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Hisar News: जन संगठनों ने फूंका अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप का पुतला
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हिसार। जन संगठनों के बैनर तले शहर के विभिन्न सामाजिक व जन संगठनों ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के कथित अपहरण तथा वेनेजुएला की संप्रभुता को कुचलने के खिलाफ विरोध मार्च निकाला। इस दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पुतला दहन किया गया और अमेरिका विरोधी नारेबाजी कर रोष जताया गया।
प्रदर्शन की अध्यक्षता जनवादी महिला समिति की नेत्री निर्मला, भारतीय किसान सभा के शमशेर सिंह नंबरदार और नागरिक मंच के चंदगीराम ने की। जनवादी महिला समिति की नेता शकुंतला जाखड़ ने कहा कि अमेरिका द्वारा किया हमला कोई पहला गैर-कानूनी कृत्य नहीं है। इससे पहले भी अमेरिका अपनी साम्राज्यवादी नीतियों को बढ़ावा देने के लिए दुनिया के विभिन्न देशों पर तानाशाही तरीके से हमले करता रहा है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका की इन कार्रवाइयों से वैश्विक स्तर पर असमानता बढ़ती है, जिसका सबसे अधिक प्रभाव तीसरी दुनिया के देशों पर पड़ता है। अमेरिका पूरे विश्व के बाजारों और संसाधनों पर एकतरफा कब्जा करना चाहता है। उन्होंने वेनेजुएला पर रात के अंधेरे में किए गए हमले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदनीय बताया और इसके पुरजोर विरोध की आवश्यकता जताई।
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वक्ताओं ने कहा कि अमेरिका इससे पहले भी इराक और ईरान जैसे देशों पर हमले कर वहां के संसाधनों पर कब्जा करता रहा है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को कथित रूप से बंदूक की नोक पर अगवा करना मानवाधिकारों का उल्लंघन है। इस अवसर पर अभयराम फौजी, रमेश मीरका, लीलूराम, रमेश कुमार, बबली लांबा, दर्शना, अर्चना, पार्वती, कमला, शांति, मनोहर लाल जाखड़, नरेश गौतम माैजूद रहे।
प्रदर्शन की अध्यक्षता जनवादी महिला समिति की नेत्री निर्मला, भारतीय किसान सभा के शमशेर सिंह नंबरदार और नागरिक मंच के चंदगीराम ने की। जनवादी महिला समिति की नेता शकुंतला जाखड़ ने कहा कि अमेरिका द्वारा किया हमला कोई पहला गैर-कानूनी कृत्य नहीं है। इससे पहले भी अमेरिका अपनी साम्राज्यवादी नीतियों को बढ़ावा देने के लिए दुनिया के विभिन्न देशों पर तानाशाही तरीके से हमले करता रहा है।
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उन्होंने कहा कि अमेरिका की इन कार्रवाइयों से वैश्विक स्तर पर असमानता बढ़ती है, जिसका सबसे अधिक प्रभाव तीसरी दुनिया के देशों पर पड़ता है। अमेरिका पूरे विश्व के बाजारों और संसाधनों पर एकतरफा कब्जा करना चाहता है। उन्होंने वेनेजुएला पर रात के अंधेरे में किए गए हमले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदनीय बताया और इसके पुरजोर विरोध की आवश्यकता जताई।
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वक्ताओं ने कहा कि अमेरिका इससे पहले भी इराक और ईरान जैसे देशों पर हमले कर वहां के संसाधनों पर कब्जा करता रहा है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को कथित रूप से बंदूक की नोक पर अगवा करना मानवाधिकारों का उल्लंघन है। इस अवसर पर अभयराम फौजी, रमेश मीरका, लीलूराम, रमेश कुमार, बबली लांबा, दर्शना, अर्चना, पार्वती, कमला, शांति, मनोहर लाल जाखड़, नरेश गौतम माैजूद रहे।