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Hisar News: शहर में प्रॉपर्टी टैक्स के बिल बंटने शुरू, टैक्स 387 रुपये तो कूड़ा शुल्क लगाया 80 हजार, एक मंजिला भवन को दिखाया तीन मंजिला

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 13 Jul 2023 12:57 AM IST
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Property tax bills started being distributed in the city, tax Rs 387 and garbage fee 80 thousand, one storey building shown three storey
सोशल मीडिया पर वायरल बिल में मिली खामियां। 
हिसार। शहर में प्रॉपर्टी टैक्स के बिल बंटने शुरू हो गए हैं। हालांकि अभी गिने चुने बिल ही बांटे गए हैं, मगर बिलों में काफी खामियां मिल रही हैं। लोगों ने बिलों की खामियों को सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया है। एक बिल में निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स 387 रुपये दिखाया है, जबकि उसी प्रॉपर्टी पर कूड़ा शुल्क 80 हजार रुपये लगाया है। वहीं एक अन्य बिल में एक मंजिला भवन को तीन मंजिला दर्शाया है। अब प्रॉपर्टी मालिक का कहना है कि उसके मकान को तीन मंजिला बना दो तो वह ये बिल भर देगा।
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एजेंसी को 45 दिनों में शहर में बिल बांटने का काम पूरा करना होगा। बिल के साथ प्रॉपर्टी मालिकों को खाली फार्म भी दिए जा रहे हैं। इस फार्म की मदद से प्रॉपर्टी मालिक हाथों-हाथ आपत्ति दर्ज करवा सकेंगे। उधर, बिल बांटने को लेकर निगम कार्यालय में वीरवार को बैठक होगी। बता दें कि शहर में प्रॉपर्टी टैक्स का सर्वे करने वाली एजेंसी को बिल भी बांटने की जिम्मेदारी दी गई थी। मगर बिल बांटने से पहले ही उसका टेंडर रद्द कर दिया गया। इसके बाद शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने फैसला किया कि सभी निकाय अपने स्तर ही बिल बंटवाने का कार्य करेंगे। मुख्यालय ने 30 अप्रैल तक सभी निकायों को बिल बंटवाने को कहा था।
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बिल भर दूंगा, पहले तीन मंजिला घर बनवा दो

मेरा मकान एक मंजिला है और ऊपर एक कमरा बना है। प्रॉपर्टी टैक्स बिल में निगम ने मकान को तीन मंजिला बना दिया है और उसके हिसाब से प्रॉपर्टी टैक्स का बिल भेज दिया है। मेरा निगम से अनुरोध है कि आप इसे तीन मंजिला बना दो। मैं यह बिल भर दूंगा। इसमें उन्होंने 2400 रुपये कूड़ा शुल्क लगाया है। इसके अलावा बिल में मोबाइल नंबर दिया है, वह भी पता नहीं किसका है। - यशपाल वत्स, सेक्टर 16-17
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नगर निगम और याशी कंपनी का कमाल। प्रॉपर्टी टैक्स बिल में टैक्स 387 रुपये बताया है, जबकि कूड़ा शुल्क 80 हजार रुपये देने को कहा है। मकान मालिक का नाम नरेंद्र कुमार बताया है, जबकि मुझे घर का पुराना मालिक बताया है। - त्रिलोक बंसल, सेक्टर 16-17

- मेरे भी प्रॉपर्टी टैक्स बिल में कई खामियां हैं। अब इन खामियों को ठीक करवाने के लिए निगम कार्यालय के चक्कर काटने पड़ेंगे। - कपिल खट्टर, सेक्टर 16-17

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एजेंसी ने सेक्टर 16-17 में बिल बांटने किए शुरू

एजेंसी ने शहर के सेक्टर 16-17 से बिल बांटने का काम शुरू कर दिया है। फिलहाल इस कार्य के लिए 12 कर्मचारी लगाए हैं। हालांकि अधिकारियों की प्लानिंग थी कि पहले कॉमर्शियल प्रॉपर्टी के बिल बांटे जाए ताकि निगम को टैक्स से ज्यादा आय हो सके। मगर एजेंसी ने अधिकारियों की जानकारी में लाए बिना ही अपने स्तर पर बिल बांटने का काम शुरू कर दिया। अधिकारियों को जब इस बारे में पता चला तो बुधवार को एजेंसी के अधिकारियाें को कार्यालय में बुलाया गया। इस दौरान फैसला हुआ कि बिल बांटने को लेकर वीरवार को निगम कार्यालय में बैठक की जाएगी, जिसमें मेयर, निगमायुक्त, डीएमसी व एजेंसी के अधिकारी मौजूद रहेंगे।



खाली फार्म भरकर मौके पर ही दर्ज करवा सकेंगे आपत्ति
निगम अधिकारियों के अनुसार एजेंसी की तरफ से प्रॉपर्टी मालिक को प्रॉपर्टी टैक्स बिल के साथ एक खाली फार्म भी दिया जाएगा। अगर बिल में किसी तरह की गड़बड़ी है तो प्रॉपर्टी मालिक खाली फार्म में आपत्ति भरकर मौके पर ही दर्ज करवा सकेंगे। यदि प्रॉपर्टी मालिक हाथों-हाथ उस फार्म को नहीं देना चाहता है तो उसे बाद में निगम कार्यालय में जमा करवा सकता है। इस फार्म में आपत्ति को लेकर 17 कॉलम बनाए गए हैं, जिनमें पुरानी आईडी, नई आईडी, कॉलोनी का नाम, लैंड मार्क, परिवार पहचान पत्र, हाउस या प्रॉपर्टी नंबर, यूज सेल्फ या रेंटिड, मोबाइल नंबर, पुत्र या पुत्री या पत्नी, फ्लोर की संख्या, प्लॉट एरिया, फ्लोर, प्रॉपर्टी कैटेगरी, प्रॉपर्टी का प्रकार, कारपेट एरिया और टिप्पणी का कॉलम शामिल है। यदि किसी स्थिति में साक्ष्य दस्तावेजों देने होंगे तो उसका ब्योरा भी इसमें दर्ज करना होगा।



एजेंसी को बांटने होंगे 90 हजार बिल

शहर में कुल 1.50 लाख प्रॉपर्टी हैं, लेकिन इनमें काफी संख्या में खाली प्लॉट भी हैं। निगम अधिकारियों के अनुसार इस हिसाब से एजेंसी को करीब 90 हजार बिल ही बांटने होंगे। खाली प्लॉट के बिलों को लेकर कैंप लगाए जाएंगे। इस कैंप में आकर प्लॉट मालिक अपने बिल ले सकेंगे।




सर्वे करने वाली कंपनी ने सारा सर्वे ही गलत किया है। ऐसे में टैक्स का 90 प्रतिशत डाटा ही गलत है। अब बिल बंटने के साथ ही लोगों को इस बारे में पता चलेगा। अभी तो इसकी शुरुआत हुई है। - अमित ग्रोवर, पार्षद, वार्ड 14
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