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निजी अस्पताल ने 6 दिन में ढाई लाख वसूले, सोशल मीडिया पर किया पोस्ट तो 80 हजार रुपये लौटाए

Tue, 08 Jun 2021 12:06 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 08 Jun 2021 12:06 AM IST
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Private hospital recovered 2.5 lakhs in 6 days, Dr. Ramesh Poonia posted on social media and returned 80 thousand rupees
हिसार। नागरिक अस्पताल से जीव वैज्ञानिक डॉ. रमेश पूनिया ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डाल कर निजी अस्पतालों की मनमानी का खुलासा किया है। इस पोस्ट में उन्होंने बताया कि हिसार के निजी अस्पताल के छह दिन में ढाई लाख रुपये और हांसी के नॉन कोविड अस्पताल द्वारा मरीज से 3 दिन में 60 हजार वसूले हैं। डॉ. रमेश पूनिया के हस्तक्षेप के बाद हिसार के निजी अस्पताल ने पीड़ित परिवार को 80 हजार रुपये लौटा दिए।
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डॉ. रमेश पूनिया ने सोशल मीडिया पर डाली पोस्ट में आरोप लगाया कि हांसी के अस्पताल का मालिक एक अन्य अस्पताल के मालिक के अपहरण के मामले में भी शामिल रहा है। हिसार के निजी अस्पताल में एक चैरिटेबल अस्पताल में काम करने वाले चिकित्सक के बारे में लिखा कि ये चिकित्सक संस्था के अस्पताल में होते हुए भी निजी अस्पताल में मरीजों का चेकअप कर रहा है। डॉ. रमेश पूनिया ने इस अस्पताल का बिल देखा तो अधिक बिल वसूलने में एक ऐसे चिकित्सक की भी हिस्सेदारी थी, जो सभी अस्पतालों की ओवरचार्जिंग इनक्वायरी कमेटी का सदस्य भी है।
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डॉ. रमेश पूनिया ने पोस्ट में लिखा अजीब विडंबना है दोस्तों आज मेरे पास एक ऐसी शिकायत आई उसको देखकर मेरी आंखें फटी की फटी रह गई। एक 27 साल का लड़का 13 मई को पॉजिटिव आया 17 से 20 तक हांसी के एक नॉन कोविड अस्पताल में दाखिल रहा। वहां उससे 3 दिन के लगभग 60000 रुपये ले लिए एक साधारण ऑक्सीजन बेड के लिए। जब मैंने उस चैरिटेबल हॉस्पिटल के मालिक का नाम पता कराया आंखें, फटी की फटी रह गई। क्योंकि वह एक हॉस्पिटल मालिक के अपहरण में शामिल है और जेल के अंदर है।
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हांसी के बाद हिसार में भी अधिक रुपये वसूले गए
21 मई को 27 साल का यह लड़का हिसार के एक हॉस्पिटल में आ गया और उसे सिफारिशों से वेंटिलेटर मिला। 26 मई को वो कोरोना से जंग हार गया और चल बसा। उसकी मौत की वजह से उसके मां-बाप को गहरा धक्का लगा और वो भी एक हॉस्पिटल में उपचाराधीन रहे। खैर भगवान का लाख-लाख शुक्र जो वह दंपती सकुशल अपने घर लौट आए। जिन्होंने अपने जवान बेटे को खोया।
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