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फूड आइटम बेचने वाले स्ट्रीट वेंडर को स्वीगी-जोमैटो से जोड़ने की तैयारी
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हिसार। पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर योजना के तहत शहर के सभी स्ट्रीट वेंडर्स को डिजिटल एक्सपर्ट बनाया जाएगा। इसके लिए यूपीआई अकाउंट व बार कोड बनाए जाएंगे। साथ ही फूड आइटम बेचने वाले स्ट्रीट वेंडर्स को स्वीगी व जोमैटो जैसी फूड डिलिवरी कंपनियों से जोड़ा जाएगा।
बता दें कि केंद्र सरकार डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा दे रही है। इसी के तहत अब स्ट्रीट वेंडर्स को भी डिजिटल लेन-देन करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस योजना के लागू होने से स्ट्रीट वेंडर के साथ-साथ आम जनता को भी फायदा होगा। स्ट्रीट वेंडर को स्वीगी व जोमैटो जैसी फूड डिलिवरी कंपनियों के साथ जोड़ने से लोग घर बैठ स्ट्रीट वेंडर से फल, सब्जी व अन्य खाने-पीने का सामान मंगवा सकेंगे। वहीं इससे स्ट्रीट वेंडर की बिक्री बढ़ेगी। इसके अलावा यूपीआई अकाउंट व बार कोड के बनने से ग्राहकों को भुगतान करने में आसानी होगी।
22 वेंडर्स को जोड़ा जा चुका
लॉकडाउन से पहले शहर में करीब 4100 स्ट्रीट वेंडर थे। फिलहाल निगम में 1816 स्ट्रीट वेंडर्स ने पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर योजना के तहत ऋण के लिए आवेदन किया है। निगम अभी तक 22 स्ट्रीट वेंडर्स को स्वीगी व जोमैटो से जोड़ चुका है।
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एंड्रॉयड मोबाइल नहीं होने से हो रही परेशानी
अधिकारियों के अनुसार काफी स्ट्रीट वेंडर ऐसे हैं, जिनके पास एंड्रॉयड मोबाइल नहीं हैं, उनके पास साधारण मोबाइल है। इससे उनके यूपीआई अकाउंट बनाने में परेशानी आ रही है। इसके अलावा काफी स्ट्रीट वेंडर बुजुर्ग हैं, उनका तर्क रहता है कि उन्हें यह सिस्टम समझ में नहीं आता, इसलिए वह इसे नहीं अपनाना चाहते।
शहर के सभी स्ट्रीट वेंडर्स को डिजिटल एक्सपर्ट बनाया जा रहा है ताकि वह ज्यादा से ज्यादा लेन-देन ऑनलाइन कर सकें। - सुनील गोयल, सीपीओ, नगर निगम
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बता दें कि केंद्र सरकार डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा दे रही है। इसी के तहत अब स्ट्रीट वेंडर्स को भी डिजिटल लेन-देन करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस योजना के लागू होने से स्ट्रीट वेंडर के साथ-साथ आम जनता को भी फायदा होगा। स्ट्रीट वेंडर को स्वीगी व जोमैटो जैसी फूड डिलिवरी कंपनियों के साथ जोड़ने से लोग घर बैठ स्ट्रीट वेंडर से फल, सब्जी व अन्य खाने-पीने का सामान मंगवा सकेंगे। वहीं इससे स्ट्रीट वेंडर की बिक्री बढ़ेगी। इसके अलावा यूपीआई अकाउंट व बार कोड के बनने से ग्राहकों को भुगतान करने में आसानी होगी।
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22 वेंडर्स को जोड़ा जा चुका
लॉकडाउन से पहले शहर में करीब 4100 स्ट्रीट वेंडर थे। फिलहाल निगम में 1816 स्ट्रीट वेंडर्स ने पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर योजना के तहत ऋण के लिए आवेदन किया है। निगम अभी तक 22 स्ट्रीट वेंडर्स को स्वीगी व जोमैटो से जोड़ चुका है।
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एंड्रॉयड मोबाइल नहीं होने से हो रही परेशानी
अधिकारियों के अनुसार काफी स्ट्रीट वेंडर ऐसे हैं, जिनके पास एंड्रॉयड मोबाइल नहीं हैं, उनके पास साधारण मोबाइल है। इससे उनके यूपीआई अकाउंट बनाने में परेशानी आ रही है। इसके अलावा काफी स्ट्रीट वेंडर बुजुर्ग हैं, उनका तर्क रहता है कि उन्हें यह सिस्टम समझ में नहीं आता, इसलिए वह इसे नहीं अपनाना चाहते।
शहर के सभी स्ट्रीट वेंडर्स को डिजिटल एक्सपर्ट बनाया जा रहा है ताकि वह ज्यादा से ज्यादा लेन-देन ऑनलाइन कर सकें। - सुनील गोयल, सीपीओ, नगर निगम