। हालांकि इस माह की औसत बारिश 131.4 एमएम है।
ये है बारिश का आंकड़ा
वर्ष -बारिश
2018 -39.1 एमएम
2017 -12.4 एमएम
2016 -93.5 एमएम
2015 -52.8 एमएम
2014 -13.5 एमएम
2013 -51.5 एमएम
2012 -00.0 एमएम
2011 -11.4 एमएम
2010 -41.4 एमएम
-----------------
जून में हो चुकी है औसत से ज्यादा बारिश
इस वर्ष जून माह में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई थी। जून माह में शहर में होने वाली औसत बारिश का आंकड़ा 50.7 एमएम है, जबकि इस बार इस माह में 93.1 एमएम बारिश दर्ज की गई थी।
फसलों को हुआ फायदा
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मुताबिक अब नरमा कपास की फसल के लिए बारिश बहुत फायदेमंद है। धान की रोपाई के लिए और बाजरा व ग्वार की बिजाई के लिए लाभदायक है। सब्जियों व फलदार पौधों के लिए बहुत ही फायदेमंद है
विज्ञापन
बता दें कि जिला प्रशासन ने 30 जून सभी संबंधित विभागों को अपने क्षेत्र के बरसाती नालों व सीवरेज सिस्टम की सफाई कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद जन स्वास्थ्य विभाग ने अपने अधीन आने वाले बरसाती नालों की सफाई कराई। बीऐंडआर विभाग ने भी अपने अंडर आने वाले शहर के दो नालों में से एक की सफाई कराई। शहर का दिल्ली रोड स्थित बरसाती नाला अभी निर्माणाधीन है। मगर किसी भी विभाग ने कॉलोनियों के सीवरेज सिस्टम पर ध्यान नहीं दिया, जबकि कॉलोनियों में बरसाती पानी की निकासी का एकमात्र जरिया सीवरेज सिस्टम ही है। इनकी सफाई न होने से थोड़ी सी बारिश होने पर कॉलोनियों में पानी भर जाता है।
विज्ञापन
पटेल नगर आरयूबी में फिर भरा पानी
पटेल नगर स्थित शहर के एकमात्र आरयूबी में बारिश के कारण पानी भर गया, जिससे वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई। स्थानीय निवासियों के मुताबिक हर बारिश में यहां पानी भर जाता है, और पंप की मदद से उस पानी को निकाला जाता है। पानी भरने के कारण कई घंटों तक यहां आवागमन लगभग बंद हो जाता है। लोगों का कहना है कि इस समस्या का स्थाई समाधान किया जाना चाहिए।
विज्ञापन
अर्बन एस्टेट में पार्क बने तालाब
बारिश के कारण अर्बन एस्टेट टू में लगभग पार्क तालाब बन गए। वहीं सड़कों पर एकत्रित हुए पानी को भी मोटर पंप के जरिये निकाला गया। लोगों का कहना है कि विभाग उनकी इस समस्या का समाधान नहीं कर रहा है, जबकि इस समस्या का उचित समाधान किया जाना चाहिए।
इन इलाकों में भी हुआ जलभराव
सातरोड, मॉडल टाउन, डीसी कॉलोनी, बैंक कॉलोनी, सूर्य नगर, महावीर कॉलोनी, शिव कॉलोनी, सेक्टर 9-11, सेक्टर 13, सेक्टर 16-17, पटेल नगर, आजाद नगर, जवाहर नगर, सेक्टर 15, हाउसिंग बोर्ड, डिफेंस कॉलोनी, सैनियान मोहल्ला, शांति नगर, डोगरान मोहल्ला, ऋषि नगर, विकास नगर आदि कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति रही।
बारिश आने के साथ संभाली व्यवस्था
उधर, बारिश आने के बाद विभागों को निकासी के इंतजाम करने की याद आई। राजगढ़ रोड पर जलभराव न हो, इसके लिए बीऐंडआर विभाग पानी निकासी के इंतजाम करा रहा है, जबकि ये काम पहले ही होना जाना चाहिए था।
वर्जन
हमें शहर के किसी भी एरिया से जलभराव की शिकायत मिल रही है तो तुरंत मौके पर कर्मचारियों को भेजकर उसका समाधान करवा रहे हैं। बरसात के पानी की निकासी में थोड़ा समय तो लगता ही है।
- जसवंत सिंह, एक्सईएन, जन स्वास्थ्य विभाग
दिन और रात के तापमान में गिरावट
मंगलवार तड़के बारिश के कारण दिन के तापमान में चार डिग्री और रात के तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार को अधिकतम तापमान 34.2 व न्यूनतम तापमान 25.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले सोमवार को अधिकतम तापमान 38.5 व न्यूनतम तापमान 28.1 डिग्री सेल्सियस था।
दस दिनों के बाद हुई बारिश
मंगलवार को हुई बारिश इस माह की पहली बारिश थी। इससे पहले 28 जून को 28.0 एमएम बारिश हुई थी। हालांकि 30 जून को छिटपुट बूंदाबांदी जरूर हुई थी। शहरवासी कई दिनों से बारिश का इंतजार कर रहे थे। इस बार एक जुुलाई को शहर का तापमान 43.0 डिग्री सेल्सियस था, जो पिछले चार वर्षों में सबसे ज्यादा रहा। हालांकि पिछले दो-तीन दिनों बादल तो छाए हुए थे, लेकिन बारिश नहीं हो रही थी।
अब तक होनी चाहिए थी 25 एमएम बारिश
दो से आठ जुलाई तक शहर में होने वाली औसत बारिश का आंकड़ा 25.0 एमएम है, जबकि अभी तक 13.4 एमएम बारिश ही हुई है। हालांकि इस माह की औसत बारिश 131.4 एमएम है।
ये है बारिश का आंकड़ा
वर्ष -बारिश
2018 -39.1 एमएम
2017 -12.4 एमएम
2016 -93.5 एमएम
2015 -52.8 एमएम
2014 -13.5 एमएम
2013 -51.5 एमएम
2012 -00.0 एमएम
2011 -11.4 एमएम
2010 -41.4 एमएम
-----------------
जून में हो चुकी है औसत से ज्यादा बारिश
इस वर्ष जून माह में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई थी। जून माह में शहर में होने वाली औसत बारिश का आंकड़ा 50.7 एमएम है, जबकि इस बार इस माह में 93.1 एमएम बारिश दर्ज की गई थी।
फसलों को हुआ फायदा
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मुताबिक अब नरमा कपास की फसल के लिए बारिश बहुत फायदेमंद है। धान की रोपाई के लिए और बाजरा व ग्वार की बिजाई के लिए लाभदायक है। सब्जियों व फलदार पौधों के लिए बहुत ही फायदेमंद है