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गर्भवती सहित 20 हार गए कोरोना से जंग, एक होम आइसोलेट 19 थे वेंटिलेटर पर
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जिले में शुक्रवार को सात माह की 27 वर्षीय गर्भवती महिला सहित 20 मरीज कोरोना संक्रमण से अपनी जिंदगी की जंग हार गए। इनमें से एक मरीज होम आइसोलेट था। अन्य 19 मरीज अस्पतालों में वेंटिलेटर पर थे। गर्भवती महिला शहर के जिंदल अस्पताल में दाखिल थी। वह बुड्ढा खेड़ा गांव की रहने वाली थी। शुक्रवार को 1146 नए कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं। 1279 मरीज स्वस्थ होकर घर लौटे। कोरोना से मरने वाले मरीजों का कुल आंकड़ा 687 हो गया है।
अब गर्भवती भी संक्रमण की चपेट में आने के बाद दम तोड़ने के मामले भी सामने आने शुरू हो गए है। जिला अस्पताल में अब तक तीन से चार ऐसी डिलिवरी हो चुकी हैं। डिलिवरी के समय महिलाएं तो संक्रमित मिलीं, लेकिन बच्चे स्वस्थ पाए गए।
स्वास्थ्य विभाग ग्रामीण क्षेत्र में भी सैंपलिंग लेने पर जोर दे रहा है। शुक्रवार को डोभी, मंगाली, पाबड़ा, किनाला और उकलाना खंड सहित कई जगहों पर सैंपलिंग हुई है। सैंपलिंग के नोडल अधिकारी डॉ. सुभाष खतरेजा ने सभी आमजन से सैंपल देते समय सही पता एवं मोबाइल नंबर दर्ज कराने की अपील की है।
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8730 सक्रिय मरीज
जिले में कुल संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 45451 हो गया है। इसके चलते सक्रिय मरीजों की संख्या 8730 हो गई है। इस समय कोरोना से उबरने वाले मरीजों का रिकवरी रेट बढ़कर 79.28 प्रतिशत हो गया है। अब तक 36064 मरीज कोरोना की जंग जीत कर घर लौट चुके हैं।
13 शवों का हुआ अंतिम संस्कार
शहर के ऋषि नगर स्थित श्मशान घाट में नगर निगम की ओर से यूनियन प्रधान प्रवीण कुमार की टीम ने शुक्रवार को कोरोना संक्रमितों के 13 शवों का अंतिम संस्कार करवाया।
शहरी इलाकों में अधिक मौतें
विभाग द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार कोरोना से मरने वालों में एक युवक, 27 वर्षीय महिला सहित पांच महिलाएं और बाकी सीनियर सिटीजन शामिल है। शुक्रवार को 7 ग्रामीणों और बाकी शहरी इलाकों से मौत हुई हैं।
इस समय प्रत्येक गर्भवती को ध्यान रखना भी जरूरी है और घर पर भी मास्क लगाए रखें। घर पर भी बाहरी आवागमन करने वाले परिजनों से दूरी बनाकर रखें। गर्भावस्था में जच्चा-बच्चा दोनों को खतरा रहता है। संक्रमण का प्रभाव सीधा फेफड़ों पर पड़ता है। ऐसे में गर्भवती को खुद भी सांस लेने में दिक्कत रहती है तो बच्चे तक ऑक्सीजन पहुंचना मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति में बच्चे की जान को खतरा अधिक बढ़ जाता है। इसलिए एहतियात बरतना ही समझदारी होगी।
- डॉ. शीतल वर्मा, महिला रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल, हिसार।
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अब गर्भवती भी संक्रमण की चपेट में आने के बाद दम तोड़ने के मामले भी सामने आने शुरू हो गए है। जिला अस्पताल में अब तक तीन से चार ऐसी डिलिवरी हो चुकी हैं। डिलिवरी के समय महिलाएं तो संक्रमित मिलीं, लेकिन बच्चे स्वस्थ पाए गए।
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स्वास्थ्य विभाग ग्रामीण क्षेत्र में भी सैंपलिंग लेने पर जोर दे रहा है। शुक्रवार को डोभी, मंगाली, पाबड़ा, किनाला और उकलाना खंड सहित कई जगहों पर सैंपलिंग हुई है। सैंपलिंग के नोडल अधिकारी डॉ. सुभाष खतरेजा ने सभी आमजन से सैंपल देते समय सही पता एवं मोबाइल नंबर दर्ज कराने की अपील की है।
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8730 सक्रिय मरीज
जिले में कुल संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 45451 हो गया है। इसके चलते सक्रिय मरीजों की संख्या 8730 हो गई है। इस समय कोरोना से उबरने वाले मरीजों का रिकवरी रेट बढ़कर 79.28 प्रतिशत हो गया है। अब तक 36064 मरीज कोरोना की जंग जीत कर घर लौट चुके हैं।
13 शवों का हुआ अंतिम संस्कार
शहर के ऋषि नगर स्थित श्मशान घाट में नगर निगम की ओर से यूनियन प्रधान प्रवीण कुमार की टीम ने शुक्रवार को कोरोना संक्रमितों के 13 शवों का अंतिम संस्कार करवाया।
शहरी इलाकों में अधिक मौतें
विभाग द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार कोरोना से मरने वालों में एक युवक, 27 वर्षीय महिला सहित पांच महिलाएं और बाकी सीनियर सिटीजन शामिल है। शुक्रवार को 7 ग्रामीणों और बाकी शहरी इलाकों से मौत हुई हैं।
इस समय प्रत्येक गर्भवती को ध्यान रखना भी जरूरी है और घर पर भी मास्क लगाए रखें। घर पर भी बाहरी आवागमन करने वाले परिजनों से दूरी बनाकर रखें। गर्भावस्था में जच्चा-बच्चा दोनों को खतरा रहता है। संक्रमण का प्रभाव सीधा फेफड़ों पर पड़ता है। ऐसे में गर्भवती को खुद भी सांस लेने में दिक्कत रहती है तो बच्चे तक ऑक्सीजन पहुंचना मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति में बच्चे की जान को खतरा अधिक बढ़ जाता है। इसलिए एहतियात बरतना ही समझदारी होगी।
- डॉ. शीतल वर्मा, महिला रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल, हिसार।