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Hisar News: स्वच्छता में अव्वल आने की तैयारी, बढ़ाई जनभागीदारी, टॉप 50 में आने का लक्ष्य
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हिसार। नगर निगम ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 में अपनी रैंक सुधारने के लिए अभी से कमर कस ली है। निगम ने 12500 अंकों वाली परीक्षा में टॉप 50 में आने का लक्ष्य तय कर अभियान शुरू किया है।
जनभागीदारी के 1500 अंक हासिल करने के लिए हर स्तर पर लोगों को जागरूक करने के लिए डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, नियमित रोड स्वीपिंग, सार्वजनिक शौचालयों की व्यवस्था और कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण पर फोकस किया है। निगमायुक्त नीरज ने बताया कि नगर निगम ने फिजिबिलिटी क्लीयरेंस की प्रक्रिया पर जोर देते हुए शहर में कहीं पर भी कचरा नहीं रहने देने के लक्ष्य पर भी काम शुरू किया है।
सर्वेक्षण के लिए दस मानक बिंदुओं पर निगरानी के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप दी है। उन्होंने बताया कि स्वच्छ सर्वे के लिए जनवरी से ही तैयारी शुरू कर दी थी। मार्च में जनभागीदारी बढा़ने के लिए अलग-अलग स्थानों पर होर्डिंग, बैनर लगाकर और स्लोगन के जरिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। स्वच्छ सर्वे के लिए टीम इसी माह के आखिरी सप्ताह या अप्रैल में कभी भी आ सकती है।
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नगर निगम के पास ठोस कचरा अपशिष्ट प्रबंधन की समुचित व्यवस्था नहीं है। कचरे को संयंत्र पर ले जाकर अलग- अलग किया जाता है। गीले कचरे से खाद बनाने तथा सूखे कचरे को रिसाइकिल करने की व्यवस्था है। नगर निगम के पास कचरे के पूरी तरह निस्तारण की सुविधा नहीं है। निगम की ओर से कचरे से बिजली बनाने के संयंत्र पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इसको लागू करने में अभी कम से कम दो साल का समय लगना तय है।
38 करोड़ के कार्याें को मिली मंजूरी नगर निगम ने इसी माह करीब 25 करोड़ 70 लाख रुपये के कार्यों को मंजूरी दी है। इसके तहत शहर में रोड स्वीपिंग यानी सड़कों की नियमित सफाई कर्मचारियों के माध्यम से कराई जाएगी। इसके लिए 250 सफाई कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। दूसरे प्रस्ताव के तहत हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के सेक्टरों में सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 11 करोड़ 28 लाख रुपये के कार्यों को रेट तय किए हैं। इसके तहत सेक्टरों में नियमित सफाई कराई जाएगी और करीब 80 कर्मचारियों की तैनाती होगी।
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जनभागीदारी के 1500 अंक हासिल करने के लिए हर स्तर पर लोगों को जागरूक करने के लिए डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, नियमित रोड स्वीपिंग, सार्वजनिक शौचालयों की व्यवस्था और कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण पर फोकस किया है। निगमायुक्त नीरज ने बताया कि नगर निगम ने फिजिबिलिटी क्लीयरेंस की प्रक्रिया पर जोर देते हुए शहर में कहीं पर भी कचरा नहीं रहने देने के लक्ष्य पर भी काम शुरू किया है।
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सर्वेक्षण के लिए दस मानक बिंदुओं पर निगरानी के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप दी है। उन्होंने बताया कि स्वच्छ सर्वे के लिए जनवरी से ही तैयारी शुरू कर दी थी। मार्च में जनभागीदारी बढा़ने के लिए अलग-अलग स्थानों पर होर्डिंग, बैनर लगाकर और स्लोगन के जरिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। स्वच्छ सर्वे के लिए टीम इसी माह के आखिरी सप्ताह या अप्रैल में कभी भी आ सकती है।
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नगर निगम के पास ठोस कचरा अपशिष्ट प्रबंधन की समुचित व्यवस्था नहीं है। कचरे को संयंत्र पर ले जाकर अलग- अलग किया जाता है। गीले कचरे से खाद बनाने तथा सूखे कचरे को रिसाइकिल करने की व्यवस्था है। नगर निगम के पास कचरे के पूरी तरह निस्तारण की सुविधा नहीं है। निगम की ओर से कचरे से बिजली बनाने के संयंत्र पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इसको लागू करने में अभी कम से कम दो साल का समय लगना तय है।
38 करोड़ के कार्याें को मिली मंजूरी नगर निगम ने इसी माह करीब 25 करोड़ 70 लाख रुपये के कार्यों को मंजूरी दी है। इसके तहत शहर में रोड स्वीपिंग यानी सड़कों की नियमित सफाई कर्मचारियों के माध्यम से कराई जाएगी। इसके लिए 250 सफाई कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। दूसरे प्रस्ताव के तहत हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के सेक्टरों में सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 11 करोड़ 28 लाख रुपये के कार्यों को रेट तय किए हैं। इसके तहत सेक्टरों में नियमित सफाई कराई जाएगी और करीब 80 कर्मचारियों की तैनाती होगी।